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शहीद लेफ्टिनेंट कर्नल ऋषभ की अंतिम यात्रा में पत्नी और बहन ने दी सलामी, नम आंखों से देखती रही मां, पिता ने दी मुखाग्नि

Thu, 28 Jan 2021 05:57 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद
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लेफ्टिनेंट ऋषभ शर्मा की अंतिम विदाई - फोटो : अमर उजाला
पठानकोट और कठुआ के बीच 25 जनवरी को हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद हुए फरीदाबाद के लेफ्टिनेंट कर्नल ऋषभ शर्मा (36) बुधवार दोपहर पंचतत्व में विलीन हो गए। पटेल चौक स्थित शवगृह में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके पिता डॉ. राजेंद्र शर्मा ने उन्हें मुखाग्नि दी। देखें तस्वीरें...
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लेफ्टिनेंट ऋषभ शर्मा - फोटो : अमर उजाला
पत्नी राधा और बहन शिवा ने सेल्यूट कर शहीद को अंतिम विदाई दी। इस दौरान भारत माता की जय और ऋषभ शर्मा अमर रहे के नारे लगाए। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा। 
सेक्टर-21सी स्थित नालंदा अपार्टमेंट निवासी शहीद ऋषभ शर्मा का ध्रुव हेलीकॉप्टर 25 जनवरी को उस समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जव वे पठानकोट और कठुआ के बीच सर्च ऑपरेशन पर थे।
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लेफ्टिनेंट ऋषभ शर्मा की अंतिम विदाई - फोटो : अमर उजाला
हादसे में वह और उनके सह-पायलट घायल हो गए थे। अस्पताल के रास्ते में ही ऋषभ ने आखिरी सांस ली। ऋषभ के परिवार में पत्नी राधा, पांच वर्षीय बेटा पार्थ और मां शैला शर्मा पिता डॉ. राजेंद्र शर्मा हैं। चारों ही दुर्घटना के समय के पठानकोट स्थित उनके बेसकैंप में मौजूद थे। मंगलवार रात सात बजे उनका पार्थिव शरीर सेक्टर 21-सी स्थित नालंदा अपार्टमेंट लाया गया। बु

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लेफ्टिनेंट ऋषभ शर्मा की अंतिम विदाई में पत्नी ने दी सलामी - फोटो : अमर उजाला
धवार सुबह शहीद के अंतिम दर्शन के लिए भारी संख्या में लोग उनके निवास स्थान पहुंचे। तिरंगे में लिपटे लेफ्टिनेंट कर्नल को देख हर कोई गमगीन था। बुधवार सुबह उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। पिता सहित आर्मी के जवानों ने उन्हें कंधा दिया। राजकीय सम्मान के साथ उन्हें विदाई दी गई। इसके बाद पटेल चौक स्थित शवगृह में आर्मी के जवानों ने शस्त्र सलामी दी। पिता ने मुखाग्नि दी। 
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लेफ्टिनेंट ऋषभ शर्मा की अंतिम विदाई - फोटो : अमर उजाला
मार्च में ऋषभ की 10वीं सालगिरह थी 
बुधवार सुबह नालंदा अपार्टमेंट से एक तरफ शहीद की अंतिम यात्रा शुरू हुई और दूसरी तरफ पत्नी राधा शर्मा और मां शैला बेसुध हो गई। इस दौरान पत्नी राधा ने जमीन चूम कर मिट्टी उठाई और अपने माथे से लगाकर शहीद पति को स्पर्श करने की अहसास किया। इसके तुरंत बाद उन्होंने पूरे जोश के साथ ऋषभ शर्मा अमर रहे। भारत माता की जय हो के उद्घोष से गूंज उठा। एक माह बाद मार्च में ऋषभ की 10वीं सालगिरह थी। 
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लेफ्टिनेंट ऋषभ शर्मा की अंतिम विदाई - फोटो : अमर उजाला
मूल रूप से गांव घरोड़ा निवासी शहीद ऋषभ शर्मा की पढ़ाई एमवीएन स्कूल से हुई। पिता डॉ. राजेंद्र शर्मा स्वास्थ्य मंत्रालय से संयुक्त निदेशक पद से सेवानिवृत्त हैं। परिवार में माता पिता के साथ पत्नी राधा और पांच साल का बेटा पार्थ है। पत्नी राधा गृहणी हैं।
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लेफ्टिनेंट ऋषभ शर्मा की अंतिम विदाई - फोटो : अमर उजाला
ऋषभ के फूफा डॉ. महेंद्र वरिष्ठ ने बताया कि 12वीं करने के बाद ऋषभ नेशनल डिफेंस अकादमी (एनडीए) पुणे चले गए, आगे की पढ़ाई की। यहीं आर्मी में उनका चयन हुआ। वह हेलिकॉप्टर पायलट थे। शहर के गृह के बाहर भी भारी संख्या में लोगों की भीड़ दिखी, जो उनकी एक झलक पाने को तरस रहे थे।  

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लेफ्टिनेंट ऋषभ शर्मा की अंतिम विदाई - फोटो : अमर उजाला
ऋषभ शर्मा के नाम पर होगा घरोड़ा का सरकारी स्कूल 
जम्मू के कठुआ में हेलिकॉप्टर क्रैश हादसे में शहीद हुए लेफ्टिनेंट कर्नल ऋषभ शर्मा मूल रूप से बल्लभगढ़ के गांव घरोड़ा के निवासी थे। कुछ वर्षों से उनका परिवार सेक्टर-21सी स्थित नालंदा अपार्टमेंट में रह रहा है। हादसे में ऋषभ के शहीद होने की खबर जैसे ही गांव वासियों को मिली तो गांव का बच्चा-बच्चा शोक में डूब गया। मंगलवार शाम उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए फरीदाबाद लाया गया। ऋषभ की अंत्येष्टि में पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने गांव घरोड़ा के सरकारी स्कूल का नाम शहीद ऋषभ शर्मा के नाम रखने की घोषणा की।  बुधवार सुबह भारी संख्या में लोग शहीद ऋषभ की अंतिम यात्रा में शामिल होने नालंदा अपार्टमेंट पहुंचे। इसमें गांव घरोड़ा और सेक्टर वासी मुख्य रूप से शामिल थे। इस दौरान सभी की आंखें नम थी। 

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लेफ्टिनेंट ऋषभ शर्मा की अंतिम विदाई - फोटो : अमर उजाला
शहीद ऋषभ अमर रहें 
अंतिम यात्रा में लोगों ने भारत माता की जय, शहीद ऋषभ अमर रहें के नारे लगाए। पटेल चौक स्थित शवगृह पर शहीद के अंतिम दर्शन के लिए केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा के भाई टिपरचंद शर्मा, तिगांव से कांग्रेस के पूर्व विधायक ललित नागर, बड़खल से भाजपा विधायक सीमा त्रिखा सहित आर्मी के उच्च अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने बारी-बारी से शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। 
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लेफ्टिनेंट ऋषभ शर्मा की अंतिम विदाई - फोटो : अमर उजाला
आने वाली पीढ़ी भी उनसे प्रेरणा लेती रहेगी 
इस मौके पर केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि लेफ्टिनेंट कर्नल ऋषभ शर्मा देश सेवा में शहीद हुए। ऐसे शहीदों के कारण ही हम आजादी की सांस ले रहे हैं, जो देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपने आप को नौछावर कर देते हैं। मां भारती के सपूत लेफ्टिनेंट कर्नल ऋषभ शर्मा देश की सुरक्षा करते-करते अपने प्राणों की आहुति दे गए। उनके चरणों में नतमस्तक करते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और अमर शहीद ऋषभ शर्मा के नाम पर गांव घरोड़ा के सरकारी स्कूल का नाम रखने की घोषणा करता हूं। इससे वह हमेशा हमारे बीच रहेंगे। आने वाली पीढ़ी भी उनसे प्रेरणा लेती रहेगी।
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