देश की राजधानी दिल्ली में हुए दंगों में अब तक 42 लोगों के मारे जाने की खबर है। सैकड़ों घायल हैं और करोड़ों का नुकसान हुआ है। खौफ और खून से सने दंगों को लेकर धीरे-धीरे कई खुलासे हो रहे हैं। पता चला है कि हिंसा के लिए बोरियों में पत्थर रखकर छतों पर पहुंचाने के लिए ट्रैक्टरों की मदद से भट्ठों से ईंटें मंगाकर उनके टुकड़े किए गए थे। हिंसाग्रस्त मुस्तफाबाद, करावल नगर, चमन पार्क, शिव विहार सहित अन्य इलाकों में हिंसा के एक सप्ताह पहले से ही ईंटों से लदे ट्रैक्टरों की आवाजाही बढ़ गई थी।