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दिल्लीः ई-रिक्शा संचालकों से कुछ यूं मिलीं जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल, देखें तस्वीरें

Sat, 02 Nov 2019 02:15 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : ani
जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल शुक्रवार यानी एक नवंबर से भारत के दो दिवसीय दौरे पर हैं। शनिवार को अपने भारत प्रवास के दूसरे दिन एंजेला मर्केल ने बड़ी घोषणा करते हुए भारत में एक बिलयन यूरो(करीब 8 करोड़ रुपये) का निवेश करने की घोषणा की है। जर्मनी यह निवेश भारत में हरित परिवहन के लिए करेगा। दरअसल जर्मनी भारत को ई-रिक्शा और ई-बसों जैसे उत्पादों को मुहैया कराने में यह निवेश करने वाला है। इसी सिलसिले में एंजेला मर्केल आज दिल्ली के द्वारका सेक्टर-21 में ई-रिक्शा संचालकों से मिलीं।
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- फोटो : ani
एंजेला ने ई-रिक्शा संचालकों से दिल्ली की स्थिति के बारे में बात की। साथ ही ई-रिक्शा के बारे में भी बात की। यह संयोग ही है कि जिस समय एंजेला मर्केल दिल्ली आई हैं उस वक्त राजधानी प्रदूषण के मामले में सबसे बुरे हालात से गुजर रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए एंजेला ने शनिवार को अपने संबोधन में कहा कि भारत और जर्मनी पर्यावरण संरक्षण और हरित परिवहन के क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाएंगे, जिसके लिए जर्मनी एक बिलियन यूरो का निवेश करने वाली है।
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- फोटो : ani
मर्केल ने ये भी बताया कि जर्मनी तमिलनाडु में बस सेक्टर में भी 200 मिलियन यूरो का निवेश करेगा। दिल्ली के प्रदूषण पर बोलते हुए मर्केल ने कहा कि प्रदूषण की भयावहता को देखते हुए यह अच्छा रहेगा कि हम डीजल की जगह इलेक्ट्रिक बसों को रिप्लेस कर दें।

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- फोटो : पीटीआई

आतंक के खिलाफ जंग में भारत-जर्मनी साथ-साथ, 20 समझौतों पर दस्तखत

5 साझा सहयोग के घोषणापत्राें पर भी हुए करार
दो दिवसीय दौरे पर भारत आईं जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल से शुक्रवार को हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आतंकवाद और उग्रवाद जैसे खतरों से निपटने के लिए जर्मनी ने और ज्यादा सहयोग का भरोसा दिया है। दोनों देश आतंक के खिलाफ लड़ाई में एक-दूसरे का साथ देंगे। अपने द्विपक्षीय रिश्तों और सहयोग को और भी ज्यादा मजबूत करेंगे। वहीं, विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और जर्मनी के बीच कृषि, समुद्री तकनीक, आयुर्वेद और योग समेत 20 समझौतों पर दस्तखत हुए। मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि इन समझौतों के अलावा पांच साझा सहयोग के घोषणापत्रों पर भी करार हुए।
 
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- फोटो : पीटीआई
जिन समझौतों पर दस्तखत हुए हैं, उनमें अंतरिक्ष, उड्डयन, नौसेना तकनीक, चिकित्सा, शिक्षा, रक्षा, तकनीक, शिक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन करार के बाद पीएम मोदी ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 2022 में स्वतंत्र भारत 75 वर्ष का होगा। तब तक हमने नए भारत के निर्माण का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य के लिए जर्मनी की क्षमताएं उपयोगी होंगी। उन्होंने कहा, स्मार्ट सिटी, इनलैंड वाटरवेज, नदियों की सफाई और पर्यावरणीय क्षेत्र में सहयोग का फैसला लिया गया है। 
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- फोटो : पीटीआई
मोदी ने कहा, हम दोनों देशों के रिश्ते लोकतांत्रिक और कानून पर आधारित हैं। यही कारण है कि दुनिया के बड़े और गंभीर मामलों पर हमारे विचार एक से हैं। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए जर्मनी के सशक्त समर्थन करने पर हम आभारी हैं। दोनों देश सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए एक दूसरे का सहयोग करते रहेंगे। इससे पहले राष्ट्रपति भवन में मर्केल का औपचारिक स्वागत हुआ। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद उनसे मिलने पहुंचे। मर्केल ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।
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- फोटो : पीटीआई
मर्केल बोलीं, जर्मनी में बढ़े भारतीय छात्रों की संख्या 
मर्कल ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, करीब 20 हजार भारतीय छात्र जर्मनी में पढ़ रहे हैं। हम चाहते हैं कि यह संख्या और बढ़े। वोकेशनल ट्रेनिंग के क्षेत्र में शिक्षकों के आदान-प्रदान का होना भी चाहते हैं। हम सतत विकास और जलवायु संरक्षण के क्षेत्र में साथ काम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 5 जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों को साथ काम करने की जरूरत है। मर्केल ने कहा कि भारत मेक इन इंडिया के प्रति बेहद गंभीर है। 

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- फोटो : पीटीआई
जर्मनी को रक्षा क्षेत्र में सहयोग का दिया न्योता
मोदी ने कहा, हम जर्मनी को आमंत्रित करते हैं कि रक्षा-उत्पादन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में रक्षा गलियारे में अवसरों का लाभ उठाएं। मुझे खुशी है कि भारत और जर्मनी के बीच हर क्षेत्र में खासतौर पर न्यू एंड एडवांस्ड टेक्नोलॉजी में दूरगामी और रणनीतिक सहयोग बढ़ाने में आगे बढ़ रहा है। मोदी ने मर्केल को भारत का अच्छा मित्र बताया। उन्होंने कहा कि मर्केल यूरोप ही नहीं पूरी दुनिया में सबसे लंब समय तक अपने राष्ट्र का नेतृत्व करने वाली करिश्माई नेता हैं। उन्हें पूरी दुनिया का मजबूत नेता माना जाता है। 
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- फोटो : पीटीआई
कुछ प्रमुख समझौते...
-इसरो और जर्मन एयरोस्पेस सेंटर के बीच वैज्ञानिकों के आदान-प्रदान की व्यवस्था
-स्टार्टअप्स के क्षेत्र में आर्थिक सहयोग
-आल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन और ड्यूश फुटबॉल बाउंड के बीच सहयोग पर सहमति
- बीमारियों, पुनर्वास और दिव्यांगों के लिए रोजगारपरक प्रशिक्षण में सहयोग
-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन मैनेजमेंट मैनेज और जर्मन एग्रीकल्चरल एकेडमी डियूला के बीच कृषि तकनीकों और प्रशिक्षण को लेकर सहयोग।
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