मैं गुरुग्राम में 13 साल से परिवार के साथ रह रही हूं। दस वर्ष तक कई जगह परिवार के साथ किराये पर रही लेकिन कभी इस बात का अहसास ही नहीं हुआ कि हम लोग दूसरे प्रदेश या वर्ग, समुदाय के लोगों के बीच रह रहे हैं। भोंडसी स्थित भूप सिंह नगर में हुए खूनी संघर्ष में घायल मकान मालिक की बीवी ने बताया कि धुलंडी (फाग) पर हुई घटना के बाद हमारा परिवार इतना भयभीत है कि मेरी जेठानी की नातिन रोज अपने पिता को कहती है कि यहां से चलो वरना वो होली वाले फिर आ जाएंगे।
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तीन साल पहले हमने यहां पर कर्जा लेकर घर बनवाया, लेकिन अब यहां नहीं रहेंगे। हमें इंसाफ मिल जाए फिर मैं अपने पूरे परिवार के साथ यहां से चली जाऊंगी। मूलरूप से यूपी के पांचे गांव (बागपत) के रहने वाले पीड़ित परिवार की महिला ने बताया कि तीन साल पहले हमने अपनी कुछ बचत और कर्ज लेकर मकान बनवाया।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
यहां इतना अच्छा माहौल है कि हम कई बार अपने बच्चों को अकेला छोड़कर भी घर (यूपी) चले जाते हैं। हमें कभी डर तक नहीं लगा। घर के आसपास दूसरे समुदाय के लोगों के घरों में भी आना-जाना है। घटना वाली शाम आसपास के सभी लोगों ने उस मंजर को देखा, लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आ सका। उन लड़कों ने घर में घुसकर हमारी महिलाओं और बच्चों तक को नहीं बख्शा।
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घर की खिड़कियों के टूटे कांच
- फोटो : अमर उजाला
मेरी जेठानी की डेढ़ साल की पोती को हमने अलमारी में छिपा दिया था, लेकिन उन लड़कों ने अलमारी से इस मासूम को निकालकर बेड पर पटक दिया। उन्होंने धमकी दी कि यहां से छोड़कर चले जाओ नहीं तो इस मकान को बुलडोजर से गिरा देंगे और आग लगा देंगे।
उस दिन से घर के बच्चे काफी डरे हुए हैं, रोज कहते हैं कि यहां से चलो नहीं तो होली वाले आ जाएंगे। हमें फिलहाल पुलिस सुरक्षा तो मिली हुई है लेकिन अभी भी डर का माहौल बना हुआ है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हम यहां से चले जाएंगे।