गाजियाबाद बच्ची का शव ले जाते हुए
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मां को देखने के लिए वह कमरे कुर्सी लेकर आई और उस पर खड़ी हो गई, लेकिन इसके बावजूद वह नीचे नहीं देख पाई तो उसने कुर्सी पर ही एक प्लास्टिक का पटरी रख दी, जिस पर वह खड़ी हो गई। वह नीचे झांकने लगी और गिर गई। वह पहली मंजिल पर बनी लोहे की ग्रिल पर जाकर गिरी, जिसके बाद वह सड़क किनारे खड़ी स्कूटी पर जाकर गिरी, जिसके बाद शीशे की रॉड उसके पेट में घुस गई। इसके कारण उसकी मौत हो गई।