फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाप और चार बेटियों ने दी जान: आत्महत्या मामले में नया मोड़... कमर और गले में बांधा था नया कलावा; मिला ये सामान

Tue, 01 Oct 2024 10:16 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
Father and four daughters suicide - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के वसंत कुंज के रंगपुरी गांव में पिता व चार बेटियों के खुदकुशी के मामले में सोमवार को एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पिता हीरालाल ने बेटियों की मौत होने के बाद उनकी कमर व गले में कलावा बांधा था। कलावा एकदम नया था। मौके से पुलिस को कलावा का बंडल मिला है। इसके अलावा पुलिस को रसोई में ज्यादा राशन नहीं मिला है। ऐसा लग रहा है कि इन लोगों ने कुछ दिन से खाना नहीं खाया था।

दक्षिण-पश्चिमी जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में ऐसा लग रहा है कि पहले चारों बेटियों ने पानी में घोलकर सल्फास पीया। जब उनकी मौत हो गई तो हीरालाल ने उनकी कमर, गर्दन व हाथ में कलावा बांधा था। 
विज्ञापन

2 of 6
एक पिता ने अपनी चार दिव्यांग बेटियों के साथ इस इमारत की तीसरी मंजिल पर अपने घर में खुदकुशी कर ली - फोटो : भूपिंदर सिंह
इसके बाद पूजा भी की। हीरालाल ने भी अपनी कमर और गले में कलावा बांधा हुआ था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रसोई में नाममात्र का ही राशन था। ऐसा भी लग रहा है कि इस परिवार ने कुछ दिन से खाना भी नहीं खाया था। पुलिस को डस्टबीन आदि जगह से खाना बनाने आदि का कोई सबूत नहीं मिला है। वसंत कुंज, साउथ थाना पुलिस ने सोमवार को हीरालाल के भाई समेत परिजनों को पूछताछ के लिए बुलाया हुआ था।

 
विज्ञापन

3 of 6
मृतक हीरालाल का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
आपको बता दें कि दिल्ली के वसंतकुंज इलाके में बुराड़ी जैसा सामूहिक खुदकुशी का मामला सामने आया है। वसंतकुंज के रंगपुरी गांव में पिता ने अपनी चार दिव्यांग बेटियों के साथ सल्फास खाकर खुदकुशी कर ली। बेटियां एक कमरे में मृत मिलीं तो पिता हीरालाल दूसरे कमरे में। एक वर्ष पहले  शख्स की पत्नी की कैंसर से मौत होने के बाद बेटियों की देखभाल की जिम्मेदारी उसके ऊपर आ गई थी। इस कारण वह नौकरी पर समय से नहीं जा पाता था। इसलिए उसने नौकरी छोड़ दी थी। 

4 of 6
delhi suicide - फोटो : एजेंसी
शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि बेटियों की देखभाल के अलावा वह बहुत ज्यादा आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मृतक हीरालाल ने सामूहिक खुदकुशी करने के खौफनाक कदम उठाने से पहले जितिया पूजा भी की थी। दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त रोहित मीणा ने बताया कि वसंत कुंज के रंगपुरी गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों ने आत्महत्या की है, घटना का खुलासा शुक्रवार सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर उस समय हुआ, जब पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी।
विज्ञापन

5 of 6
इमारत की गैलरी में चारों तरफ फोरेंसिक जांच टीम द्वारा इस्तेमाल किये गए ग्लब्स आदि बिखरे दिखाई दिए - फोटो : भूपिंदर सिंह
घर से बदबू आने पर पड़ोसियों ने मकान मालिक और पुलिस को सूचना दी थी। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों से अंदर से बंद घर का दरवाजा तोड़ा तो पांच सड़े गले शव दो कमरे में पडे़ हुए थे। शुरुआती जांच में सामने आया कि पिता हीरालाल ने पहले सभी को सल्फास खिलाया और बाद में खुद खाया। शवों के पास से पुलिस को सल्फास की गोलियां और कमरे के डस्टबिन में जूस के टेट्रा पैक और पानी की बोतल मिली थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
एक पिता ने अपनी चार दिव्यांग बेटियों के साथ इस इमारत की तीसरी मंजिल पर अपने घर में खुदकुशी कर ली। - फोटो : भूपिंदर सिंह
त्योहार पर घर का दरवाजा रहता था बंद
वहीं, पड़ोस में रहने वाले लोगों ने बताया कि उन्होंने कभी हीरालाल के घर पर किसी रिश्तेदार को आते-जाते नहीं देखा। यहां तक की त्योहार के समय भी वह घर का दरवाजा बंद रखते थे। एक महिला ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि वह भी बिहार से हैं। ऐसे में उन्होंने कई बार उनसे बात करने की कोशिश की, लेकिन परिवार ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। हीरालाल पड़ोसियों के साथ रिश्तेदारों से भी कटे रहते थे। 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें