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Delhi Blast: भारत में कौन दे रहा था आतंक के डॉक्टरों को तबाही के लिए पैसा? डायरी में मिले 30 से अधिक नाम-नंबर

Sat, 15 Nov 2025 04:36 PM IST
विकास कुमार सोनू यादव, अमर उजाला, फरीदाबाद

सार

एक अधिकारी ने बताया कि हवाला का बड़ा नेटवर्क दिल्ली में सक्रिय है। इस मामले में जांच एजेंसी को इनपुट मिला है कि डॉ. मुज्जमिल, डॉ. उमर और डॉ. शाहीन दिल्ली के नेटवर्क के संपर्क में सीधे तौर पर नहीं थे। ये सभी लोग मेवात के एक एजेंट के जरिये दिल्ली के हवाला नेटवर्क के संपर्क में आए थे।
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कहां से हो रही थी इन डॉक्टरों को फंडिंग - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा के जिला फरीदाबाद के धौज स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी से शुरू हुए सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल को फंडिंग हवाला नेटवर्क के जरिये पहुंच रही थी। ये फंडिंग हवाला नेटवर्क के जरिये ही यूनिवर्सिटी से पकड़े गए और अभी भागे हुए डॉक्टरों तक पहुंचाई जा रही थी। खुफिया विभाग के एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि डॉक्टरों के बैंक खातों की ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है। उनके खातों में बीते कुछ महीनों के दौरान हुई ट्रांजेक्शन को चेक किया जा रहा है।
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दिल्ली में धमाके का मुख्य आरोपी डॉ. उमर। - फोटो : अमर उजाला
हवाला का बड़ा नेटवर्क दिल्ली में सक्रिय
एक अधिकारी ने बताया कि हवाला का बड़ा नेटवर्क दिल्ली में सक्रिय है। इस मामले में जांच एजेंसी को इनपुट मिला है कि डॉ. मुज्जमिल, डॉ. उमर और डॉ. शाहीन दिल्ली के नेटवर्क के संपर्क में सीधे तौर पर नहीं थे। ये सभी लोग मेवात के एक एजेंट के जरिये दिल्ली के हवाला नेटवर्क के संपर्क में आए थे। एजेंट ही इनको टेरर फंडिंग के लिए हवाला से आ रहे रुपये लाकर मुहैया कराता था। इनमें सबसे पहले एजेंट का संपर्क डॉ. शाहीन से हुआ था। बाद में डॉ. मुज्जमिल और कुछ दिन पहले ही डॉ. उमर से एजेंट का संपर्क हुआ।
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दिल्ली में हुए धमाके के बाद वाहन के पुर्जे को लेकर जाता पुलिसकर्मी - फोटो : पीटीआई
लॉजिस्टिक से लेकर हर तरह के खर्च में काम आती है टेरर फंडिंग की ये रकम
आधिकारिक सूत्र ने बताया टेरर फंडिंग की ये रकम आतंकी मॉड्यूल से जुड़े आरोपी लॉजिस्टिक से लेकर हर तरह के खर्च में प्रयोग करते हैं। अधिकारी ने उदाहरण देकर बताया कि दिल्ली धमाके से पहले अमोनियम नाइट्रेट खरीदने के लिए, बम धमाके में इस्तेमाल कार के लिए, धमाके के लिए अन्य सामान खरीदने के लिए रुपयों की जरूरत रहती है। बार-बार रेकी करने जाने के लिए, कुछ अन्य सामान खरीदने में होने वाले खर्च सभी इन्हीं रुपयों से किए जाते हैं।
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दिल्ली में धमाके के बाद की तस्वीर - फोटो : PTI
डायरी में मिले 30 से अधिक नाम व नंबर की भी हो रही जांच
जांच एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि डॉ. मुज्जमिल के कमरे से उन्हें एक डायरी के अलावा लैपटॉप समेत अन्य सामान मिला। उस पर जांच चल रही है। उस डायरी में 30 से अधिक लोगों के नाम व मोबाइल नंबर लिखे हुए हैं। इसके साथ ही कई नाम के आगे कुछ रकम भी लिखी हुई है। इस लिस्ट के आधार पर मोबाइल नंबरों के जरिये जांच कर पता लगाया जा रहा है कि ये कौन लोग हैं और देश के किस हिस्से में एक्टिव हैं। ये भी शक है कि जिन कुछ नामों के आगे रकम लिखी हुई है, उन्हें आतंकियों की टेरर फंडिंग की रकम पहुंचाई गई है।

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