दिवाली और छठ पूजा में घर जाने के लिए बड़ी संख्या में दिल्ली में रहने वाले पूर्वांचल की तरफ रवाना हुए। शनिवार को स्टेशन पहुंचे लोगों में सिर्फ एक ललक थी कि वह कैसे ट्रेन में चढ़कर अपने घर तक पहुंचे। छुट्टी वाले दिन भीड़ के आगे रेलवे की तमाम तैयारियां धरी रही गईं।
टिकट काउंटर और ट्रेनें ही नहीं स्टेशनों पर भी काफी भीड़ थीं। अराक्षित, अनारक्षित, वातानुकूलित कोच यात्रियों से खचाखच भर कर रवाना हुई। अनारक्षित कोच में जगह नहीं मिलने पर ट्रेनों के शौचालयों में भी सामान रख, गेट पर खड़े होकर घर पहुंचने की मजबूरी दिखीं।
पूर्वांचल की तरफ जाने वाली सत्यागह, संपर्क क्रांति, गोरखधाम, वैशाली, पूर्वा, संपर्क क्रांति, सप्त क्रांति महाबोधि समेत सभी सभी राजधानी ट्रेनों के अनारक्षित कोच का हाल बुरा था है। ट्रेनों के अनारक्षित कोच में तो घंटों लाइन में लगने के बाद ट्रेन के गेट तक पहुंचना मुश्किल दिखा।
प्लेटफार्म से ट्रेन छूटते वक्त भी पुलिस प्रबंधन भी सख्ती दिखाते हुए लोगों को ट्रेन भीतर भेज रहे थे। रेलवे स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रण करना प्रशासन के लिए मुश्किल साबित होता दिखा।
इतना ही नहीं आनंद विहार, नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशनों पर तो अफरातफरी की स्थिति थी। हालांकि थोड़ी राहत यह थी कि ट्रेन समय से पहले प्लेटफार्म पर लगा दी जा रही थी। आनंद विहार रेलवे स्टेशन परिसर के गेट से ही लंबी लाइन में लगकर प्लेटफार्म तक पहुंचना पड़ रहा था।