मोती नगर के सुदर्शन पार्क इलाके में बृहस्पतिवार देर रात संदिग्ध हालात में एक मकान में लगी आग में बुजुर्ग दंपती की जलकर मौत हो गई, जबकि एक किराएदार झुलस गया। दंपती की शिनाख्त छेदीलाल गुप्ता (70) और लक्ष्मी गुप्ता (62) के रूप में हुई है।
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किराएदार की पहचान विनय के रूप में हुई है। घटना के बाद से दंपती का बेटा गायब है। पुलिस मानसिक रूप से अशक्त बेटे पर माता-पिता को जलाने का शक जता रही है। पुलिस के अनुसार छेदीलाल अपनी पत्नी लक्ष्मी व बेटे संतोष (40) के साथ सुदर्शन पार्क इलाके में रहते थे।
वह रेहड़ी पर फल की जूस बेचकर परिवार का गुजारा करते थे। छेदीलाल के दो बेटे और दो बेटियां और हैं जिनकी शादी हो चुकी है और वह अपने परिवार के साथ अलग रहते हैं। बृहस्पतिवार देर रात करीब 3:30 बजे पुलिस को मकान में आग लगने की सूचना मिली।
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दमकल की तीन गाड़ियां ने करीब एक घंटे बाद आग में काबू पा लिया। आग बुझाने के बाद कमरे से दंपती के शव बरामद हुए। शव बुरी तरह जले हुए थे। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि दंपती और उसके बेटे के अलावा मकान में तीन किराएदार भी रहते हैं।
जिसमें से एक विनय दंपती को बचाने की कोशिश के दौरान झुलस गया। जबकि दो अन्य किराएदार किसी तरह से बाहर निकलने में कामयाब रहे थे। संतोष शादीशुदा नहीं है और वह मानसिक रूप से अशक्त है। उसका इलाज चल रहा है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि संतोष अकसर अपने परिजनों से मारपीट करता था। वह नशे का आदी भी बताया जा रहा है।
परिवार वालों ने बताया कि संतोष अपने परिजनों ने अकसर रुपये की मांग करता था और रुपये नहीं मिलने पर वह उनके साथ मारपीट करता था। झगड़े के दौरान कई दिन उसके माता-पिता पुलिस को फोन कर बुलाते थे। जांच के दौरान किराएदार विनय ने बताया कि आग लगने के बाद उसने संतोष बिना हल्ला किए घर से निकलकर भाग गया।
इससे आशंका है कि घर में उसने ही आग लगाई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में पता चला है कि कमरे में आग लगाई गई है। घटना के बाद मिले साक्ष्य और सबूत संतोष के खिलाफ हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी के बात ही पूरे मामले का खुलासा हो पाएगा।