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यादों में धर्मेंद्र: नगाड़ों की थाप, हरियाणवी गीत; कभी दिल्ली में जाटों के बीच जमकर नाचे थे बॉलीवुड के 'ही-मैन'

Tue, 25 Nov 2025 10:01 AM IST
अनुज कुमार विनोद डबास, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Dharmendra RIP: दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम के जाट सम्मेलन में कोट-पैंट पहने धर्मेंद्र ने नगाड़ों की थाप पर हरियाणवी अंदाज में ठुमके लगाए थे। और भावुक होकर कहा था, “आज आपके बीच आकर बाप की शफकत, भाई का प्यार और बच्चों का स्नेह महसूस हो रहा है”।
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स्मृति शेष धर्मेंद्र... - फोटो : पीटीआई-एएनआई
वर्ष 2007 में तालकटोरा स्टेडियम में जाट सम्मेलन में नगाड़ों की थाप, हरियाणवी लोकगीतों की झंकार और कोट पैंट पहने धर्मेंद्र ऐसे नाच रहे थे, जैसे अपनी ही मिट्टी पर लौटकर फिर से जवान हो गए थे। नगाड़ा बजा और धर्मेंद्र ने हाथ उठाकर ठेठ हरियाणवी अंदाज में कदम थिरकाई तो पूरा स्टेडियम झूम उठा।
 
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बिजनौर के इंदिरा बाल भवन में 10 दिसंबर 2004 में जाट आरक्षण सभा के संयोजक शूरवीर सिंह के साथ अभ
सोमवार को उनके निधन की खबर के बाद दिल्ली के जाट समुदाय में यही यादें फिर से ताजा हो गईं। तालकटोरा में उनका भाषण सुनने वाले लोग आज उसी लहजे में बोले, धर्मेंद्र सिर्फ स्टार नहीं थे, वो हमारे दिल का टुकड़ा थे। उस समय अखिल भारतीय जाट महासभा की युवा ईकाई के महासचिव नरेश शौकीन कहते हैं कि मंच पर आते ही धर्मेंद्र ने भावुक कर दिया था। धर्मेंद्र ने भीड़ को देखा और पहला वाक्य बोला, आज आपके बीच आकर एक ऐसी खुशबू आ रही है, कहीं बाप की शफकत, कहीं भाई का प्यार, कहीं बच्चों का स्नेह।
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धर्मेंद्र - फोटो : एक्स
ये कहते हुए उनकी आवाज भर आई और स्टेडियम में बैठे लोग जैसे एक साथ भावुक हो गए। तभी धर्मेंद्र ने कहा, मैं उस कौम का बच्चा हूं जिसे अन्नदाता कहा जाता है। इस वाक्य पर तालकटोरा स्टेडियम जयघोष से भर गया था। ये लाइन सुनकर लगा कि धर्मेंद्र सिर्फ भारत के नहीं, हमारी मिट्टी के चेहरे हैं।

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स्मृति शेष धर्मेंद्र... - फोटो : पीटीआई-एएनआई
चौगामा विकास समिति के महासचिव विजेंद्र सिंह के अनुसार, उस समय धर्मेंद्र ने हंसते हुए एक चुटकी ली, कहते हैं आदम-हव्वा ने गंदम खाया तो होश आया लेकिन जाट होने के नाते लगता है उससे पहले ही हमारी कौम पैदा हो चुकी थी।
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बीकानेर से सांसद रहे बॉलिबुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का निधन - फोटो : अमर उजाला
इस पर लोगों ने खूब ठहाके लगाए थे। उनका अगला तंज और ज्यादा मशहूर हुआ, जब उन्होंने एक बार कौन से जाट हो तुम को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा था कि मैं वो जाट हूं जो खाट खड़ी कर देता है।
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धर्मेंद्र - फोटो : X
उनकी यह बात सुनकर स्टेडियम तालियों और हूटिंग से गूंज उठा था। तभी धर्मेंद्र ने कहा कि दिमाग से काम सब लेते हैं, लेकिन हम दिल से भी लेते हैं, क्योंकि मालिक ने हमें कलेजा दिया है। हम कलेजे का ही इस्तेमाल ज्यादा करते हैं।
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धर्मेंद्र के फार्महाउस की तस्वीरें - फोटो : instagram
नजफगढ़ के प्रीतम डागर ने बताया कि धर्मेंद्र ने जाटों की कथित छवि पर भी तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि हमें कोई लठ्ठ कह देता कै, तो हम बता देंगे कि प्यार में भी बाजी जाट ही ले जाएगा। दिलों पर राज करेंगे।
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बॉलिबुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का निधन - फोटो : अमर उजाला
उत्तम नगर मलखान सिंह कहते हैं कि उस भाषण में गुस्सा नहीं, गर्व था। भाषण के अंत में उन्होंने किसान आत्महत्याओं का दर्द भी उठाया था और उन्होंने पूछा था कि किसान क्यों खुदकुशी कर रहा है, वो जाट किसान है, आंच नहीं आने देता।
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