नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के पूर्व विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) यशपाल त्यागी का वेतन 1.06 लाख रुपये था, लेकिन ठाठ करोड़पतियों जैसे हैं। त्यागी की लक्जरी कार के साथ तीन से चार कारों का काफिला चलता है। साथ ही उनके साथ सिक्योरिटी गार्डे्स की फौज रहती है। शुक्रवार को पूर्व ओएसडी के घर के बाहर से कुछ कारें नहीं दिखी। बृहस्पतिवार को कारों में आयकर विभाग को छिपाकर रखे गए दस्तावेज मिले थे।
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साथ चलता था चार कारों का काफिला
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त्यागी के स्टाफ से मिली जानकारी के मुताबिक जब भी वे कहीं जाते हैं तो उनके साथ तीन से चार कारों का काफिला चलता है। इनमें इनके निजी सुरक्षाकर्मी होते हैं। त्यागी काफिले में एक रंग की कारें पसंद करते हैं। वे ऑडी और मर्सिडीज जैसी लक्जरी कारों में चलना पसंद करते हैं। वहीं नोएडा प्राधिकरण से मिली जानकारी के मुताबिक पूर्व ओएसडी को हर माह 1.06 लाख रुपये वेतन मिलता था। वे यूपीएसआईडीसी कानपुर से अक्तूबर 2006 को नोएडा प्राधिकरण में प्रतिनियुक्ति पर आए थे और सात जून 2012 तक प्राधिकरण में रहे थे।
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आयकर विभाग ने मारा था छापा
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बता दें कि बृहस्पतिवार को आयकर विभाग नोएडा की टीमों ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के पूर्व विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) यशपाल त्यागी के 5 ठिकानों पर छापा मारा था, जिसमें अकूत संपत्ति सामने आई हैै। सेक्टर- 15ए में तीन प्रॉपर्टी, सेक्टर- 50 स्थित कोठी और सेक्टर-127 में टीम ने छापा मारा था। जांच में अकूत संपत्ति और करोड़ों की दौलत का पता चला था। इनमें दो होटल, जिनमें एक रेडिसन ब्लू होटल हरिद्वार और दूसरा होटल कंट्री इन होटल गोवा के अलावा यमुना एक्सप्रेस वे स्थित नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी शामिल है।
बैंक अकाउंट में 60 करोड़ रुपये
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पूर्व ओएसडी के बैंक खाते में करीब 60 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन मिला था, जिनका वह जवाब नहीं दे पाए। इसके अलावा 50 करोड़ रुपए का एक और ट्रांजेक्शन मिला था। यह रकम कहां से आई, उसका जवाब नहीं दे पाए थे। पूर्व ओएसडी के सभी सुरक्षाकर्मियों का एक ड्रेस कोड है, जो कि सफारी सूट है। शुक्रवार को घर के बाहर निजी सुरक्षाकर्मियों का घेरा रहा।
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आयकर विभाग ने जौहरी से कराया जेवरात का आंकलन
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नोएडा आयकर विभाग को सेक्टर- 50 स्थित यशपाल त्यागी की कोठी से जांच के दौरान तीन लाख 53 हजार 900 रुपए नकद मिला था। वहीं 26 लाख 50 हजार 570 रुपए की ज्वैलरी भी मिली थी। विभाग ने जौहरी को बुलाकर ज्वैलरी का वजनऔर कीमत का आंकलन कराया था। यह आंकलन दो गवाहों की मौजूदगी में कराया गया था। ज्वैलरी में सोने की चेन, सोने का कड़ा, मिक्स ज्वैलरी, हीरे के बुंदे, हीरे का पैंडेंट, पोलकी ज्वैलरी, हीरे की चूड़ियां और ब्रेसलेट, सोने का हार और सोने और हीरे की अंगूठी शामिल है।
आयकर विभाग के मुताबिक पूरी जांच में दो माह लगेंगे। यदि इस मामले में कोर्ट केस होता है तो ईडी मामले की जांच कर सकती है। विभाग का कहना है कि कई ऐसे अधिकारियों की उनके पास सूची है, जिन्होंने बैंकों में करोड़ों रुपए का ट्रांजेक्शन किया है। उन पर भी कार्रवाई शुरू होगी। प्राधिकरण समेत अन्य विभागों के अधिकारियों की जांच हो सकती है।