यूपी में हुई गैंगरेप और हत्याकांड की वारदात ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। कार सवार दरिंदों ने दो लड़कियों को नौकरी का झांसा देकर गाड़ी में बैठाया। इसके बाद बीयर खरीदी। जबरन लड़कियों को बीयर पिलाई गई। विरोध करने पर एक लड़की को मेरठ में फेंक दिया। दूसरी लड़की से हाईवे पर तीन युवकों ने दरिंदगी की। जानिए पूरी कहानी
छह मई 2025। शाम करीब सात बजे का वक्त था। धुंधला होने लगा था। ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर इलाके में एक लड़की अपनी सहेली के साथ काम की तलाश में खड़ी थी, उसे अंदाजा नहीं था कि आज क्या होने वाला है। उसके सामने एक कार रुकी। कार में दो लड़के थे, उनमें से एक लड़के को वो पहले से जानती थी। लड़के ने उसे काम दिलाने की बात कही, दोनों लड़कियां कार में बैठ गईं। कार ग्रेटर नोएडा के एक ठेके पर रुकी। वहां से बीयर खरीदी गईं। अब गाड़ी में बज रहा म्यूजिक तेज हो गया, काले रंग के शीशे बंद हो गए। गाजियाबाद के लोनी पहुंचने पर एक और लड़का भी कार में बैठ गया। इसके कुछ देर बाद लड़कियों को जबरन बीयर पिला दी गई।
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Bulandshahr harassment
- फोटो : संवाद
गाड़ी मेरठ की तरफ दौड़ने लगी, लड़कियों के साथ छेड़खानी शुरू हो गई। लड़कियों ने खुद को बचाने की कोशिश की, शोर मचाने का प्रयास किया, अब लड़कों के भीतर का हैवान जाग चुका था, विरोध बर्दाश्त के बाहर हो चुका था। कार हाईवे पर दौड़ती रही। गाजियाबाद से बागपत पहुंच गई, यहां से वापस मेरठ लौटकर आई, इस दौरान विरोध करने वाली एक लड़की को चलती कार से बाहर फेंक दिया गया। कार में दूसरी लड़की सहम गई, अब शुरू हुई दरिंदगी, चलती कार में लड़के एक के बाद एक उस लड़की के साथ दरिंदगी करते रहे।
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पुलिस की गिरफ्त में दुष्कर्म के आरोपी संदीप
- फोटो : संवाद
रातभर दरिंदगी के बाद कार सुबह में बुलंदशहर के खुर्जा इलाके में पहुंची, लड़कों का मन जब दरिंदगी से भर गया तो आखिरकार उस लड़की को भी कार से फेंक दिया, लेकिन वो लड़की मरी नहीं थी, और ना ही मरी थी उसकी हिम्मत। वह यहां से अज्ञात व्यक्ति के साथ पुलिस के पास पहुंची और पूरी जानकारी पुलिस को दी।
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पुलिस की गिरफ्त में दुष्कर्म के आरोपी गौरव
- फोटो : संवाद
मेरठ में पुलिस को मिली थी लड़की की लाश
सात मई की सुबह मेरठ पुलिस को जानी थाना इलाके में हाइवे पर एक लड़की की लाश पड़ी मिली, ये वही लड़की थी जिसको तीनों लड़कों ने शोर मचाने पर चलती कार से फेंक दिया था, लाश की स्थिति बेहद खराब थी। पुलिस ने लाश से जुड़ी डिटेल नोट की। पहचान करने, पहचान कराने की कोशिश की, लेकिन न तो वहां से कोई मोबाइल मिला और न ही वहां से कोई और ऐसी चीज मिली जिससे लड़की की पहचान हो सके, लाश को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया। दूसरी तरफ बुलंदशहर के खुर्जा इलाके में जिस लड़की को कार से फेंक दिया गया था, वो काफी देर तक पड़ी रही लेकिन वो जिस जगह पड़ी थी, वहां से कुछ दूर पर देवी मां का एक बेहद पुराना मंदिर है।
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पुलिस की गिरफ्त में दुष्कर्म के आरोपी अमित
- फोटो : संवाद
इस पीड़ित लड़की को काफी देर के बाद शरीर में कुछ ताकत महसूस हुई तो वो जैसे तैसे खड़ी हुई, और खुर्जा पुलिस के पास पहुंची। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया, उसकी सहेली के बारे में भी आस-पास के जिलों में पता करना शुरू कर दिया। मेरठ पुलिस ने बुलंदशहर की खुर्जा पुलिस को उस लाश के बारे में बताया जो उसे जानी इलाके से मिली थी। खुर्जा की पुलिस ने इस बीच नोएडा से पीड़ित लड़की के परिवार को बुला लिया था। अब पुलिस ने पीड़ित लड़की से दूसरी लड़की के शव की पहचान कराई। लड़की ने अपनी सहेली को देखते ही रोना शुरू कर दिया।
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अरनिया क्षेत्र में दुष्कर्म के आरोपियों की कार
- फोटो : संवाद
पीड़ित किशोरी ने पुलिस को बताई पूरी कहानी
पुलिस ने मृतक लड़की के शव का पोस्टमार्टम कराया और शव को उसके परिजनों को सौंप दिया। इधर बची हुई पीड़ित लड़की से लड़कों के बारे में जानकारी हासिल करनी शुरू कर दी। लड़की ने पुलिस को बताया कि "मैं प्रतापगढ़ की रहने वाली हूं, नोएडा में अपने मामा के पास रहती हूं, वो किराए के घर में रहते हैं। मैं आठवीं तक पढ़ी हूं और मेरी उम्र करीब 17 साल है। 6 मई को मैं अपनी सहेली के साथ सूरजपुर कोर्ट नंबर तीन के सामने गई थी, वहां अमित कार लेकर आया। मैं उसे पहले से जानती थी। उसने कहा कि चलो मैं तुम्हारी नौकरी की बात करता हूं। मैं पहले भी उससे नौकरी के सिलसिले में मिली थी। उसके साथ कार मैं संदीप भी था।
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आरोपियों की कार और हथियार
- फोटो : अमर उजाला
विरोध करने पर एक किशोरी को कार से फेंका
उन्होंने मुझे और मेरी सहेली को कार में बैठा लिया, उस वक्त रात के आठ बजे थे। वो दोनों हम लोगों को ग्रेटर नोएडा के जगत फॉर्म पर ले गए, वहां उन लोगों ने बीयर खरीदी। मुझे और मेरी सहेली को जबरदस्ती बीयर पिलाई। करीब डेढ़ बजे तक वे लोग हमें नोएडा में घुमाते रहे। ढाबे पर खाना खिलाने की बात कही लेकिन ढाबे पर कार नहीं रोकी। कार आगे लेकर पहुंच गए। हम दोनों ने विरोध किया लेकिन वो लोग नहीं माने। उन्होंने किसी को फोन किया, एक और लड़के को बुला लिया। उस तीसरे लड़के ने मुझे थप्पड़ मारा। मेरी सहेली ने मारपीट का विरोध किया। इस पर उसे धक्का मारकर गाड़ी से गिरा दिया। इसके बाद वो मुझे सुनसान इलाके में ले गए, तीनों ने एक-एक करके मेरे साथ दुष्कर्म किया। मुझे जान से मारने की धमकी दी। 7 तारीख की सुबह सात बजे खुर्जा के मंदिर के पास मुझे उतार दिया। किसी अज्ञात व्यक्ति की मदद से मैं थाने पहुंचकर अपने साथ और अपनी सहेली के साथ हुई घटना की सूचना दे रही हूं।"
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पकड़े गए आरोपी
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इसके बाद शुरू हुआ आरोपियों की पहचान और उनको तलाश करने का सिलसिला। सात तारीख का दिन बीत रहा था, पुलिस के पास लड़कों के नाम तो थे लेकिन ये नहीं पता था कि ये लोग कहां मिलेंगे। अमित और संदीप के साथ वो तीसरा आरोपी कौन था, ये भी पुलिस को नहीं पता था। पुलिस को केवल ये पता था कि एक आरोपी अमित नोएडा का रहने वाला है और दूसरा आरोपी संदीप भी नोएडा का ही रहने वाला है।
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मुठभेड़ के बाद बरामद हथियार
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस से मुठभेड़ में आरोपियों को लगी गोली
पुलिस ने इनकी तलाश में जाल बिछाना शुरू कर दिया, लेकिन शायद आरोपियों को भी इस बात की भनक लग गई थी। आरोपियों ने शहर छोड़ने का प्लान बना लिया था। वो अपनी कार में बैठकर भागने की तैयारी में थे, इधर पुलिस ने इस बात के इंतजाम कर लिए थे कि ये लोग भाग न सकें। बुलंदशहर और अलीगढ़ के बीच में एक जगह है अरनिया। यहां 10 तारीख की दोपहर करीब एक बजे आरोपियों को पुलिस ने घेर लिया। आरोपियों ने खुद को घिरता देख पुलिस पर फायरिंग कर दी। इसके जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। दो आरोपियों के पैर में गोलियां लगीं, तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार आरोपी गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
अब आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और पीड़िता सदमे में। लेकिन यहां कुछ सवाल हैं, ये सवाल सिस्टम पर हैं। सवाल ये है कि शाम से लेकर सुबह तक आरोपी लड़कियों को लेकर कार से घूमते रहे, एक्सप्रेस-वे और हाईवे पर घूमते रहे। इस दौरान उनकी कार करीब छह जिलों से गुजरी। गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, बागपत, मेरठ, हापुड़ और बुलंदशहर से निकली। रास्ते में कई टोल प्लाजा पड़े लेकिन किसी ने पीड़ित लड़कियों की आवाज कैसे नहीं सुनी? हाई लेवल सीसीटीवी कैमरे से क्यों नहीं देख पाए कि कार में कुछ गलत हो रहा है? हाईवे पुलिस ये क्यों नहीं देख पाई कि गाड़ी के शीशे काले हैं? हाइवे पुलिस और डायल 100 ये क्यों नहीं देख पाए कि बीच सड़क एक लड़की को कार से फेंक दिया गया? उस लड़की के परिजनों का क्या जिनकी बेटी अब इस दुनिया में नहीं है। क्या उसे इंसाफ मिल पाएगा? सवाल कई हैं लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही कि इंसाफ कैसे होगा? कब होगा?