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शून्य में विलीन हुए अटल, फूट-फूट कर रो पड़ीं नातिन निहारिका, भावुक कर देंगी ये तस्वीरें

Sat, 18 Aug 2018 10:34 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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रो पड़ी नातिन निहारिका - फोटो : कुमार संजय
भारतीय राजनीति के शलाका पुरुष पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी शुक्रवार शाम 4.56 बजे पंचतत्व में विलीन हो गए। राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर हल्की बूंदाबांदी के बीच बेटी नमिता ने वाजपेयी के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। यमुना के घाट पर ‘राष्ट्रीय स्मृति स्थल’ पर वाजपेयी का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। उनकी अंतिम यात्रा भाजपा मुख्यालय से शुरू हुई जिसमें हजारों की संख्या में लोग अपने प्रिय नेता को अश्रूपूर्ण विदाई दी।
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गमगीन माहौल - फोटो : कुमार संजय
उनके अंतिम दर्शन की लालसा लिए हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर खड़े थे। पूरे देश से हजारों की संख्या में लोग वाजपेयी के अंतिम दर्शन करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए भाजपा मुख्यालय पहुंचे। वाजपेयी का पार्थिव शरीर कृष्ण मेनन मार्ग स्थित उनके आवास से सुबह 11 बजे दीन दयाल मार्ग पर भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय लाया गया था। जहां बड़ी संख्या में बच्चे, बूढ़े, महिलाएं सभी मौजूद थे। अपने नेता के अंतिम दर्शन के लिए लोग पेड़ों तक पर चढ़ गए।
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तीनों सेनाओं ने वाजपेयी को सलामी दी
इससे पहले दोपहर दो बजे भाजपा मुख्यालय से निकली अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। रास्ते में जगह पार्थिव शरीर पर पुष्पवर्षा कर श्रद्धांजलि दी गई। वाजपेयी की अंतिम यात्रा करीब एक घंटा 40 मिनट में छह किलोमीटर का सफर तय कर राष्ट्रीय स्मृति स्थल पहुंची। शाम करीब 3.40 बजे अंतिम यात्रा के राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर पहुंचने के बाद देश की तीनों सेनाओं ने वाजपेयी को सलामी दी। तिरंगे में लिपटे वाजपेयी के शव को मुखाग्नि देने से पहले श्रद्धांजलि देने के लिए रखा गया।

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नातिन निहारिका को सौंपा गया तिरंगा - फोटो : अमर उजाला
करीब 52 मिनट तक गार्ड ऑफ ऑनर और पुष्पचक्र के साथ श्रद्धांजलि दी गई। तीनों सेना ने सलामी के बाद पूर्व पीएम की नातिन निहारिका को पार्थिव शरीर पर लिपटे तिरंगे को अंतिम निशानी के रूप में सौंपा। इसके बाद शाम चार बजकर 32 मिनट पर वैदिक मंत्रोच्चर के साथ वाजपेयी के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।

 
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- फोटो : Ani
निगम बोध के पंडित आचार्य रविंद्र शर्मा की निगरानी में अंत्येष्टि की प्रक्रिया शुरू हुई। वैदिक क्रियाओं के बाद पूर्व पीएम की बेटी नमिता कौल भट्टाचार्य ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान मौजूद लोगों ने वाजपेयी अमर रहे के जयकारे लगाए। अंतिम संस्कार के दौरान कांग्रेस सहित तमाम राजनीतिक पार्टियों के नेता उपस्थित रहे।
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रो पड़ीं नातिन
आंसू रोक नहीं सकी निहारिका
कृष्ण मेनन मार्ग से लेकर भाजपा मुख्यालय और वहां से राष्ट्रीय स्मृति स्थल तक पूर्व पीएम की नातिन निहारिका ने खुद को संभाले रखा, लेकिन जब उनकी मां नमिता कौल ने वाजपेयी के शव मुखाग्नि दी तो वह अपने आंसू रोक न सकीं। अपने पिता के पास खड़ी निहारिका फफक पड़ीं। उनकी मां नमिता कौल ने उन्हें संभाला भी, लेकिन शायद निहारिका के लिए नाना को पंचतत्व में विलीन होता देख आसां नहीं था।    
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अंतिम यात्रा में पैदल चलते हुए पीएम मोदी - फोटो : Ani
पीएम मोदी अंतिम यात्रा में पैदल चले
भाजपा मुख्यालय से शुरू हुई अंतिम यात्रा बहादुर शाह जफर मार्ग होते हुए दरियागंज के रास्ते राष्ट्रीय स्मृति स्थल तक पहुंची थी। इस दौरान जिस ट्रक पर पूर्व पीएम का पार्थिव शरीर रखा था, उसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान, सांसद मनोज तिवारी, सांसद अनुराग ठाकुर, उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत सहित कई कैबिनेट मंत्री पैदल चलते नजर आए। शाम 5 बजकर 22 मिनट पर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करने के बाद वाजपेयी के परिजनों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और वहां मौजूद सभी लोगों को हाथ जोड़कर प्रणाम किया।      

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, प्रधानमंत्री नरेंद्र  मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, लालकृष्ण आडवाणी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण के अलावा तीनों सेनाध्यक्षों ने राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर वाजपेयी के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किए।

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प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी। अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे। श्रीलंका के कार्यकारी विदेश मंत्री लक्ष्मण किरील्ला पूर्व प्रधानमंत्री को अंतिम विदाई देने के लिए दिल्ली पहुंचे थे। बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने कहा, हम उन्हें बांग्लादेश लिबरेशन वॉर के दौरान दिए गए योगदान और बांग्लादेश के लोगों का साथ देने के लिए याद कर रहे हैं। उन्हें बंगाली संगीत काफी पसंद था। जब वह विदेश मंत्री बने तो मुझे करियर राजनयिक के रूप में दिल्ली में सेवा करने का अधिकार मिला।

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भूटान के राजा ने दी श्रद्धांजलि
भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामगेयाल वांगचुक, बांग्लादेश के विदेश मंत्री अबुल हसन महमूद अली, नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप कुमार, अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई, श्रीलंका के कार्यवाहक विदेश मंत्री तिलक मारापना व पाकिस्तान के कानून मंत्री भी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे।      

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अटल जी ने गुरुवार शाम 5.05 बजे दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में अंतिम सांस ली थी, वे नौ साल से बीमार थे और 67 दिन से एम्स में भर्ती थे। ये खबर फैलते ही जहां पूरा देश शोकमय हुआ। वहीं देर रात तक कृष्ण मेनन मार्ग स्थित पूर्व पीएम के आवास पर अंतिम दर्शन का सिलसिला चलता रहा। तमाम राजनेताओं के बाद आम जनता को भी यहां ये अवसर मिला।
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वहीं शुक्रवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे तक अंतिम दर्शन के बाद पूर्व पीएम के पार्थिव शरीर को अकबर रोड के रास्ते करीब 11 बजे भाजपा मुख्यालय तक लाया गया था। इसके बाद यहां पूर्व पीएम को आंगुतकों ने श्रद्धांजलि दी। इसके बाद देश के कोने कोने से आए आम लोगों ने पूर्व पीएम के अंतिम दर्शन श्रद्धांजलि दी। अंतिम संस्कार से पहले वाजपेयी के दर्शन के लिए अंतिम यात्रा निकाली गई।
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