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दिल्ली हिंसा में हुआ चौंकाने वाला खुलासा, एक सप्ताह पहले ही ट्रैक्टरों में भरकर मंगवाई गई थीं ईंटें

Fri, 28 Feb 2020 10:48 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली में हिंसा - फोटो : अमर उजाला
देश की राजधानी दिल्ली में हुए दंगों में अब तक 42 लोगों के मारे जाने की खबर है। सैकड़ों घायल हैं और करोड़ों का नुकसान हुआ है। खौफ और खून से सने दंगों को लेकर धीरे-धीरे कई खुलासे हो रहे हैं। पता चला है कि हिंसा के लिए बोरियों में पत्थर रखकर छतों पर पहुंचाने के लिए ट्रैक्टरों की मदद से भट्ठों से ईंटें मंगाकर उनके टुकड़े किए गए थे। हिंसाग्रस्त मुस्तफाबाद, करावल नगर, चमन पार्क, शिव विहार सहित अन्य इलाकों में हिंसा के एक सप्ताह पहले से ही ईंटों से लदे ट्रैक्टरों की आवाजाही बढ़ गई थी। 
 
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हिंसा में इस्तेमाल किए जाने वाले पत्थर - फोटो : अमर उजाला
जिनके घर पर यह ईंट रखी जा रही थी उनका तर्क था कि मकान के निर्माण कार्य के लिए यह ईंटे मंगाए गए थे। जबकि जांच में सामने आया है कि इन ईंटों को ही तोड़कर उसे दंगे में इस्तेमाल करने के लिए लाया गया था।
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दिल्ली हिंसा - फोटो : अमर उजाला
मुस्तफाबाद की हर गली में ज्यादातर मकान के बाहर ईंटों का ढेर लगा हुआ है। जबकि जिन मकानों के सामने यह ईंट पड़े हैं वहां कोई निर्माण कार्य भी नहीं हो रहा है। अचानक ईंट के यह ढेर आधे हो गए, जिसका जवाब गली में रहने वाले लोगों के पास नहीं है। 

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delhi violence - फोटो : अमर उजाला
कुछ ऐसा ही करावल नगर का भी है, जहां हिंसा के एक सप्ताह पहले से ही ट्रैक्टरों से लदकर ईंट निर्माण कार्य बताकर मंगवाये जा रहे थे। बताया जा रहा है कि इन ईंटों के छोटे-छोटे टुकड़े कर बोरे में भरे गए थे। इन बोरों के छतों से बरामद होने के बाद साफ जाहिर होता है कि ईंट भट्ठे से मंगवाये गए ईंटों को किन कामों में इस्तेमाल लाया गया है। 
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delhi violence - फोटो : अमर उजाला
वहीं पुलिस भी गाजियाबाद के ईंट भट्ठे मालिकों के संपर्क में है। पुलिस जानकारी जुटा रही है कि हिंसा के एक सप्ताह पहले किन-किन लोगों ने ईंटें खरीदी थी।
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