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दिल्ली प्रदूषण: काले पड़ने लगे हैं दिल्ली में युवाओं के फेफड़े

Fri, 16 Nov 2018 01:35 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली वायु प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला
राजधानी में प्रदूषण का दुष्प्रभाव लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। सर गंगाराम अस्पताल में हाल ही में किए गए अध्ययन में दावा किया है कि दिल्ली के युवाओं के फेफड़े अब काले पड़ने लगे हैं। दो माह पहले ही ये अध्ययन पूरा हुआ है। 
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दिल्ली वायु प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला
अस्पताल के सर्जन डॉ. अरविंद कुमार का कहना है कि फेफड़ों में ब्लैक स्पॉट नजर आने लगे हैं, जो पीएम 2.5 के कण शरीर में जाने के बाद दिखाई देते हैं। अभी तक इस तरह के ब्लैक स्पॉट मैच्योर लोगों में ही नजर आते थे। इस बार प्रदूषण का विकराल रूप टीनेजर्स (किशोरावस्था) को भी नहीं बख्श रहा।
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दिल्ली वायु प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला
डॉ. कुमार का कहना है कि लगभग 150 फेफड़ों में कैंसर ग्रस्त मरीजों पर ये अध्ययन किया गया। इसके अनुसार जो लोग स्मोक करते हैं और जो नॉन स्मोकर हैं, उन दोनों में फेफड़ों का कैंसर समान था। यानी, 50 प्रतिशत फेफड़े कैंसर स्मोक की वजह से और 50 प्रतिशत लंग्स कैंसर नॉन स्मोकर को था।  कैंसर इन्हें प्रदूषण की वजह से हुआ था। 

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दिवाली के बाद दिल्ली की हवा बेहद खराब हो गई है
अन्य अस्पतालों के डॉक्टरों ने भी जताई सहमति      
गंगाराम अस्पताल के अध्ययन पर  मैक्स अस्पताल के डॉ. रजनीश मल्होत्रा, सफदरजंग अस्पताल के डॉ. जुगल किशोर, एम्स के डॉ. नवल ने  भी सहमति जताई है। इनका कहना है कि उनके पास रोजाना कई ऐसे मरीज आ रहे हैं जिन्हें जहरीली हवा के चलते हार्ट में परेशानी हो रही है। इस प्रदूषित हवा का असर शरीर के प्रत्येक हिस्से में पड़ता है और हार्ट भी इनमें से एक है। जब हम इस वातावरण में सांस लेते हैं तो पीएम 2.5 के कण शरीर में जाते हैं और यह हार्ट, लंग्स जैसी चीजों पर जम जाते हैं जिसकी वजह से सांस लेने में परेशानी होती है।
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हवा इतनी जहरीली हो चुकी है कि इसमें अल्ट्राफाइन पार्टिकल्स भी आ चुके हैं। ये पीएम 2.5 से भी छोटे हैं। इन्हें पीएम 1 भी कहा जाता है। ये अल्ट्राफाइन पार्टिकल्स सीधे ब्लड में घुलकर पूरे शरीर में चले जाते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि इसे किसी तरह की दवा, योगा या अन्य चीज से बाहर नहीं निकाला जा सकता। - डॉ. अभिषेक कुमार, सीईओ,  लंग्स केयर फाउंडेशन 
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