हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के ब्रह्मगंगा नाले में अपने पार्टनर और साइट मालिक को बचाने वाली विनीता की बहादुरी का किस्सा सुन गाजियाबाद के लोनी में हर आंख नम हो गईं। जैसे ही विनीता के बारे में पता चला, घर पर खैरियत पूछने वालों का तांता लग गया। लोग उसकी बहादुरी की सराहना कर रहे हैं। आपको बता दें कि बुधवार को बादल फटने से मणिकर्ण में ब्रह्मगंगा में आए सैलाब में चार लोग बह गए थे। वीरवार को भी चारों में से किसी का पता नहीं चल पाया है। हालांकि बाढ़ में बहे लोगों की तलाश के लिए दिनभर सर्च ऑपरेशन चलता रहा। लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। विनीता के पिता और परिवार के सदस्य कुल्लू पहुंच गए हैं। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से जानकारी जुटाई है।
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विनीता चौधरी का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला।
गौरतलब है कि बुधवार को बादल फटने के बाद ब्रह्मगंगा नाले (मणिकर्ण, कुल्लू) में सैलाब आया था। सैलाब ब्रह्मगंगा में चल रहे कसोल हाइड रिजॉर्ट नामक कैंपिंग साइट की तरफ बढ़ा था।
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विनीता चौधरी का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
अचानक पानी बढ़ता देख विनीता बिजनेस पार्टनर अर्जुन फारसवाल को बचाने के लिए दौड़ी। इसमें वह कामयाब भी हो गई। हालांकि, पानी के सैलाब में अर्जुन घायल हो गया, लेकिन अर्जुन को बचाते-बचाते पानी विनीता को बहाकर ले गया।
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विनीता चौधरी का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विनीता चौधरी (25) पुत्री विनोद डागर, गांव निस्तौली, नियर टिला मोड़, लोनी रोड, गाजियाबाद यहां बतौर प्रबंधक का काम देख रही थीं। बुधवार को उन्हें दिल्ली जाना था।
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बादल फटने के बाद आया सैलाब
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद यहां दूसरे लोगों की शिफ्ट लगनी थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। विनीता का बिजनेस पार्टनर हादसे में घायल हुआ है। उसे कुल्लू अस्पताल लाया गया है।
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गमजदा विनीता के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
बताया जा रहा है कि वह अभी बयान देने की हालत में नहीं है। जिस समय बादल फटने कि घटना हुई तो विनीता के अलावा पांच लोग और थे। विनीता ने अर्जुन को बहने से बचा लिया लेकिन वह खुद पानी में बह गईं। विनीत के प्रयास से बाकी लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंचे।
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बादल फटने के बाद आया सैलाब
- फोटो : अमर उजाला
विनीता ने पर्यटन व्यवसाय में कोर्स किया था। वह पर्यटन से संबंधित कार्य बेहतर तरीके से कर रही थी। विनीता ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की थी। वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी।
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बादल फटने के बाद आया सैलाब
- फोटो : अमर उजाला
विनीता के पिता बुलंदशहर में अध्यापक हैं। गांव में जैसे ही विनीता के बारे में पता चला, घर पर खैरियत पूछने वालों का तांता लग गया। लोग उसनकी बहादुरी की सराहना कर रहे हैं।
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बादल फटने के बाद आया सैलाब
- फोटो : अमर उजाला
आपको बता दें कि ब्रह्मगंगा नाले में मां-बेटा भी बह गए हैं। वीरेंद्र पुत्र तीर्थ राम, निवासी शांगणा, मणिकर्ण लापता है। वीरेंद्र ब्रह्मगंगा पावर प्रोजेक्ट का कर्मचारी है। दूसरी ओर वीरवार को मणिकर्ण के ब्रह्मगंगा में कई लोग इस तबाही के मंजर को देखने पहुंचे। तबाही के इस मंजर को देखकर हर कोई स्तब्ध था।
नाले में अब चारों ओर बिखरा हुआ मलबा ही मलबा नजर आ रहा है। इसे देखकर हर कोई अंदाजा लगा रहा है कि कि तबाही का वो पल कैसा रहा होगा। लोग हादसे में जान गंवा देने वालों के पास ढांढस बंधाने के लिए आ रहे हैं।