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Delhi Blast: डॉक्टर बने कश्मीरी युवाओं का ब्रेनवॉश... जैश ने विशेष समुदाय पर हुए जुल्म के वीडियो बार-बार दिखाए

Sat, 22 Nov 2025 01:33 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद

सार

दिल्ली ब्लास्ट में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। जम्मू के मेडिकल कॉलेज से डॉक्टर बने कश्मीरी युवाओं का ब्रेनवॉश कर टेरर मॉड्यूल खड़ा किया गया। सफेदपोश मॉड्यूल में जितने भी डॉक्टर हैं, वे सभी जम्मू के ही मेडिकल कॉलेज से पढ़े हुए हैं। ये सभी अलग-अलग शहरों में आकर नौकरी करने लगे और यहां भी लोगों को मॉड्यूल में जोड़ने लगे हैं।
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Delhi Blast - फोटो : अमर उजाला
जम्मू के मेडिकल कॉलेज से पढ़ाई कर डॉक्टर बने कश्मीरी युवाओं का ब्रेनवॉश कर सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल खड़ा किया गया। इस टेरर मॉड्यूल में जितने भी डॉक्टर अब तक सामने आए हैं, वे सभी जम्मू के ही मेडिकल कॉलेज से पढ़े हुए हैं। फिलहाल ये सभी देश के अलग-अलग शहरों में नौकरी करने लगे और यहां भी लोगों को इस मॉड्यूल से जोड़ने लगे।

जांच एजेंसी के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अब तक पकड़े गए डॉक्टर व अन्य लोग किसी न किसी तरीके से जम्मू के मेडिकल कॉलेज से संबंधित पाए गए हैं। वहीं से सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल की आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने शुरुआत करवाई। 
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Delhi Blast - फोटो : अमर उजाला
इन डॉक्टरों को चुन-चुनकर इनका ब्रेनवॉश किया गया। दुनिया भर में विशेष समुदाय के लोगों पर हो रहे जुल्म के वीडियो इन्हें बार-बार दिखाया गया। ऐसा कर दावा किया गया कि आप लोगों की ही जिम्मेदारी बनती है कि कौम के साथ खड़े हो जाओ और सितारों की बुलंदियों पर अपना नाम लिख दो।
 
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फरीदाबाद में टैक्सी ड्राइवर के घर से मिली आटा चक्की - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सूत्रों के अनुसार, प्रत्येक एक-दो डॉक्टर पर एक पाकिस्तानी हैंडलर नियुक्त किया गया था। वो लगभग हर दिन अपने संपर्क वाले दोनों डॉक्टरों से वॉयस कॉल व वीडियो कॉल पर बात करता। इस दौरान वो दुनिया भर में मुसलमानों पर हो रहे जुल्म की वीडियो दिखाता और ब्रेनवॉश करता। कुछ दिनों तक ऐसा करने के बाद उन्हें बम बनाने, बम धमाका करने के वीडियो लिंक भी पाकिस्तानी हैंडलर शेयर करने लगता।

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अल फलाह यूनिवर्सिटी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अब अमोनियम नाइट्रेट की खरीद-फरोख्त का डिजिटल रिकॉर्ड अनिवार्य
अब दिल्ली सरकार और पुलिस अमोनियम नाइट्रेट की हर खरीद-फरोख्त के डिजिटल रिकॉर्ड रखेगी। सोशल मीडिया पर रेडिकल कंटेंट की साइंटिफिक ट्रैकिंग की जाएगी। लाल किला धमाके के बाद उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने पुलिस कमिश्नर और मुख्य सचिव को ऐसे सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए एलजी सचिवालय की ओर से दोनों अधिकारियों को अलग-अलग विस्तृत संदेश भेजे गए हैं।
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अल फलाह यूनिवर्सिटी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने लाल किला धमाके को गंभीर सुरक्षा चूक माना है। उन्होंने राजधानी की सुरक्षा मजबूत करने के लिए पुलिस कमिश्नर और मुख्य सचिव को कई महत्वपूर्ण कदम उठाने के आदेश दिए हैं। एलजी सचिवालय ने दिल्ली में आतंकी घटनाओं की संभावना को जड़ से खत्म करने और दिल्ली में हाई रिस्क इलाकों की निगरानी को और मजबूत करने के आदेश दिए हैं। 
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अल फलाह यूनिवर्सिटी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसमें सबसे अहम निर्देश अमोनियम नाइट्रेट की खरीद-फरोख्त पर सख्त निगरानी को लेकर है। एलजी ने कहा है कि एक तय मात्रा से अधिक अमोनियम नाइट्रेट खरीदने या बेचने वाली किसी भी कंपनी, कारोबारी या एजेंसी का विस्तृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाए।
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दिल्ली में हुए धमाके में जले वाहन - फोटो : पीटीआई
इस रिकॉर्ड में खरीदने बेचने वाले लोगों की फोटो, पहचान, मात्रा व लेनदेन से जुड़ी सारी जरूरी जानकारियां अनिवार्य रूप से शामिल हों। अधिकारियों को स्पष्ट कहा गया है कि इस संवेदनशील रसायन के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए डाटा मॉनिटरिंग में कोई ढिलाई न हो।
 

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दिल्ली में हुए धमाके में जले वाहन - फोटो : पीटीआई
सुरक्षा चुनौतियों में सबसे बड़ा खतरा बना
दूसरा बड़ा निर्देश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को लेकर है। एलजी ने पुलिस को मेटा, एक्स और अन्य बड़े प्लेटफॉर्म के टॉप मैनेजमेंट के साथ तुरंत कंसल्टेशन एक्सरसाइज शुरू करने को कहा है ताकि ऐसे रेडिकल कंटेंट की वैज्ञानिक तरीके से ट्रैकिंग हो सके जो नागरिकों को भड़काने, बरगलाने या ब्रेनवॉश करने की कोशिश करता है। उनके मुताबिक ऑनलाइन कट्टरपंथी कंटेंट आज की सुरक्षा चुनौतियों में सबसे बड़ा खतरा बन गया है।
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दिल्ली में हुए धमाके के बाद जांच के लिए जाती टीम - फोटो : पीटीआई
जहां कट्टरपंथ का खतरा ज्यादा, वहां ज्यादा ध्यान
एलजी ने पुलिस से उन इलाकों पर ध्यान बढ़ाने को कहा है जहां कट्टरपंथ का खतरा ज्यादा माना जाता है। इसके लिए ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल इंटेलिजेंस दोनों को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। साथ ही, हर थाने स्तर पर कम्युनिटी आउटरीच कार्यक्रम बढ़ाने, स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने और प्रिवेंटिव पुलिसिंग को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए हैं। एलजी ने यह भी स्पष्ट किया है कि दिल्ली जैसे अंतरराष्ट्रीय शहर में सुरक्षा को लेकर कोई भी जोखिम नहीं लिया जा सकता और सभी एजेंसियों को मिलकर लगातार सक्रिय रहना होगा।
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