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मां की तलाश में 12वीं मंजिल से स्कूटी पर गिरी 5 साल की बच्ची, पेट में घुसी रॉड

Fri, 26 Apr 2019 05:14 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
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- फोटो : अमर उजाला
मां, नंदिका को सोता छोड़कर सोनाक्षी को लेने के लिए घर से बाहर गई थी, लेकिन उसे नहीं पता था कि जरा सी लापरवाही इतनी भारी पड़ने वाली है। नंदिका का शव जब घर पहुंचा तो शिखा का धैर्य जवाब दे गया। वह मासूम के शव से लिपटकर बिलख-बिलखकर रोने लगी। बोली मेरी नन्ही परी मुझे छोड़कर चली गई। नन्ही परी तुम लौटकर आ जाओ।
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- फोटो : अमर उजाला
परिजनों के मुताबिक शाम पांच बजकर बजे मृतका नंदिका की मां शिखा अपनी बड़ी बेटी को डांस क्लास से लेने के लिए घर से गई थीं। हालांकि शिखा ने घर से बाहर जाने से पहले पूरी तैयारी की थी। उन्होंने बालकनी का गेट ऊपर से बंद किया था, उन्हें ये आभास था कि अगर नंदिका नींद से जागी तो वह बालकनी में आ सकती है।
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- फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा वह घर में टीवी पर कार्टून का चैनल भी लगाकर गई थीं कि अगर नंदिका जागी भी तो वह हॉल में आकर टीवी देख लेगी। इस बीच उनके जाने के बाद नंदिका नींद से जागी और उसने देखा कि घर में उसकी मां नहीं है तो मां को देखने के लिए उसने रसोई का गेट खोला, लेकिन वह नीचे नहीं देख पा रही थी।

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गाजियाबाद बच्ची का शव ले जाते हुए - फोटो : अमर उजाला
मां को देखने के लिए वह कमरे कुर्सी लेकर आई और उस पर खड़ी हो गई, लेकिन इसके बावजूद वह नीचे नहीं देख पाई तो उसने कुर्सी पर ही एक प्लास्टिक का पटरी रख दी, जिस पर वह खड़ी हो गई। वह नीचे झांकने लगी और गिर गई। वह पहली मंजिल पर बनी लोहे की ग्रिल पर जाकर गिरी, जिसके बाद वह सड़क किनारे खड़ी स्कूटी पर जाकर गिरी, जिसके बाद शीशे की रॉड उसके पेट में घुस गई। इसके कारण उसकी मौत हो गई।
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बच्ची नंदिका - फोटो : अमर उजाला
बिलखते हुए बोलीं मां, मेरी नन्हीं परी मुझे छोड़कर चली गई
परिजनों ने बताया कि छोटी बेटी नंदिका अपनी मां शिखा की घर में सबसे लाडली थी। नंदिका के पिता उसका शव लेकर घर पहुंचे तो शिखा नंदिका से लिपटकर रोई। रोते हुए कहा कि नंदिका ही उसकी नन्हीं परी है, जोकि उसे अब छोड़कर चली गई। बिलखते हुए मां बोली कि नंदिका तुम लौटकर आ जाओ। वहीं, बेटी की मौत के बाद पिता वैभव गुमसुम हो गए। पड़ोसियों ने ढांढस बंधाया। बिल्डर की लापरवाही भी बनी नंदिका की मौत का काल परिवार व सोसायटी के लोगों का कहना है कि नंदिका की मौत की वजह बिल्डर भी है। उन्होंने बताया कि बिल्डर ने सोसायटी में केवल तीन फिट तक की लोहे की ग्रिल लगवा रखी है। जबकि बिल्डर को हाईराइज बिल्डिंग में चार से पांच फीट की ग्रिल लगवानी चाहिए। इससे बच्चे सुरक्षित रहेंगे और इस तरह से हादसों का शिकार नहीं होंगे।
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इसी स्कूटी पर गिरकर फिर जमीन पर गिरी थी बच्ची - फोटो : अमर उजाला
वेंटिलेटर एंबुलेंस मिलती तो बच सकती थी नंदिका की जान
रेजिडेंट्स ने बताया कि वह घायल नंदिका को एक महिला की कार में लेकर साबेरी के निजी अस्पताल में पहुंचे थे, जहां डॉक्टर्स ने उसे प्राथमिक उपचार किया और उसे गंभीर हालात में नोएडा के फोर्टिस अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। इस बीच रेजिडेंट्स ने अस्पताल से वेंटिलेटर एंबुलेंस की डिमांड की, लेकिन उन्हें मिल नहीं सकी, जिसके बाद वह साधारण एंबुलेंस से ही नंदिका को लेकर नोएडा तक गए, जिसके चलते उसकी रास्ते में मौत हो गई।
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गाजियाबाद में बच्ची 12वीं मंजिल से गिरी - फोटो : अमर उजाला
हाइराइज सोसायटी में नहीं है कोई अस्पताल
क्रांसिग्स रिपब्लिक सोसायटी में रहने वाले लोगों ने बताया कि सोसायटी में कोई भी अस्पताल नहीं है। इसके कारण इलाके के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि आपातकालीन स्थिति में लोगों को नोएडा और दिल्ली की ओर भागना पड़ता है, जिसके चलते अब तक कई मौत हो चुकी हैं।

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- फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद में हर साल 50 से अधिक हुई मौत
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पिछले दो सालों में छत से गिरकर मरने वाले लोगों की संख्या करीब 100 है। इससे स्पष्ट होता है कि हर साल 50 से अधिक लोग छत से कूदकर और गिरकर अपनी जान गंवा रहे हैं। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक इंदिरापुरम क्षेत्र में अब तक 35 लोग छत से गिरकर मौत के हवाले हुए हैं। इसका कारण हादसा और आत्महत्या है।

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- फोटो : अमर उजाला

ये बरतें सावधानियां

- बहुमंजिला इमारतों में लोहे की ग्रिल कम से कम पांच फिट ऊंची रखें

- छोटे बच्चों को बालकनी की ओर न जाने दें

- अगर छोटे बच्चे घर में हैं तो बालकनी का दरवाजा बंद रखें

- छोटी बालकनी वाले मकान व फ्लैट न खरीदें

- बिल्डिंग के पहली मंजिल पर प्लास्टिक का सुरक्षा जाल बांधे

- बच्चों को घर में अकेला न छोड़े

- ऐसी ग्रिल का प्रयोग करें, जिस पर बच्चे चढ़ न सकें
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सांकेतिक तस्वीर

हाल में हुई बिल्डिंग से मौत के मामले

- जनवरी 2019 - राजनगर एक्सटेंशन की सोसायटी में नौंवी मंजिल से गिरकर हुई थी पांच साल के बच्चे की मौत

- 29 जुलाई 2018 नीतिखंड-1 में निर्माणाधीन इमारत की पांचवीं मंजिल से गिरे 13 साल के बच्चे की मौत।

- 30 मई 2018 कौशांबी की अंतरिक्ष ग्रीन सोसायटी की दूसरी मंजिल से गिरे छह साल के बच्चे की मौत।

- 13 अप्रैल 2018 अहिंसा खंड-2 की एंजेल जुपिटर सोसायटी की 13वीं मंजिल से गिरकर बबली की मौत।

- अप्रैल 2018 विक्रम एंकलेव में दूसरी मंजिल की सीढ़ियों से गिरकर दो वर्ष की बच्ची की मौत।

- अप्रैल 2018 को गोड होम्स में 11वीं की छात्रा की मौत।

- फरवरी 2018 गोल्फ ग्लोबल विलेज में छात्र की मौत।

- जनवरी 2018 गोविंदपुरम स्थित एक सोसायटी से बुजुर्ग की मौत।

- मार्च 2018 राजनगर की केडब्ल्यूसी सृष्टि सोसायटी में पांचवी मंजिल से गिरकर 5 साल के बच्चे की मौत।

- फरवरी 2018 इंदिरापुरम के जयपुरिया सनराइज ग्रीन सोसाइटी की दसवें फ्लोर से गिरकर 4 वर्षीय मासूम की मौत

- नवंबर 2017 खोड़ा के शंकर विहार में गिरकर दो साल के बच्चे की मौत।

- मई 2017 वसुंधरा सेक्टर-11 की निर्माणाधीन इमारत की 5वी मंजिल से गिरकर मजदूर की मौत

- जुलाई-2015 इंदिरापुरम की आदित्य मेगा सिटी सोसायटी में युवक की 8वी मंजिल से गिरकर मौत।
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