मासूम बच्ची अपनी गुड़िया के साथ अस्पताल में भर्ती
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दरियागंज निवासी फरीन दो सप्ताह पहले अपनी 11 माह की बच्ची को लेकर अस्पताल पहुंची थीं। घर पर बेड से गिरने की वजह से बच्ची के पैर में फ्रैक्चर हुआ था। लोकनायक अस्पताल के डॉ. मनोज बताते हैं कि बच्ची जिकरा मलिक दर्द से कराह रही थी। मां की गोद में वह छटपटाने लगी जब उसने डॉक्टर को इंजेक्शन लगाते देखा। काफी देर बाद भी जब जिकरा शांत नहीं हुई तो उसकी मां ने डॉक्टरों को बताया कि बच्ची की एक गुड़िया घर पर है। उसे दूध पिलाने के बाद ही खुद पीती है। डॉक्टरों की अनुमति से जब गुड़िया को अस्पताल लाया गया तो उसे देखते ही बच्ची खिल उठी। यह देख डॉक्टर भी हैरान थे।
स्थिति यह हो गई कि बच्ची को दवा या इंजेक्शन देने से पहले गुड़िया को देना पड़ा। डॉक्टर जब जिकरा को पट्टी बांधने लगे तो वह फिर से रोने लगी। जहन में एक विचार आते ही डॉक्टर ने गुड़िया के पैर पर पट्टी बांधना शुरू कर दिया। इसके बाद जिकरा ने भी आसानी से प्लास्टर चढ़वा लिया।
इलाज के लिए बच्ची को भर्ती करना जरूरी था, इसलिए गुड़िया को भी उसके साथ रखा गया। जिकरा की मां फरीन बताती हैं कि ये गुड़िया उसकी नानी ने उपहार में दी थी, जब वह 2 माह की थी। तभी से उसे गुड़िया से बेहद लगाव है। घर पर कुछ भी खाने-पीने के लिए पहले गुड़िया को देना पड़ता है इसके बाद ही जिकरा खाती है।