फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गौरव चंदेल हत्याकांड में नोएडा के बाद गाजियाबाद पुलिस ने भी की लापरवाही की हदें पार, हुए ये खुलासे

Thu, 16 Jan 2020 10:30 AM IST
पूजा त्रिपाठी योगेंद्र सागर, अमर उजाला, गाजियाबाद

सार

- सनसनीखेज हत्याकांड के बाद एनसीआर में चर्चा का विषय बनी सेल्टोस कार को कर दिया नजर अंदाज
- रात में ही एक्टिव हो जाती पुलिस तो शायद पकड़े जाते बदमाश, सूचना के बावजूद रात भर लावारिस खड़ी रही कार
विज्ञापन
1 of 6
gaurav chandel murder case - फोटो : अमर उजाला
गौरव चंदेल हत्याकांड में शुरू से ही पुलिस की लापरवाही दिखी। पहले नोएडा पुलिस ने अपनी लेटलतीफी दिखाई तो अब गौरव चंदेल की कार मिलने के मामले में गाजियाबाद पुलिस ने लापरवाही की हदें पार कर दीं। हत्याकांड के बाद मैनेजर की जो सेल्टोस कार पूरे एनसीआर में चर्चा का विषय बनी हुई है, उसे  गाजियाबाद पुलिस ने नजरअंदाज कर दिया। कार की सूचना मिलने के 10 घंटे बाद पुलिस एक्टिव मोड में आई। आगे जानिए पूरा मामला...
विज्ञापन

2 of 6
gaurav chandel murder case - फोटो : अमर उजाला
जिस जगह घटना हुई, वह स्थान गाजियाबाद की सीमा से चंद किलोमीटर दूर है। हत्या के नौ दिन बाद बदमाश कार लेकर गाजियाबाद पहुंच गए और मसूरी थानाक्षेत्र के आकाश नगर में कार खड़ी कर भाग गए, लेकिन पुलिस सोती रही। नोएडा पुलिस के मुताबिक कार को किसी टोल प्लाजा से नहीं गुजारा गया। संभवत: तिगरी गोल चक्कर से कार लायी गई।
विज्ञापन

3 of 6
gaurav chandel murder case - फोटो : अमर उजाला
ऐसे में घटनास्थल से शुरू होकर बदमाशों ने पहले नोएडा फेज-थ्री और बिसरख थाने की सीमा पार की। इसके बाद गाजियाबाद में विजयनगर, कविनगर थानाक्षेत्र से होते हुए मसूरी क्षेत्र में जा घुसे। मगर अफसोस, मुस्तैदी से रात्रि गश्त करने वाली पुलिस को न बदमाश दिखे और न सेल्टोस कार। यह हाल तब हैं जब रात में एबीएस कट और डासना पुल के नीचे पुलिस की सघन चेकिंग होती है।

4 of 6
gaurav chandel murder case - फोटो : अमर उजाला
आखिर कहां थी पुलिस
कार की अगली नंबर प्लेट टूटी हुई मिली, जबकि पिछली नंबर प्लेट भी गायब है। नोएडा में वारदात के बाद कार गाजियाबाद पहुंच गई। बड़ा सवाल यह है कि जिस वक्त बिना नंबर की सेल्टोस कार सड़क पर दौड़ रही थी तो गाजियाबाद पुलिस कहां थी। जबकि एसएसपी जिले में पुलिस विजिबिलिटी बढ़ाने का दावा कर रहे हैं।
विज्ञापन

5 of 6
gaurav chandel murder case - फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद पुलिस की मुस्तैदी देखिए रातभर खड़ी रही कार, नहीं की पड़ताल
गाजियाबाद पुलिस अगर गंभीरता से कार के पार्किंग स्टीकर की पड़ताल रात में ही कर लेती तो नाकाबंदी कर बदमाशों को पकड़ा जा सकता है। सुबह होने पर पुलिस एक्टिव हुई और करीब 10 घंटे बाद नोएडा पुलिस को जानकारी मिली। इसके बाद हरकत दिखाई दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
gaurav chandel murder case - फोटो : अमर उजाला
15 घंटे बाद लगाई बैरिकेडिंग
बेहद संवेदनशील मामला होने के कारण फोरेंसिक टीम को फिंगर प्रिंट व अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने थे लेकिन पुलिस ने कार का तमाशा बनाए रखा। रात 11 बजे पुलिस पहुंच चुकी थी। बुधवार सुबह से लोगों की भीड़ कार को छूकर देखती रही। एसएसपी के पहुंचने के बाद दोपहर करीब दो बजे टैपिंग कर कार की बैरिकेडिंग की गई।

गौरव चंदेल की कार मसूरी क्षेत्र में खड़ी मिली है। नोएडा पुलिस बुला ली गई थी। कार में कुछ खास दस्तावेज या सामान नहीं मिला है। नंबर प्लेट नहीं हैं। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस रात में ही हरकत में क्यों नहीं आई, इसकी जांच कराई जाएगी।- कलानिधी नैथानी, एसएसपी गाजियाबाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें