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इन 20 तस्वीरों से समझिए कैसा रहा दिल्ली-एनसीआर में भारत बंद का असर, कहीं किसी हंगामे की सूचना नहीं...

Tue, 08 Dec 2020 07:22 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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किसानों का भारत बंद तस्वीरों में - फोटो : शुजात आलम/जी पाल
कृषि कानूनों के विरोध में मंगलवार को देशभर में बुलाए गए भारत बंद के दौरान राजधानी समेत एनसीआर में हालात पूरी तरह सामान्य रहे। राजधानी के सभी बाजार खुले रहे, वहीं सड़कों पर भी आम दिनों की तरहर ट्रैफिक सामान्य रहा। दिनभर दिल्ली पुलिस अर्द्धसैनिक बलों के जवानों के साथ बाजारों में गश्त करते रहे। राजधानी की सभी सीमाओं पर ड्रोन से हालात पर नजर रखी गई। तस्वीरोें में देखें पूरे बंद का हाल...
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सिंघु बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन - फोटो : जी पाल
विशेष आयुक्त लॉ एंड ऑर्डर सतीश गोलचा ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कहीं से भी किसी तरह हंगामा की कोई सूचना नहीं मिली है। दिल्ली पुलिस की ओर से किसी को भी हिरासत में नहीं लिया गया। चिल्ला, गाजीपुर, टिकरी और सिंघु बार्डर पूरी तरह बंद रहे। दोपहर बाद तीन बजे गाजीपुर बार्डर पर दिल्ली से गाजियाबाद जाने वाले कैरेजवे को वाहन चालकों के लिए खोल दिया गया।
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का दृश्य - फोटो : शुजात आलम
भारत बंद को लेकर किसानों ने राजधानी की सभी सीमाओं को बंद करने की बात की थी। लेकिन कुछ जगहों को छोड़कर बाकी बार्डर पर हालात पूरी तरह सामान्य रहे। दिल्ली पुलिस ने बदरपुर बार्डर, कालिंदीकुंज, डीएनडी, चिल्ला, न्यू अशोक नगर, नोएडा सेक्टर-11 (मयूर विहार), गाजीपुर (दिल्ली गेट), कौशांबी (आनंद विहार), अप्सरा बार्डर, भोपरा बार्डर, सिंघु, टिकरी, दिल्ली-गुरुग्राम, ढांसा आदि बार्डर पर सुरक्षा के कड़े इंताजम किए थे।

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यूपी गेट का हाल - फोटो : शुजात आलम
लगातार यहां ड्र्रोन से नजर रखी जा रही थी। किसान नेताओं ने सभी से अपील की थी कि बंद के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा न करें। टिकरी, गाजीपुर बार्डर व चिल्ला बार्डर पर किसान थोड़ा उग्र नारेबाजी करते हुए दिखे, लेकिन किसी ने भी शांति भंग नहीं की। संयुक्त आयुक्त, डीसीपी, एसीपी और सभी एसएचओ अपने-अपने इलाकों में गश्त पर रहे। कहीं भी किसी तरह के जोरजबरदस्ती की सूचना नहीं मिली।
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Farmers protest - फोटो : जी पाल
भारत बंद के लिए दिल्ली पुलिस के 40 हजार जवानों के अलावा अर्द्धसैनिक बलों की 100 कंपनियों को सुरक्षा के लिए लगाया गया था। साउथ एक्सटेशन पार्ट-1, पार्ट-2, जीके, लाजपत नगर, डिफेंस कालोनी, कनॉट प्लेस, कोटला मुबारक पुर, सरोजनी नगर व कुछ अन्य बाजारों में आम दिनों की तरह चहल-पहल रही। हालांकि सरोजनी नगर मार्केट के दुकानदारों ने अपने हाथ पर काली पट्टी बांधकर किसानों का समर्थन किया। ज्यादातर लोगों का कहना था कि सरकार को किसानों की मांगों को मान लेना चाहिए।
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सिंघु बॉर्डर पर की तरह बना किसानों के लिए खाना - फोटो : अमर उजाला
वकीलों ने अदालत परिसरों में किसानों के समर्थन में किया प्रदर्शन
राजधानी की जिला अदालतों में मंगलवार के वकीलों ने प्रदर्शन व बैठके कर किसान आंदोलन को अपना समर्थन दिया। इस अवसर पर वकीलों ने केंद्र सरकार पर असामाजिक तत्वों के नाम पर किसानों को बदनाम करने का आरोप लगाया। वकीलों ने कहा कि यदि सरकार किसानों का भला चाहती है तो उन्हें एमएसपी से ज्यादा राशि दिलवाए और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सजा का किया जाए प्रावधान।
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भारत बंद के दौरान सड़क पर प्रदर्शन करते कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को हटाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
बार कांउसिल ऑफ दिल्ली एक्शन कमेटी के मुख्य समन्वयक राजीव खोसला व ऑल दिल्ली बार एसोसिएशन की समन्वय कमेटी के चेयरमैन संजीव नसियार ने कहा कि कानूनी बिरादरी पूरी तरह से किसानों के साथ है। तीस हजारी अदालत परिसर में आयोजित सभा में उन्होंने कहा किसान को बदनाम करने के लिए केंद्र सरकार विभिन्न संगठनों का नाम ले रही है। हम सरकार के इस कदम की निंदा करते है। आज किसान अपनी जायज मांगो को लेकर सड़क पर है और सरकार को तुंरत उनकी मांगे मान लेनी चाहिए।

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आजादपुर मंडी - फोटो : अमर उजाला
आजादपुर सब्जी मंडी में भी आज कोई व्यापार नहीं हुआ और मंडी पूरी तरह से वीरान दिखाई दी।

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आजादपुर मंडी - फोटो : अमर उजाला
आजादपुर मंडी में आपूर्ति न होने से किसी तरह का कारोबार नहीं हुआ।

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आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता भारत बंद के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री को घर में किया पुलिस ने नजरबंद, मुलाकात नहीं संभव
आम आदमी पार्टी  ने दिल्ली पुलिस और केंद्रीय गृह मंत्रालय पर बड़ा हमला किया है। पार्टी का आरोप है कि सिंघु बॉर्डर पर किसानों से मुलाकात कर भारत बंद का समर्थन करने के ऐलान के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पुलिस ने नजरबंद कर लिया है। पुलिस ने मुख्यमंत्री आवास के चारों ओर से बैरिकेडिंग कर दी है। यहां तक कि किसी को भी मुख्यमंत्री से मिलने नहीं दिया जा रहा है। उधर, पुलिस ने आप के सभी आरोपों निराधार करार दिया है। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा वजहों से बैरीकेडिंग की गई है। मुख्यमंत्री को नजरबंद नहीं किया गया है।

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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर तीन बजे के बाद हाल - फोटो : अमर उजाला
सड़कों पर आवाजाही रही आसान, बसों में इक्का दुक्का यात्री ही सफर करते दिखे
समय करीब 11 बजे रहे थे। वक्त वही था, जिसे किसानों ने चक्का जाम के लिए तय किया था। आनंद विहार अंतरराज्यीय बस अड्डे से मंगोलपुरी तक जाने वाले रूट नंबर-943 की बस निकली। यह रूट डीटीसी के सबसे लंबे रास्तों में से एक है। यह दिल्ली के कई पॉश इलाकों को मध्यम वर्गीय, अनधिकृत व झुग्गी बस्तियों से जोड़ता है। तकरीबन खाली इस बस पर सवारी इसलिए की, जिससे भारत बंद का दिल्ली में असर जान जा सके। 

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मोदी नगर के किसान प्रदर्शन करते हुए - फोटो : अमर उजाला
कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़कर भारत बंद का गाजियाबाद और आसपास में मिलाजुला असर देखा गया। महाराजपुर बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर बंद है जबकि ज्ञानी बॉर्डर और वजीराबाद बॉर्डर पर लोग आते जाते रहे। एक्सप्रेस वे के सभी 14 लाइन को बंद कर किसान हाईवे पर सभा कर रहे हैं।

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गाजियाबाद में कुछ बाजार रहे बंद - फोटो : अमर उजाला
वसुंधरा, इंदिरापुरम, मोहन नगर आदि इलाकों में कहीं दुकानें बंद रहीं तो कहीं खुलीं। वैसे सड़कों पर भीड़-भाड़ नहीं है। ऑटो, कैब और बसें चल रही हैं लेकिन संख्या कम है। पुलिस ने एक्सप्रेस वे पर भीम आर्मी और शहीद नगर में सपा के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। राकेश टिकैत ने कहा कि बंद पूरी तरह से सफल है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान सड़कों पर आकर बैठ गए। 3:00 बजे के बाद सभी जगहों से किसानों ने सड़कें खाली कर दीं।

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कांग्रेसियों को गाजियाबाद में किया नजरबंद - फोटो : अमर उजाला
आज किसानों के भारत बंद के समर्थन में जाने से पहले आराधना सिनेमा यूपी बॉर्डर पर अपने ही कार्यालय में सीओ वसुंधरा, साहिबाबाद एसएचओ विष्णू कौशिक और एलआईयू वालों ने कांग्रेस पार्टी के सदस्य नरेंद्र राठी, पूर्व प्रभारी प्रचार समिति उत्तर प्रदेश केएन पाण्डेय, पूर्व पार्षद जितेंद्र टांक व ब्रह्मपाल जी को गिरफ्तार कर नजर बंद कर दिया। सरकार के इस तानाशाही एवं दमनकारी नीतियों के खिलाफ हम कांग्रेसियों का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। जब तक किसान विरोधी तीन काले कानून को सरकर वापस नहीं लेगी, तब तक कांग्रेस सड़क से संसद तक विरोध जारी रखेगी। आज मोदी सरकार जिस तरह जनता, जवान और किसान को अपने अहंकार में कुचल कर कुछ पूंजीपतियों के हाथ में खेल रही है, वह आने वाले समय में देश के लिए घातक है। आज देश की अर्थ व्यवस्था बिल्कुल चौपट है ,उससे ध्यान हटाने के लिए सरकार एक के बाद एक बतंगड़ खड़ा कर जनता का ध्यान भटका कर गुमराह कर रही है। -केएन पाण्डेय (पूर्व प्रभारी), उत्तर प्रदेश प्रचार समिति, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी

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कृषि बिलों की निकाली अर्थी - फोटो : अमर उजाला
ग्रेटर नोएडा में किसान संगठनों ने कृषि कानूनी की शव यात्रा निकाली।

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गुरुग्राम में किसान संगठन के सदस्य हिरासत में लिए गए - फोटो : अमर उजाला
बिलासपुर चौक पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बस में ले जाती पुलिस। केरला से वामपंथी सांसद के. राघेश को बिलासपुर चौक पर पुलिस ने हिरासत में लिया।

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भारत बंद के दौरान गुरुग्राम में हो रहा प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
गुरुग्राम में किसानों के समर्थन में आप और कांग्रेस एक मंच पर आए और प्रदर्शन किया।

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सिंघु बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन - फोटो : जी पाल
सिंघु बॉर्डर पर आज भी किसान डटे रहे और आगे भी डटे रहने की बात कर रहे हैं।

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गाजीपुुर मंडी खुली रही लेकिन नहीं दिखे खरीदार - फोटो : अमर उजाला
गाजीपुर मंडी के बाहर किसानों के समर्थन में पोस्टर लगे लेकिन मंडी खुली रही, हालांकि व्यापार बहुत कम हुआ।
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भारत बंद के दौरान यूपी गेट का एक दृश्य - फोटो : शुजात आलम
यूपी गेट का एक दृश्य।
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