हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के बाद यमुना नदी उफान पर है। इसका सबसे ज्यादा असर यमुना किनारे बसे गांवों पर पड़ रहा है। इनमें मोहना, छायांसा सहित कई गांव बाढ़ के खतरे से जूझ रहे हैं। स्थानीय किसानों का कहना है कि उनकी हजारों एकड़ जमीन इस समय पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है। खेतों में खड़ी धान और अन्य खरीफ फसलें डूबने लगी हैं, जिससे भारी नुकसान का अंदेशा है। वही यमुना नदी में मरा हुआ गोवंश भी तैरते हुए दिखाई दिया। जिसका अंदाजा लगाया जा सकता है कि यमुना नदी अपने पूरे उफान पर है।