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मेट्रो के ब्रेक फेल होने से हुआ ये बड़ा हादसा, जल्द ही होने वाला था उद्घाटन

Wed, 20 Dec 2017 11:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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metro - फोटो : अमर उजाला
क्रिसमस डे पर मजेंटा लाइन के खुलने से पहले डीएमआरसी की ड्राइवरलेस मेट्रो ट्रेन डिपो में डिरेल हो गई। मंगलवार दोपहर बाद मजेंटा लाइन पर बने कालिंदी कुंज डिपो में एक नई ट्रेन डिपो का दीवार तोड़ते हुए बाहर आ गई।
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metro - फोटो : अमर उजाला
हालांकि किसी के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन इस हादसे से लाइन के खुलने से पहले सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। क्योंकि पहली बार मेट्रो में ड्राइवरलेस मेट्रो ट्रेन तकनीकी कम्युनिकेशन बेस्ड सिग्नलिंग सिस्टम (सीबीएसटी) का प्रयोग किया जा रहा है। वह भी तब जब इस लाइन के पहले सेक्शन का 25 दिसंबर को उद्घाटन करने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंच रहे हैं।
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metro - फोटो : अमर उजाला
डीएमआरसी के मुताबिक, हादसा मंगलवार दोपहर करीब 3:40 बजे हुआ। मेट्रो ट्रेन को धुलाई के लिए डिपो में ही बने रैंप पर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान वह रैंप पर जाते समय पीछे की तरफ चलने लगी।

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metro - फोटो : अमर उजाला
पीछे की तरफ जाने के दौरान उसका ब्रेक नहीं लगा, जिससे वह डिपो का दीवार तोड़ते हुए बाहर निकल गई। इस घटना में किसी को भी चोट नहीं आई है। मेट्रो ट्रेन को नुकसान पहुंचा है। डीएमआरसी के प्रवक्ता अनुज दयाल के मुताबिक जब ट्रेन को जांच के लिए वर्कशॉप में ले जाया जाता है तो ब्रेक अलग करके चेक किया जाता है। यह रूटीन प्रक्रिया है।
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ट्रेन की जांच के बाद धुलाई के लिए ले जाया गया, लेकिन वहां ले जाने से पहले ब्रेक की दोबारा जांच नहीं की गई। धुलाई के लिए रैंप पर ले जाते समय पीछे की तरफ ढलाव था और ट्रेन का ब्रेक काम नहीं कर रहा था तो इसलिए वह डिपो की दीवार तोड़कर बाहर आ गई।
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metro - फोटो : अमर उजाला
अनुज दयाल के मुताबिक, डिपो के अंदर ट्रेन को पूरी तरह से मैनुअली चलाया जा रहा था। उस समय हम ड्राइवरलेस ट्रेन के लिए प्रयोग होने वाली तकनीक का प्रयोग नहीं कर रहे थे। इसलिए यह कहना की ड्राइवरलेस मेट्रो ट्रेन की तकनीक  फेल हो गई है गलत है। यह सिर्फ मानवीय भूल है, जिसके चलते यह हादसा हुआ।
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जांच के लिए बनाई तीन निदेशकों की टीम 
दिल्ली मेट्रो के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। इसके लिए उन्होंने तीन कार्यकारी निदेशकों की टीम बनाई है। वह मामले की जांच कर रिपोर्ट देंगे। मेट्रो अधिकारियों ने कहा कि हम इस घटना को गंभीरता से ले रहे हैं। इसकी जांच के बाद जो भी दोषी है उस पर कार्रवाई होगी। प्राथमिक जांच में यह मानवीय भूल का मामला लग रहा है।

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ड्राइवरलेस को लेकर यह तीसरा हादसा 
ड्राइवरलेस मेट्रो को लेकर सवाल उठना लाजिमी है क्योंकि निर्माणाधीन मेट्रो फेज तीन में अब तक तीन हादसे सामने आए हैं हालांकि मेट्रो अभी तक दो की पुष्टि करती आई है। पहला हादसा इसी कालिंदी कुंज डिपो में 04 नवंबर 2016 को हुुआ था जब दो नई मेट्रो ट्रेन डिपो में टकरा गई थी। तब भी मेट्रो ने उसे मानवीय भूल बताया था। दूसरा हादसा बृहस्पतिवार को पिंक लाइन (मजलिस पार्क से शिव विहार) लाइन पर ट्रायल के दौरान ट्रैक से उतरने की खबर आई लेकिन मेट्रो इसे सिरे से खारिज कर रही है। अब तीसरा हादसा फिर कालिंदी कुंज में हुआ है जहां ट्रेन दीवार तोड़कर बाहर आ गई है। 

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फैक्ट फाइल: 
36.98 किलोमीटर लंबी है मजेंटा लाइन लाइन। 
25 मेट्रो स्टेशन है इस पूरी लाइन पर। 
12.64 किलोमीटर का एक सेक्शन अभी खुलेगा। 
09 स्टेशन होंगे खुलने वाले सेक्शन पर। 
90 सेकेंड तक की फ्रीक्वेंसी चल सकती है। 
01 लाख से अधिक यात्रियों को मिलेगा। 
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खुलने वाले सेक्शन पर ये होंगे स्टेशन 
कालकाजी मंदिर, ओखला एनएसआईसी, सुखदेव विहार, जामिया मिलिया इस्लामिया, जसोला विहार, शाहीन बाग, कालिंदी कुंज, ओखला बर्ड सेंचूरी व बॉटेनिकल गार्डन। 
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