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मोदीनगर सभासद पति पर हत्या का मुकदमा, लिखी पोस्ट- ‘रणभूमि सज चुकी है, यह तो मात्र ट्रेलर था...पिक्चर अभी बाकी है’

Wed, 26 Aug 2020 06:03 PM IST
पूजा त्रिपाठी योगेंद्र सागर, अमर उजाला, गाजियाबाद
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अक्षय हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद के मोदीनगर में अक्षय की हत्या के बाद फेसबुक पर डाली गई एक पोस्ट ने खूनखराबे का बेखौफ अंदाज सबके सामने ला दिया है। यह पोस्ट अक्षय के हत्यारोपी और सभासद पति सप्पू गुर्जर ने डाली है। उसने लिखा है कि यह तो सिर्फ ट्रेलर था... पूरी पिक्चर अभी बाकी है। हत्या के चंद घंटों बाद डाली गई पोस्ट ने पुलिस और पीड़ित परिजनों में हड़कंप मचा दिया। इस पोस्ट ने हमलावर बेनकाब कर दिए तो वहीं, हमलावरों के मंसूबे भी जाहिर हो गए।
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akshay murder case - फोटो : अमर उजाला
मोदीनगर नगरपालिका की सभासद के पति सप्पू गुर्जर को अक्षय की हत्या में नामजद आरोपी बनाया गया है। सप्पू गुर्जर ने फेसबुक पर डाली पोस्ट में लिखा है कि रणभूमि सज चुकी है। विरोधियों का स्वागत कर दिया गया है। खुला चैलेंज करते हुए लिखा है कि जिसका मन करता हो वह मैदान में जोर आजमाइश कर ले।
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akshay murder case - फोटो : अमर उजाला
पोस्ट डालते ही शुरू हो गया 'कमेंटवार'
 फेसबुक पर सप्पू की पोस्ट देखते ही अक्षय के परिजन पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचे और पूरे मामले से अवगत कराया। वहीं, पोस्ट डलते ही उस पर कमेंटवार शुरू हो गया। सप्पू के समर्थकों ने खूनखराबे के इस सिलसिले को आखिरी अंजाम तक पहुंचाने के लिए उकसाया तो वहीं, अक्षय गुट के लोगों ने पप्पू को गाली-गलौज करते हुए तमाम आपत्तिजनक कमेंट लिखे। दोनों तरफ से की जा रही कमेंटबाजी से जाहिर है कि खूनी रंजिश न सिर्फ जमीनी तौर पर शुरू हो चुकी है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी आ गई है।

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akshay murder case - फोटो : अमर उजाला
अश्वनी तो दोस्त था, विरोधियों ने अपने खेमे में मिला लिया : अक्षय की हत्या में निवाड़ी थाना क्षेत्र के गांव पतला निवासी अश्वनी को भी नामजद किया गया है। अक्षय के पिता जितेंद्र का कहना है कि अश्वनी उनके बेटे अक्षय का जिगरी दोस्त था। विरोधियों ने अक्षय की सटीक जानकारी लेने के लिए दोस्त अश्वनी को अपने खेमे में मिला लिया।
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akshay murder case - फोटो : अमर उजाला
हम शांति चाहते थे, उन्होंने खूनखराबा चुना : अक्षय के परिजनों का कहना है कि वह मामले को शांत करना चाहते थे। अक्षय के पिता जितेंद्र का कहना है कि वह शांति चाहते थे, लेकिन दिप्पन पक्ष के लोगों ने खूनखराबा चुनते हुए उनके बेटे की हत्या कर दी। वहीं, अक्षय की हत्या के बाद दोनों गुटों के लोगों का कहना है कि यह खूनी रंजिश आगे भी जारी रह सकती है।
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