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आप सबको याद होगा वेलेंटाइन डे, पर क्या किसी को याद हैं चेतन चीता जिन्होंने इसी दिन गंवाई...

Wed, 14 Feb 2018 03:24 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नर्ई दिल्ली
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valentines day
फरवरी का महीना शुरू होते ही, हर किसी के मन में वेलेंटाइन डे को लेकर उत्साह शुरू हो जाता है। लोग तरह-तरह से 14 फरवरी के दिन, अपने प्यार का इजहार करते है। आप देखेगें कि बाजार में गुलाब का फूल, टेडी बियर और बहुत तरह के शानदान तोहफे मिलते हैं। पर क्या आपने सोचा कि हमे वैलेंटाइन डे या कोई भी त्योहार मनाने की आजादी कैसे मिलती है?  किसकी वजह से हम त्योहार मना पाते है? आपका जवाब शायद 'नहीं' होगा।
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देश के बॉर्डर पर तैनात हमारे वीर जवानों के कारण हम शांति से त्योहार मना पाते हैं, प्यार का इजहार कर पाते है यानि वैलेंटाइन डे मना पाते है। फरवरी के इस महीने में वेलेंटाइन डे तो सबको याद रहता है। मगर क्या किसी को सीआरपीएफ कमांडेंट चेतन चीता याद है? उनका भी वेलेंटाइन डे से खास कनेक्शन है।
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वो चेतन चीता जिन्होंने 14 फरवरी 2017 को अपने सीने पर नौ गोलिया खाई थीं। देश की रक्षा और प्रेम में उन्होंने अपनी एक आंख गंवा दी। शरीर पर गोली लगने के बाद भी वे आतंकवादियों से लड़ते रहे। उनका साहस फिर भी नहीं हारा।

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आपको बता दें कि चेतन चीता जम्मू-काश्मीर के बांदीपुरा में आतंकियों से मुठभेड़ में बुरी तरह जख्मी हो गए थे। उन्हें 9 गोलियां लगीं, जिसमें से एक उनके सर पर भी जा लगी। वे एम्स में करीब 2 महीने कोमा में थे। डॉक्टरों ने कहा था कि उनका ठीक होना किसी चमत्कार से कम नहीं है।  इस घटना में कमांडेंट चीता ने अपनी एक आंख हमेशा के लिए खो दी।
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जब कमांडेंट चीता कोमा से बाहर आए थे तो उन्होंने कहा था कि वे जल्द ठीक हो कर देश की सेवा में वापस से लग जाएंगे। उनका पहला कर्तव्य देश की सेवा है। उन्होंने एक टीवी इंटरव्यू में कहा था कि ' जाना तो मुझे वहां(सीमा पर) ही है....' 
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उनके माता-पिता ने बताया कि कमांडेंट चीता को शुरू से देश की सेवा करने का जुनून था। उनके पिता रिटायर्ड आरएस अफसर है। कमांडेंट चीता पढ़ाई में बहुत होशियार थे। उन्होंने सीआरपीएफ की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। 
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देश के युवाओ के लिए कमांडेंट चीता एक प्रेरणास्रोत हैं। अफसोस की बात तो ये है कि देश के लोगों को अपने जवानों का त्याग दिखाई नही देता। जो हमारे लिए सरहद पर खतरो से घिरे रहते हैं, उन्हें देश के लोग भूल जाते हैं।
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देश को गर्व होना चाहिए कि देश के पास कमांडेंट चेतन चीता जैसे वीर जवान हैं।  
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