ग्रेटर नोएडा के बिसरख क्षेत्र में आज किसानों ने कई बिल्डर्स साइट पर धावा बोल दिया और निर्माण कार्यों को जबरन बंद करा दिया। किसानों की मांग है कि उन्हें उनकी जमीन लेने के बाद प्राधिकरण ने अब तक अपने वादे पूरे नहीं किए हैं। (खबर व फोटो : अमित त्यागी/अमर उजाला ब्यूरो, ग्रेटर नोएडा)
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बिल्डरों पर बरसा किसानों का गुस्सा, बंद कराया निर्माण
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असल में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने किसानों जमीन ली ताकि उनका औधोगिक इस्तेमाल किया जा सके। जमीन अधिग्रहण के बाद किसानों ने अपने लिए मुआवजे के साथ विकसित क्षेत्र में कुछ जमीन की भी मांग की।
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बिल्डरों पर बरसा किसानों का गुस्सा, बंद कराया निर्माण
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इस मांग के साथ क्षेत्र के किसानों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने प्राधिकरण को आदेश दिया कि वह किसानों को 10% विकसित भूमि दे जहां पर आवश्यक मूलभूत सुविधाएं हों।
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किसानों का कहना कि कोर्ट के आदेश के बाद भी प्राधिकरण उन्हें जमीन देने में आना कानी कर रहा है। किसानों का आरोप है कि जो जमीन औधोगिक विकास के नाम पर उनसे ली गई उसे बिल्डरों को बेच दिया गया।
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इस बारे में प्राधिकरण का कहना है कि उनकी प्राथिमकता वो किसान हैं जिन्होंने कोर्ट में याचिका दायर की थी। प्राधिकरण कह रहा है कि हालांकि कोर्ट ने सभी किसानों को जमीन देने का आदेश दिया है लेकिन उनकी पहली प्राथमिकता वो किसान हैं जिन्होंने कोर्ट में याचिका दायर की थी।
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इस बीच प्राधिकरण पर दबाव बनाने के लिए किसान मंगलवार को ट्रैक्टर और बाइक में सवार हो बिसरख क्षेत्र के उन निर्माणाधीन जगहों पर धावा बोल दिया जिन्हें बिल्डरों को बेच दिया गया। किसानों ने यहां काम कर रहे मजदूरों को वहां से चले जाने का दबाव बनाया और काम रुकवा दिया।