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कौन है पाकिस्तानी जासूस नौशाद?: छठी तक की पढ़ाई, ईद पर भी नहीं गया था घर; सभी ने बताई इसकी एक ही कमजोरी, Video

Mon, 23 Mar 2026 06:23 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद/मुज्जफरपुर

सार

एक साधारण और बेरोजगार युवक की यह कहानी अब राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामले में बदल चुकी है, और जांच एजेंसियां उसके संपर्कों और नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
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नौशाद अली - फोटो : अमर उजाला
बिहार के मुजफ्फरपुर का रहने वाला नौशाद अली उर्फ लालू इन दिनों देश विरोधी गतिविधियों में गिरफ्तारी के बाद चर्चा का केंद्र बना हुआ है। दिल्ली में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में पकड़े गए नौशाद की जिंदगी और आदतों को लेकर अब गांव में तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं।
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इसी दुकान को चलाता था नौशाद अली - फोटो : अमर उजाला
फोन पर ही बिताता था पूरा दिन
नौशाद की प्रोफाइल चौंकाने वाली है। महज छठी कक्षा तक पढ़ाई करने वाला यह युवक न तो किसी स्थायी काम में था और न ही पढ़ाई में उसका मन लगा। गांव के लोगों और दोस्तों के मुताबिक, वह दिनभर इधर-उधर घूमता रहता था और ज्यादातर समय मोबाइल फोन और सोशल मीडिया पर बिताता था।
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नौशाद अली - फोटो : अमर उजाला
मोबाइल और सोशल मीडिया बना ‘कमजोरी’
नौशाद के दोस्तों ने बताया कि वह हर वक्त फोन चलाता रहता था। सोशल मीडिया पर उसकी खास दिलचस्पी थी और यही उसकी सबसे बड़ी कमजोरी भी मानी जा रही है। गांव के लोग कहते हैं कि वह अक्सर ऑनलाइन ही व्यस्त रहता था, जिससे किसी को उसके संपर्कों या गतिविधियों का अंदाजा नहीं हुआ।

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नौशाद अली का गांव - फोटो : अमर उजाला
छठी के बाद छोड़ दी पढ़ाई, नहीं करता था कोई काम
नौशाद ने छठी कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। उसके साथ पढ़ने वाले दोस्तों का कहना है कि पढ़ाई में मन न लगने के कारण उसने स्कूल छोड़ दिया और फिर कोई स्थायी काम भी नहीं किया। ज्यादातर समय वह यूं ही गांव में भटकता रहता था।
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नौशाद अली की मां - फोटो : अमर उजाला
कर्ज लेकर खोली थी पंक्चर की दुकान
नौशाद की मां के मुताबिक, अक्तूबर 2025 में वह काम की तलाश में दिल्ली गया था। वहां उसने पहले पंक्चर की दुकान पर काम किया और फिर खुद का काम शुरू करने के लिए घर से पैसे मांगे। परिवार ने 30 हजार रुपये कर्ज लेकर उसे दिए, जिसके बाद उसने अपनी छोटी दुकान शुरू की।
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नौशाद अली के परिजन - फोटो : अमर उजाला
ईद पर भी नहीं आया घर, यहीं से बढ़ी चिंता
परिवार के अनुसार, नौशाद से आखिरी बार 15 मार्च को बात हुई थी। उसने कहा था कि वह ईद पर घर नहीं आ पाएगा और बाद में आने की बात कही थी। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया, जिससे परिवार चिंतित हो गया। जब 18 मार्च को उसके पिता दिल्ली पहुंचे और तलाश शुरू की, तब उन्हें पता चला कि नौशाद को देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है।
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नौशाद के पिता - फोटो : अमर उजाला
गांव में चर्चा और हैरानी का माहौल
नौशाद की गिरफ्तारी के बाद पूरे गांव में दहशत और चर्चा का माहौल है। गांव के लोगों और रिश्तेदारों का कहना है कि उन्हें कभी अंदाजा नहीं था कि वह इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो सकता है। हालांकि परिजन इन आरोपों को बेबुनियाद बता रहे हैं।

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