दिल्ली के अंबेडकर भवन की तीसरी मंजिल स्थित जिस रैलिंग से किसान किरण शांताराम के गिरने की बात की जा रही है, किसानों के मुताबिक वहां से उसके किसी हादसे का शिकार होना मुमकिन नहीं है। अंबेडकर भवन में रुके किसानों को जब पता चला कि पुलिस किरण की मौत को हादसा बता रही है तो उन्होंने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि हादसे वाली जगह की रैलिंग इतनी ऊंची (करीब चार फुट) है कि वहां से किसी के गिरने की गुंजाइश नही है।
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किसान ने की खुदकुशी
- फोटो : अमर उजाला
किसानों का कहना था कि कर्ज से किरण परेशान थे, इसीलिए वह कोल्हापुर से 1700 किलोमीटर दूर चलकर दिल्ली आए थे। महाराष्ट्र से ही आए किसानों का आरोप था कि उनकी मौत पर पर्दा डालने का प्रयास किया जा रहा है। स्वाभिमानी शेतकारी संघठन के सदस्य महावीर जिन्नाप्पा चौगुले ने बताया कि दिल्ली पहुंचने के बाद वह सुबह सामान रखने अंबेडकर भवन आया था और बाद में चला गया।
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मृतक किसान का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
शाम को अन्य साथियों से साथ वापस भवन आ गया और खाना खाकर कमरा नंबर-29 के बाहर बरामदे में सो रहा था। तड़के करीब तीन बजे के आसपास हल्ला हुआ। लोग नीचे भागे तो पता चला कि किरण नीचे पड़ा था। उनके साथ आए महावीर ने उसकी पहचान की।
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- फोटो : अमर उजाला
भवन के लोग शराब के नशे में उसके नीचे गिरने की बात करने लगे। महावीर ने बताया कि वह किरण को लंबे समय से जानते थे। वह कभी शराब भी नहीं पीता था। अच्छा पढ़ने के बाद भी किरण के बेटे को नौकरी नही मिली थी, वह पिता की मदद करने के लिए खेती कर रहा।
महावीर ने बताया कि परेशान होकर किरण ने आत्महत्या की। इधर अंबेडकर भवन के कर्मचारियों व केयर टेकर ने खुलकर इस मामले पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। वे दबी जुबान में किरण के शराब पीकर नीचे गिरने की बात जरूर कर रहे थे।