केन्याई युवती को ओला कैब से खींचकर हमले की झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई थी। रास्ते में हुए हमले के युवती के आरोपों को पुलिस और कैब चालक ने नकार दिया है। एसएसपी धर्मेंद्र सिंह नेे बृहस्पतिवार को प्रेसवार्ता के दौरान उस चालक को पेश किया, जिसकी कैब में बैठकर युवती ओमीक्रॉन-1ए सेक्टर पहुंची थी।
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एसएसपी ने बताया कि कैब चालक युवती को सुरक्षित फ्लैट पर छोड़ने के बाद भुगतान लेकर लौटा था और उस दौरान वहां युवती का दोस्त भी था। पुलिस ने दावा किया है कि उनके पास युवती को सुरक्षित छोड़कर जाने के साक्ष्य भी मौजूद हैं।
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एसएसपी ने बताया कि मूलरूप से केन्या निवासी मारिया बूरेंडी ने बुधवार सुबह रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मारिया का कहना था कि सेक्टर ओमीक्रॉन-1ए के पास अज्ञात लोगों ने कैब से खींचकर उस पर हमला कर दिया था।
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मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मारिया को बैठाकर लाने वाले कैब चालक पिंटू को ढूंढ निकाला। पिंटू ने पुलिस को बताया कि बुधवार सुबह 5:50 बजे मारिया ने दिल्ली पुलिस सोसायटी से सेक्टर ओमीक्रॉन-1ए के लिए ओला कैब बुक कराई थी।
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वहां पहुंचाने के बाद उसने 120 रुपये का किराया मांगा। मारिया ने अपने दोस्त से किराया देने की बात कही। दोस्त ने 500 का नोट दिया तो पिंटू ने खुले रुपये देने के लिए कहा। इस पर मारिया ने अपने पास से ही 120 रुपये का भुगतान किया।
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इसके बाद पिंटू लौट गया। पिंटू ने कहा कि रास्ते में भी युवती से कोई विवाद, मारपीट या हमला नहीं हुआ। एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि युवती के मोबाइल से ही कैब बुक कराने और भुगतान कराने संबंधी साक्ष्य मिले हैं। इससे पता चला है कि उसने हमले के जो आरोप लगाए हैं, वह गलत हैं।
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वहीं फेडरेशन ऑफ अफ्रीकी स्टूडेंट इन इंडिया के चार्ल्स ने बताया कि उन्होंने स्वयं मारिया से इस संबंध में बात की है। उसके आरोप सही नहीं हैं। उसने पारिवारिक परेशानी के चलते इस तरह के आरोप लगाए। प्रेसवार्ता में पहुंचे केन्याई दूतावास के अधिकारी ने पुलिस की अब तक की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है।
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एसएसपी ने उठाए सवाल : -हमले की सूचना फ्लैट पर पहुंचने के लगभग सवा घंटे बाद क्यों दी गई।
-मारिया स्वयं एक निजी अस्पताल में भर्ती हुई और उसने कंट्रोल रूम पर कॉल करने के बजाय सीधे एक चौकी इंचार्ज के मोबाइल पर कॉल कर हमले की सूचना क्यों दी।
-घटना के दिन से पहली रात पुलिस को मारिया घूमती मिली थी, पुलिस ने उसेे फ्लैट तक पहुंचाया था। परी चौक पर प्रदर्शन के दौरान भी मारिया इसी तरह देर रात तक घूम रही थी, तब भी पुलिस ने उसे सुरक्षित फ्लैट तक पहुंचाया था।
इन सवालों के जवाब बाकी : - अगर मारिया ने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई तो पुलिस ने उस पर कार्रवाई क्यों नहीं की।
- कैब चालक नेे मारिया के फ्लैट पर पहुंचते ही बोतल लाकर शराब पीने की बात कही, मेडिकल रिपोर्ट में इसकी पुष्टि क्यों नहीं की गई।
- एसएसपी ने जिस पुलिसकर्मी को प्रेसवार्ता में चौकी इंचार्ज बताकर मारिया के उसके मोबाइल पर सूचना देने की बात कही, क्या उस उसकी तैनाती कासना कोतवाली में है।