खुफिया विभाग के एक पुलिसकर्मी ने 28 अक्तूबर को ही बना दी थी। ये रिपोर्ट उसने अपने सीनियर्स को भेजी। हैरत की बात है कि इस रिपोर्ट के बाद भी कई दिनों तक स्थानीय पुलिस व अपराध शाखा की नींद नहीं टूटी।
धौज थाना इलाके में खासकर अल फलाह यूनिवर्सिटी के पास कुछ संदिग्ध लोगों व गतिविधि की रिपोर्ट खुफिया विभाग के एक पुलिसकर्मी ने 28 अक्तूबर को ही बना दी थी। ये रिपोर्ट उसने अपने सीनियर्स को भेजी। हैरत की बात है कि इस रिपोर्ट के बाद भी कई दिनों तक स्थानीय पुलिस व अपराध शाखा की नींद नहीं टूटी।
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संदिग्ध डॉ. मोहम्मद उमर
- फोटो : पीटीआई
खुफिया विभाग के एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि 28 अक्तूबर को तैयार हुई इस रिपोर्ट के बाद 30 अक्तूबर को अल आफिया यूनिवर्सिटी में जम्मू कश्मीर पुलिस आई। यहां स्थानीय पुलिस व अपराध शाखा के साथ जम्मू कश्मीर पुलिस ने यूनिवर्सिटी परिसर में डॉ. मुजम्मिल अहमद गनेई उर्फ मुसैब से पूछताछ की। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर 3 दिन का ट्रांजिट रिमांड हासिल कर पुलिस ले गई।
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दिल्ली में धमाके के बाद जांच करती पुलिस टीम और सुरक्षाबल
- फोटो : पीटीआई
इतना सब कुछ होने के बावजूद, पकड़े गए डॉक्टर के आतंकी संगठन से लिंक के बावजूद स्थानीय स्तर पर कोई कार्रवाई शुरू नहीं की गई। यूनिवर्सिटी परिसर से महज 500 मीटर और 3 किलोमीटर की दूरी पर 2900 किलो से अधिक विस्फोटक, बम बनाने में प्रयोग होने वाले अन्य पदार्थ बरामद किए गए। 8, 9 व 10 नवंबर को यूनिवर्सिटी परिसर में खड़ी कार और डॉ. मुजम्मिल के किराये पर लिए गए दो ठिकानों से ये सब विस्फोटक व सामान बरामद किया गया।
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दिल्ली में हुए धमाके के बाद मौके पर तैनात पुलिसबल
- फोटो : पीटीआई
हैरत की बात ये है कि इलाके में 2900 किलो से अधिक विस्फोटक व बम बनाने का सामान, भारी मात्रा में हथियार लाकर रखे गए। स्थानीय पुलिस, अपराध शाखा टीमों को इसकी भनक तक नहीं लगी। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि हमारी टीमों ने जम्मू कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर विस्फोटक व हथियार बरामद किए हैं। यहां कोई वारदात किए जाने से पहले ही आरोपी को गिरफ्तार कर संयुक्त टीम ने ये कार्रवाई की है। अन्य जांच एजेंसियों के साथ मिलकर हमारी टीमें काम कर रही हैं।
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दिल्ली में धमाके के बाद जांच करती पुलिस टीम और सुरक्षाबल
- फोटो : पीटीआई
आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के फरीदबाद मॉड्यूल के संदिग्ध आतंकी यानी 'सफेदपोश आतंकी' मॉड्यूल के संबंध में गिरफ्तार किए गए डॉ. मुजम्मिल गनई लालकिला क्षेत्र की पहले भी रेकी कर चुका है। उसके मोबाइल फोन के डेटा के विश्लेषण से पता चला है कि उसने इस साल जनवरी में लाल किला क्षेत्र की कई बार टोह ली थी। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी को लोगों से लगातार पूछताछ कर रही है। दिल्ली पुलिस अभी तक 10 से ज्याादा लोगों से पूछताछ कर चुकी है।
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दिल्ली में धमाके के बाद जांच करती पुलिस टीम और सुरक्षाबल
- फोटो : पीटीआई
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उन्हें संदेह है कि ये रेकी 26 जनवरी को ऐतिहासिक स्मारक को निशाना बनाने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा थी, जो उस समय क्षेत्र में गहन गश्त के कारण विफल हो गई होगी। सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान खुलासा हुआ कि दो प्रमुख संदिग्ध, धमाके वाली आई-20 कार चला रहे डॉ. उमर और मुजम्मिल तुर्किये गए थे।
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दिल्ली में धमाके के बाद जांच करती पुलिस टीम और सुरक्षाबल
- फोटो : पीटीआई
उन्होंने बताया कि जांचकर्ताओं को उनके पासपोर्ट में तुर्किये के आव्रजन टिकट मिले हैं और वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या दोनों अपनी यात्रा के दौरान किसी विदेशी आका से भी मिले थे। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान खुलासा हुआ कि विस्फोट में इस्तेमाल हुंडई आई-20 कार से जुड़े अन्य संदिग्धों के पास एक अन्य लाल रंग की कार भी थी।
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दिल्ली में धमाके के बाद जांच करती पुलिस टीम और सुरक्षाबल
- फोटो : पीटीआई
पुलिस द्वारा जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने और तीन चिकित्सकों सहित आठ लोगों को गिरफ्तार करने के कुछ ही घंटों बाद दिल्ली के लाल किला क्षेत्र के पास एक धीमी गति से चलती कार में उच्च तीव्रता वाला विस्फोट हुआ था। पुलिस ने जम्मू कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में फैले आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर लगभग 2,500 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, पोटेशियम क्लोरेट और सल्फर जब्त किया था।
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दिल्ली में धमाके के बाद जांच करती पुलिस टीम और सुरक्षाबल
- फोटो : पीटीआई
पीएम घायलों से मिले-
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को लोकनायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल का दौरा किया और विस्फोट में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि अपराधियों को न्याय के शिंकजे में लाया जाएगा। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'एलएनजेपी अस्पताल जाकर दिल्ली विस्फोट में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। सभी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। साजिश के पीछे जो लोग हैं, उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।'
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धमाके से पहले का वीडियो फुटेज
- फोटो : वीडियो ग्रैब
40 नमूने एकत्रित किए गए-
विस्फोट स्थल से करीब 40 नमूने एकत्र करने वाली फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के अनुसार, प्रारंभिक विश्लेषण से पता चलता है कि विस्फोटकों में से एक नमूना अमोनियम नाइट्रेट प्रतीत होता है। एक अधिकारी ने बताया कि दूसरा विस्फोटक नमूना अमोनियम नाइट्रेट से भी ज्यादा शक्तिशाली माना जा रहा है। इसकी सटीक संरचना की पुष्टि विस्तृत फ़ोरेंसिक जांच के बाद होगी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि डॉ. मुजम्मिल के मोबाइल फोन से प्राप्त ''डंप डेटा'' के विश्लेषण से पता चला है कि जनवरी के पहले सप्ताह में लाल किला क्षेत्र में और उसके आसपास उसकी बार-बार उपस्थिति थी।
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धमाके से पहले का वीडियो फुटेज
- फोटो : वीडियो ग्रैब
डाटा का विश्लेषण किया जा रहा है-
सुरक्षा एजेंसियां डॉ. उमर की गतिविधि और संचार का पता लगाने के लिए विस्फोट के दिन अपराह्न तीन बजे से शाम 6.30 बजे के बीच लाल किला क्षेत्र से मोबाइल डेटा का भी विश्लेषण कर रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि डॉ. मुजम्मिल ने अपने साथी डॉ. उमर नबी के साथ सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ की प्रवृत्ति का पता लगाने के लिए कई बार लाल किले का दौरा किया था।
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Delhi Blast
- फोटो : अमर उजाला
ईकोस्पोर्ट में सवार था एक 'आतंकी'...i20 के संपर्क में रहा
फरीदाबाद पुलिस ने लाल रंग की इकोस्पोर्ट DL 10 CK 0458 को पकड़ा है, इसका भी इस्तेमाल संदिग्धों द्वारा दिल्ली धमाके में किया गया था। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जिस आई-20 कार में धमाका हुआ था, इस ईकोस्पोर्ट का चालक उसमें सवार संदिग्ध के संपर्क में था। संदिग्ध दिल्ली में दो कारों से पहुंचे थे। एक कार (आई-20), जोकि हरियाणा नंबर की है, उससे लालकिले के सामने बम धमाका किया गया था। जबकि दूसरी (ईकोस्पोर्ट) कार बेलगाम घूम रही थी। इसका रजिस्ट्रेशन नंबर-डीएल-10 सीके 0458 है। इसे बुधवार शाम को फरीदाबाद के खंदावली गांव से बरामद किया गया है।
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Delhi Blast
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों कारें एक साथ दिल्ली पहुंची थी और चांदनी चौक पार्किंग में भी एक ही साथ थीं। लाल इकोस्पोर्ट में एक संदिग्ध सवार था और वह आई-20 कार में सवार संदिग्धों से बात भी कर रहा था। स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि ये दोनों कारें बदरपुर बॉर्डर से एक साथ ही दिल्ली घुसी थीं। साथ ही चांदनी चौक व लालकिले के आसपास एक साथ घूम रही थी।
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धमाके से दहली दिल्ली, क्षतिग्रस्त वाहन
- फोटो : अमर उजाला
इकोस्पोर्ट में सवार संदिग्ध के बारे में अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस बरामद की गई लाल ईकोस्पोर्ट से जुड़ी हर छोटी-बड़ी डिटेल खंगालने में जुट गई है, जिससे इसमें सवार उस संदिग्ध तक पहुंचा जा सके और पूरे मामले की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
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धमाके से दहली दिल्ली, मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस
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धमाके में उमर की मौत? डीएनए जांच से होगी पुष्टि
देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार शाम हुए कार धमाके को फरीदाबाद के सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल से जुड़े उमर नबी ने अंजाम दिया था। पुलिस ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा निवासी डॉ. उमर की भी धमाके में मौत हो गई। इससे धमाके की कड़ियां पुलवामा से भी जुड़ गई हैं।
धमाके से दहली दिल्ली, क्षतिग्रस्त वाहन
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उमर का शव क्षत-विक्षत होने के कारण पहचानना मुश्किल है। ऐसे में शव की पहचान के लिए उमर की मां का डीएनए सैंपल लिया गया है। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जांच मंगलवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी। इससे स्पष्ट संकेत है कि विस्फोट को सरकार आतंकी कृत्य मान रही है।