गाजियाबाद जिले के मुरादनगर में रविवार दोपहर गंगनहर-मसूरी मार्ग पर रेलवे पुल से आगे गंगनहर में तेज रफ्तार एक कार जा गिरी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गिरने के बाद कार नहर में करीब 200 मीटर तक तैरती रही। चालक ने शीशा खोलकर सड़क से गुजर रहे लोगों से खुद को बचाने की गुहार लगाई। सूचना के करीब आधे घंटे बाद पुलिस और गोताखोर पहुंचे और कार चालक को बाहर निकाला, लेकिन तब तक वह दम तोड़ चुका था। अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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नहर में गिरी कार
- फोटो : अमर उजाला
मोरटा गांव में राजेंद्र त्यागी अपने बेटे सचिन त्यागी, नितिन त्यागी और तरुण त्यागी (35) के साथ रहते हैं। सबसे छोटा बेटा तरुण पत्नी ललिता त्यागी, बेटी रिद्धि (6) और चार साल के बेटे के साथ राजनगर एक्सटेंशन की वीवीआईपी सोसायटी में में रहते थे। बताया गया कि रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे तरुण त्यागी अपनी कार से गंगनहर पटरी से मसूरी की ओर जा रहे थे।
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नहर में गिरी कार
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रेलवे पुल से करीब एक किमी आगे तरुण पहुंचे तो कार उछलकर नहर में जा गिरी। नहर में गिरी कार करीब 200 मीटर तक तैरती रही। इसी बीच वहां से बाइक सवार से निकल रहे युवक को देख तरुण ने कार का शीशा खोल कर बचाने की आवाज लगाई। हालांकि थोड़ी ही देर में डूब गई। सूचना मिलते ही पुलिस गोताखोरों को लेकर मौके पर पहुंची।
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नहर में गिरी कार
- फोटो : अमर उजाला
मुरादनगर में गंगनहर-मसूरी मार्ग पर रविवार दोपहर गंगनहर में गिरी कार और चालक तरुण की मौत रहस्य भी बन सकती थी, अगर वहां से गुजर रहा बाइक सवार डूब रही कार से तरुण को चिल्लाते हुए नहीं देख लेता। युवक ने डूबती कार को देखकर तत्काल अपनी बाइक रोकी और पुलिस को सूचना दी। हालांकि मौके पर पुलिस और गोताखारों को पहुंचने में आधा घंटा लग गया।
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नहर में गिरी कार
- फोटो : अमर उजाला
गनीमत रही कि वह बाइक सवार उस समय गंगनहर पटरी से गुजर रहा था तो उसने डूब रही कार से तरुण को जान बचाने के लिए चिल्लाते देख लिया था। गंगनहर में कार गिरने की सूचना पर आसपास के गांव के लोगों की मौके पर भीड़ जमा हो गई। गोताखोरों की मदद से कार चालक तरुण को बाहर निकाला। इसके बाद क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला गया।
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नहर से निकाला गया शव
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नहर किनारे होती दीवार तो बच जाती जान
मुरादनगर पुल से बागपत की ओर गंगनहर पटरी के किनारे बराबर दीवार बनी हुई है, जिससे की कोई वाहन एक दम नहर में न गिर सके। गंगनहर कांवड़ मार्ग पर रोजाना हजारों की संख्या में वाहनों का आवागमन है। गंगनहर से मसूरी मार्ग की तरफ नहर के किनारे कोई दीवार नहीं है। अगर गंगनहर के किसाने दीवार बनी होती तो शायद कार नहर में न गिरती और तरुण की जान बच जाती।
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नहर में गिरी कार
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सिंचाई विभाग मेरठ डिवीजन के एक्सईएन आशुतोष का कहना है कि गंगनहर-मसूरी मार्ग मेरठ व बुलंदशहर डिवीजन में आता है। उनका कहना है कि गंगनहर मसूरी मार्ग गांवों का मार्ग है, ट्रैफिक कम चलने के कारण गंगनहर किनारे सुरक्षा दीवार नहीं है। बताया कि पीडब्यूडी द्वारा सड़क बनाने के बाद गंगनहर के किनारे की दीवार बनाई जाएगी।
पिछले साल भी गिरी थी कार, चार की हुई थी मौत
एक फरवरी 2020 : गंगनहर पटरी पर डिडौली गांव के सामने तेजरफ्तार कार दीवार को तोड़ती हुई नहर में गिरी थी। हादसे में कार सवार दो युवती व दो युवकों की मौत हो गई थी।
18 जुलाई 2020 : मसूरी थाना क्षेत्र में नाहल पुलिस चौकी के पास एक वैगन आर कार गंगनहर में गिर गई थी। हादसे में पिता-पुत्र की मौत हो गई थी।