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Video: म्यूजिक सिस्टम में शॉर्ट सर्किट से गुरुद्वारे में लगी आग, इसी हॉल में रखा था श्री गुरु ग्रंथ साहिब

Sun, 15 Jun 2025 06:04 PM IST
विकास कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद

सार

गुरुद्वारा प्रबंधक गुरदीप सिंह ने बताया कि सबसे पहले गुरु ग्रंथ साहिब को सम्मान पूर्वक और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। उसके बाद आग बुझाने की संगत के जरिए कोशिश की गई। लेकिन आग इतनी तेज थी कि हॉल में लगे सभी इलेक्ट्रॉनिक सामान जलकर राख हो गए। 
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गुरुद्वारे में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
फरीदाबाद सेक्टर 18 स्थित गुरुद्वारा साहिब में रविवार की सुबह अचानक आग लग गई। गुरुद्वारे की पहली मंजिल पर स्थित हॉल में म्यूजिक सिस्टम में शॉर्ट सर्किट हो गया, जिससे आग लग गई। इसी हॉल में पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहिब को स्थापित किया गया था। जिस समय आग की घटना घटित हुई उस समय गुरुद्वारा बंद था और संगत अंदर मौजूद नहीं थी। आरोप है कि सूचना देने के बावजूद भी दमकल की गाड़ियां एक घंटे की देरी से मौके पर पहुंची। तब तक संगत ने आग पर लगभग काबू पा लिया था।
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गुरुद्वारे में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
गुरुद्वारा बंद होने के बाद एक श्रद्धालु माथा टेकने आया था। उसने बाहर से देखा कि अंदर से धुआं निकल रहा है। जिससे उसको अंदाजा हुआ कि अंदर कोई आग लगी हो सकती है। उसी को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन और आस-पास के लोगों को सूचना दी। 20 मिनट के बाद गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के सदस्य और आस-पास की संगत मौके पर पहुंची। जिसके बाद मुख्य गेट के साथ सभी खिड़की व दरवाजों को खोला गया।जिसके बाद इस घटना की सूचना पुलिस और फायर बिग्रेड को दी गई।
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गुरुद्वारे में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
गुरुद्वारा प्रबंधक गुरदीप सिंह ने बताया कि सबसे पहले गुरु ग्रंथ साहिब को सम्मान पूर्वक और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। उसके बाद आग बुझाने की संगत के जरिए कोशिश की गई। लेकिन आग इतनी तेज थी कि हॉल में लगे सभी इलेक्ट्रॉनिक सामान जलकर राख हो गए। उन्होंने बताया कि इस हॉल को करीब छह महीने पहले ही रेनोवेट किया गया था।
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गुरदीप सिंह - फोटो : अमर उजाला
नहीं था कोई फायर सेफ्टी सिस्टम
हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी फरीदाबाद के सदस्य रविंद्र सिंह राणा ने मौके पर पहुंच कर जायजा लिया। तो उन्होंने पाया कि गुरुद्वारे में कोई भी फायर सेफ्टी उपकरण मौजूद नहीं थे। अगर फायर उपकरण होते तो आग पर तुरंत काबू पा लिया जाता। इस तरह की घटना भविष्य में हो उसके लिए उन्होंने आश्वासन दिया कि जिले के सभी गुरुद्वारों में फायर सेफ्टी उपकरण अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे।

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