दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया और अस्पताल ने कहा कि नवजात मृत पैदा हुआ है। इसके बाद नवजात को पैकेट में सील कर परिजन को अंतिम क्रिया के लिए सौंप दिया गया।
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infant declear death
नवजात को दफनाने के लिए जब पैकेट को खोला गया, तो नवजात की सांसें चल रहीं थीं और वह धीमी आवाज में रोया भी। इसके बाद नवजात को वापस आनन-फानन में सफदरजंग अस्पताल के नर्सरी में भर्ती कराया गया। उधर, इस पूरे मामले की जांच के लिए सफदरजंग अस्पताल-प्रशासन की ओर से एक सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई है।
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infant declear death
दिल्ली के बदरपुर इलाके में रहने वाली शांति को गंभीर हालत में दो दिन पहले सफदरजंग अस्पताल के स्त्री और प्रसूति रोग विभाग में भर्ती कराया गया था। शांति को पांच माह का गर्भ था। रविवार सुबह उसे दर्द हुआ और ऑपरेशन से उसने एक लड़के को जन्म दिया। नवजात का वजन 460 ग्राम था और बच्चे में कोई हलचल नहीं थी। इसके बाद ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने नवजात को मृत बताया और पैकेट में बंद करके नवजात के पिता रोहित को सौंप दिया। शांति की हालत खराब थी लिहाजा उसे अस्पताल में ही भर्ती रखा गया।
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सफदरजंग अस्पताल।
परिजन जब नवजात को दफनाने के लिए ले गए और पैकेट खोला तो देखा कि नवजात की सांसें चल रही थीं और वह रोने की कोशिश भी कर रहा है। इसके बाद परिजनों ने पुलिस नियंत्रण कक्ष को इसकी सूचना दी। नवजात को पास के अपोलो अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। परिजन की आर्थिक हालत ठीक नहीं है लिहाजा खर्चे से बचने के लिए नवजात को वापस सफदरजंग अस्पताल के आपातकालीन विभाग ले जाया गया।जरूरी चिकित्सीय जांच-पड़ताल के बाद नवजात को नर्सरी में भर्ती कराया गया है।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ए.के.रॉय ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशा-निर्देशों के अनुसार 500 ग्राम से कम वजन के नवजात की बचने की संभावना नहीं होती है। इस मामले में भी नवजात में कोई हलचल नहीं थी, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद लोगों से कुछ लापरवाही जरूर हुई है कि इंतजार नहीं किया और जरुरी जांच-प्रक्रिया का पालन भी नहीं किया। डॉ.रॉय ने बताया कि नवजात की हालत बेहद नाजुक है। लिहाजा इस पूरे मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।