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वो परिवार जो हार गए जिंदगी की जंग, एक साथ हुई दर्दनाक मौत

Sat, 14 Dec 2019 04:20 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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वो परिवार जो हार गए जिंदगी की जंग - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में शुक्रवार(13 दिसंबर) को एक शख्स ने मेट्रो के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली और फिर बाद में उसकी बीवी ने बेटी के साथ अपने घर में आत्महत्या कर ली। शुरुआती जांच में बात सामने आई है कि परिवार के मौत की वजह आर्थिक तंगी हो सकती है। ऐसा ही एक हादसा बीते सप्ताह गाजियाबाद में हुआ था जब एक शख्स ने अपने दो बच्चों को मौत के घाट उतारकर खुद अपनी बीवी और महिला मैनेजर के साथ आत्महत्या कर ली।

बीते कुछ समय में ऐसी कई घटनाएं सामने आईं हैं जब अपनों ने ही परिवार को मौत के घाट उतारकर या तो खुद भी आत्महत्या कर ली या फिर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पढ़ें ऐसी ही कुछ वारदातें जो किसी को भी झकझोर सकती हैं.....
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पति के मेट्रो के आगे कूदकर जान देने के बाद पत्नी ने बेटी संग लगाई फांसी - फोटो : लाल सिंह
पहली वारदातः पति की आत्महत्या से आहत होकर बेटी संग लगाई फांसी
नोएडा निवासी और दिल्ली की एक कंपनी में जनरल मैनेजर ने शुक्रवार सुबह दिल्ली में जेएलएन मेट्रो स्टेशन पर ट्रेन के आगे  कूदकर खुदकुशी  कर ली। इसकी सूचना मिलने पर सदमे में आई पत्नी ने देर रात पांच वर्षीय बेटी के साथ अपने फ्लैट में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
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- फोटो : अमर उजाला
दूसरी वारदातः गाजियाबाद में कारोबारी ने बच्चों को मारकर फिर खुद लगा पत्नी और महिला मैनेजर के साथ की आत्महत्या
इंदिरापुरम के वैभवखंड स्थित कृष्णा अपरा सफायर सोसायटी में मंगलवार सुबह कारोबारी ने अपने दो बच्चों की हत्या कर महिला मैनेजर और पत्नी के साथ आठवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को कमरे की दीवार पर सुसाइड नोट लिखा मिला है जिसमें कारोबारी ने अपनी मौत और तंगी के लिए साढ़ू राकेश वर्मा को जिम्मेदार ठहराया। बच्चों की हत्या के बाद कारोबारी ने दिल्ली में एक परिचित को वीडियो कॉल करके कहा कि अब सब खत्म हो गया है। पुलिस ने पांचों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच शुरू कर दी।

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महरौली हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
तीसरी मामला: महरौली में एक शिक्षक ने अपने ही परिवार को खत्म किया

राजधानी के महरौली में शुक्रवार देर रात(21-22 जून) एक शिक्षक ने पत्नी और तीन बच्चों को नींद की गोलियां देकर सुलाने के बाद उनकी गला रेतकर हत्या कर दी। चाकू और पत्थर काटने वाली मशीन से गला काटने के बाद आरोपी रातभर शवों के पास बैठा रहा। घटना का खुलासा होने पर आरोपी उपेंद्र कुमार शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक मूलरूप से चंपारन (बिहार) निवासी शिक्षक परिवार के साथ वार्ड नंबर-2, महरौली में रहता है। वह ऊपर के कमरे में पत्नी अर्चना (35), बेटी रानिया (8), बेटा रौनक (5) और 40 दिन की बेटी रानी के साथ सोने गया था। उसकी सास ललिता देवी और भतीजी अनमोल दूसरे कमरे में सो रही थी। सुबह सास बेटी-दामाद को जगाने गई तो काफी देर तक दरवाजा खटखटाया। फिर शोच मचाने पर पड़ोसियों ने आकर दरवाजा खोला तो अंदर खून से लथपथ शव पड़े थे। शवों के पास उपेंद्र कमरे में ही मौजूद था।
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- फोटो : अमर उजाला
चौथी वारदात: वैज्ञानिक ने पत्नी और दो बच्चों की हत्या कर लगाई फांसी
दिल्ली से सटे गुरुग्राम में सोमवार सुबह यह सनसनीखेज वारदात सामने आई। एक वैज्ञानिक ने अपने पूरे परिवार को मौत के घाट उतार दिया, और फिर खुद आत्महत्या कर ली। गुरुग्राम के सेक्टर-49 स्थित उप्पल साउथ एंड एस ब्लॉक के फ्लैट नंबर 299 में डॉक्टर प्रकाश सिंह(55) अपने परिवार के साथ रहते थे। उनके परिवार में पत्नी सोनू सिंह(50), बेटी अदिति(22) और बेटा आदित्य(13) थे। कोमल एक गैर सरकारी पाठशाला का संचालन करती थीं। अदिति जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय में बी-फार्मा की छात्रा थी, जोकि गुरुग्राम के बेस्टेक पार्क स्थित एक कंपनी में इंटर्नशिप कर रही थी। बेटा आदित्य डीएवी स्कूल में 9वीं कक्षा का छात्र था।
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पांचवीं वारदात: गाजियाबाद में पत्नी और तीन बच्चों की हत्या कर की आत्महत्या
गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के न्यू शताब्दीपुरम में युवक ने तीन बेटियों और पत्नी की निर्ममता के साथ हत्या कर खुदकुशी कर ली। हथौड़े से पत्नी के सिर पर वार किए और तीनों बच्चियों के मुंह पर टेप चिपकाकर गला घोंट दिया गया। इसके बाद युवक ने अपने मुंह पर टेप चिपकाकर आत्महत्या कर ली। मृतक युवक की जेब से सुसाइड नोट मिला है। बताया गया कि युवक पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति से संबंध होने का शक करता था। 

मूलरूप से मेरठ के गांव अघैड़ा निवासी प्रदीप (37) पुत्र फेरुराम वर्तमान में न्यू शताब्दीपुरम माता-पिता, बहन, पत्नी संगीता (35) और बेटियों मनस्वी (8), यशस्वी (5) व ओजस्वी (3) के साथ रह रहा था। संगीता एम्स में स्टाफ नर्स थी। मनस्वी कक्षा तीन, यशस्वी कक्षा दो और ओजस्वी प्ले स्कूल में थी। शुक्रवार सुबह 4:30 के बाद बच्चियों के रोने की आवाज आने पर प्रदीप के पिता ने शोर मचाया। प्रदीप को दरवाजा खोलने के लिए कहा। उसने कहा कि कुछ देर रुको अभी दरवाजा खोलता हूं। कुछ ही देर में कमरे से आवाज आनी बंद हो गई। उन्होंने अंदर दरवाजा काफी देर तक बजाया, लेकिन कोई नहीं बोला। 

पड़ोसियों को बुलाया और ऊपर जाकर देखा तो सभी बेड पर पड़े हुए थे। परिवार के लोगों ने पुलिस को 100 नंबर पर सूचना दी। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा तो पांचों के शव बेड पर पड़े थे। पुलिस ने बताया कि संगीता की सांसें चल रहीं थी। उसे संजय नगर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसने दम तोड़ दिया। परिजन प्रदीप व तीनों बच्चियों को डासना सीएचसी ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने सभी शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए।
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