कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से जहां दुनिया भर के देशों के विकास की रफ्तार रुक गई, वहीं लोगों की जीवन शैली में भी इससे बड़ा बदलाव आया है। कोरोना महामारी के कारण ही इसी साल २4 मार्च से देश भर में लगाए गए लॉकडाउन और फिर अनलॉक के बाद लोगों के रहन-सहन और खानपान में काफी अंतर आया है। इन पांच माह के दौरान ही जैसे दुनिया बदल गई। लॉकडाउन के बाद अब शुरू हुए अनलॉक में जीवन सामान्य तो होने लगा है, मगर कोरोना का असर अभी भी साफ नजर आता है। सामाजिक दूरी के साथ ही लोगों के चेहरे पर अब मास्क ने जगह ले ली है। मंदिरों में टेंप्रेचर मापने के बाद ही लोगों को प्रवेश मिल पाता है। शहर के कई ऐसे चर्चित स्थान हैं, जहां लॉकडाउन से पूर्व जबरदस्त भीड़ रहती थी। वर्तमान में हालत यह है कि यह सभी चर्चित स्थल आजकल सूने पड़े रहते हैं।
लॉकडाउन से एक माह पहले ही हर साल लगने वाले अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में भी कई देशों के साथ ही विभिन्न राज्यों के हस्तशिल्पियों ने भागीदारी निभाई थी। दो पखवाड़े तक चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय मेले में प्रतिदिन औसतन 60 हजार दर्शक पहुंचते थे। अब कोरोना के कारण 2021 में होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय मेले के आयोजन पर भी संशय बना हुआ है। अमर उजाला शहर के इन प्रमुख स्थानों की फोटो के माध्यम से दर्शा रहा है कि पांच माह पहले और पांच माह बाद आज शहर के यह चर्चित स्थान किस कदर प्रभावित हुए हैं।