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लोनी अग्निकांड में तीन भाइयों का परिवार तबाह, मेरठ तक पहुंची चीत्कारों की गूंज

Tue, 31 Dec 2019 09:13 AM IST
शाहरुख खान माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद
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Ghaziabad fire - फोटो : अमर उजाला
पांच भाइयों की एकजुटता गांव के लोगों के लिए नजीर थी। सबसे बड़े भाई यूसुफ की पत्नी परवीन को बच्चे नहीं हुए, लिहाजा बाकी भाइयों के बच्चों को अपने बच्चों की तरह मानती थी। संयुक्त परिवार में सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन हादसे ने तीन भाइयों का परिवार तबाह कर दिया। कमरे में छह शव देखकर परिजनों का कलेजा फट गया, वहीं, मेरठ में राशिद को ये सूचना मिली तो वह भी अवाक रह गया। वह माथा पकड़कर जमीन पर बैठ गया, उसकी पत्नी तौसीफ दहाड़े मारकर रोने लगी। उधर, पत्नी परवीन की मौत की सूचना पाकर गांव गया यूसुफ भी बेचैन हो गया।
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Ghaziabad fire - फोटो : अमर उजाला
राशिद के बेटे अब्दुल अजीम व अब्दुल आहद गांव के ही सरस्वती मॉडर्न पब्लिक स्कूल में कक्षा एक व नर्सरी में पढ़ते थे। वहीं, आसिफ की बेटियां फातिमा, साइमा व रुकैय्या आरके जूनियर हाईस्कूल में कक्षा 3 व 2 में पढ़ती थीं। सभी बच्चों की परीक्षा चल रही थी। इसी के चलते राशिद दोनों बेटों को घर छोड़ गया था। रविवार रात उसने घर फोन कर बच्चों का हाल-चाल भी पूछा था। साथ ही सुबह समय से उठने और परीक्षा देने जाने की बात भी कही थी। लेकिन राशिद को क्या पता था कि अब बेटों से उसकी दोबारा बात नहीं हो सकेगी।
 
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घर में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
बाहर बिल्कुल सामान्य, अंदर दमघोंटू धुआं
शबनूर बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करने को उठाने गई। कोई जवाब न मिलने पर आसिफ ने दोनों भाइयों जावेद व आरिफ को आवाज लगाई। कमरे के बाहर का माहौल बिल्कुल सामान्य था, लिहाजा हादसे का जरा भी अंदेशा नहीं था। काफी देर तक दरवाजा पीटने के बाद भी कोई आवाज नहीं आई तो दरवाजा तोड़ना पड़ा। अंदर का माहौल पूरी तरह जानलेवा था। दमघोंटू धुएं में कोई अंदर नहीं घुस सका। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी भी इकट्ठा हो गए। जैसे-तैसे मशक्कत से अंदर जाकर बेड पर पड़े पांचों शव बाहर निकाले गए।

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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
मेरठ तक पहुंची चीत्कारों की गूंज
चचेरे भाई की शादी में मेरठ के जानी कलां गए राशिद के दो बेटे भी हादसे का शिकार हो गए। जैसे ही परिजनों ने सूचना दी तो ऐसा आघात लगा कि माथा पकड़कर जमीन पर बैठ गया। पत्नी तौसीफ भी समझ गई थी कुछ बड़ी घटना हुई है। रोते-बिलखते राशिद के बताने पर उसकी भी हालत बिगड़ गई।
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मृतक साइमा का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
एलईडी में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में दम घुटने से कमरे में सो रहे पांच बच्चों व एक महिला की मौत हो गई। ये दर्दनाक हादसा लोनी बॉर्डर थानाक्षेत्र के बेहटा हाजीपुर की उत्तरांचल विहार सोसायटी में हुआ। सोमवार सुबह घटना का पता लगने पर परिवार में कोहराम मच गया।
 
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मौके पर जमा भीड़ - फोटो : अमर उजाला
मूलरूप से मेरठ के जानी कलां निवासी यूसुफ (40) करीब आठ साल पहले अपने भाइयों आसिफ, राशिद, जावेद व आरिफ के साथ बेहटा हाजीपुर की उत्तरांचल विहार कॉलोनी में आकर बस गए थे। सभी भाई चार्जर की रिपेयरिंग व स्क्रैप का कारोबार करते हैं। चचेरे भाई की शादी के कारण रविवार को यूसुफ, भाई राशिद व आसिफ तथा राशिद की पत्नी तौसीफ गांव जानी कलां गए हुए थे। 
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मृतक फातिमा का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बच्चों की परीक्षा होने के कारण राशिद अपने दो बेटों अब्दुल अजीम (7), अब्दुल आहद (5) तथा आसिफ अपनी तीन बेटियों फातिमा (8), साइमा (6) व रुकैय्या (4) को घर छोड़ गए थे। राशिद अपने डेढ़ वर्षीय बेटे मोहम्मद साद को अपने साथ ले गए थे। बच्चों की देखरेख की जिम्मेदारी यूसुफ की पत्नी परवीन (35) पर थी। रविवार शाम को आसिफ गांव से लौट आया था। रात में वह ग्राउंड फ्लोर पर बने कमरे में पत्नी शबनूर व 6 वर्षीय बेटे के साथ सो गया। जबकि परवीन पांच बच्चों अजीम, आहद, फातिमा, साइमा व रुकैय्या को लेकर राशिद के कमरे में सो गई।
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Ghaziabad fire - फोटो : अमर उजाला
पोस्टमार्टम से इनकार, मेरठ में शव हुए सुपुर्दे खाक
सूचना पर दमकल विभाग, पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने लगी तो परिजनों ने इनकार कर दिया। एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि शाम को मेरठ के जानी कलां में शव सुपुर्दे खाक कर दिए गए।
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