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बुराड़ी कांडः पांच-पांच थ्योरियों पर पुलिस ने किया काम, बावजूद इसके नहीं निकला कोई परिणाम

Fri, 10 Aug 2018 05:49 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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burari death case
बुराड़ी के संत नगर इलाके में बीती 1 जुलाई को भाटिया परिवार के 11 सदस्यों की मौत के रहस्य से एक महीने बाद भी पर्दा नहीं उठ पाया है। पुलिस ने जांच के दौरन कई चौकाने वाले खुलासे किए थे, बावजूद इसके घटना का मुख्य कारण नहीं पता चल पाया है। पुलिस अभी इन 5 थ्योरी पर जांच कर रही है।  
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burari death case
पहली थ्योरीः
भाटिया परिवार को किसी बाहरवाले ने उतारा मौत के घाट।
कारणः
पुलिस की इस थ्योरी की वजह रहीं परिवार की सबसे बुजुर्ग सदस्य नारायणी देवी। याद दिला दें कि बुराड़ी में जो 11 मौतें हुई थीं उनमें से सिर्फ नारायणी देवी का शव ही दूसरे कमरे में जमीन पर पाया गया था। बाकी 10 लोगों के शव एक ही कमरे में फांसी के फंदे से झूलते पाए गए थे। वहीं घर का डॉगी टॉमी छत पर बंधा पाया गया था। नारायणी देवी के गले में पड़ा निशान और गले के आसपास लिपटा कपड़ा, तार आदि शुरू में उस ओर इशारा कर रहे थे कि किसी ने उनकी गला दबाकर हत्या की है। मुड़े पैर और आंखों में बंधी पट्टी ने पुलिस को शुरुआत में हत्या का केस फाइल करने पर मजबूर कर दिया।

स्टेटसः पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह साफ हुआ है कि सभी 11 सदस्यों की मौत लटकने के कारण हुई है। हालांकि किसी बाहरी द्वारा मर्डर के एंगल पर जांच जारी है।
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burari death case - फोटो : अमर उजाला
थ्योरी 2
यह एक प्रक्रिया थी जो गलत हो गई।
कारणः
भाटिया परिवार के घर से बरामद 11 रजिस्टरों में ये बात लिखी है कि परिवार के सभी लोग किसी प्रक्रिया में शामिल थे, जिसका रिश्ता आत्माओं व उनके मरे हुए पिता भोपाल सिंह से था। रजिस्टर में पाई गई राइटिंग भी मृत परिवार के सदस्यों में से ही कुछ लोगों की है।

स्टेटसः यह पुलिस की सबसे चर्चित और विश्वसनीय थ्योरी है जिसपर इस वक्त पुलिस काम कर रही है।

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क्राइम ब्रांच की टीम जांच के लिए पहुंची - फोटो : अमर उजाला
थ्योरी 3
किसी बाबा या तांत्रिक के प्रभाव में आकर परिवार ने ऐसा किया
कारणः
रजिस्टरों में लिखी बातों को देखकर पुलिस को लगा था कि शायद ये किसी तांत्रिक या बाबा ने लिखवाया हो। रजिस्टर में लिखी क्रियाएं इतने विस्तार से लिखीं थीं कि ये समझ से परे है कि बिना किसी बाबा या तांत्रिक के इस तरह से आम इंसान के लिए लिख पाना काफी मुश्किल है।

स्टेटसः पुलिस अब तक इस मामले से किसी भी तांत्रिक या बाबा को जोड़ पाने में असमर्थ रही है। पुलिस को पता चला है कि भाटिया परिवार रजिस्टर में लिखी क्रियाओं पर 2007 से अमल कर रहा था। माना जा रहा है कि तब से ही कोई बाहर वाला उन्हें गाइड कर रहा है।
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क्राइम ब्रांच की टीम जांच के लिए पहुंची - फोटो : अमर उजाला
थ्योरी 4
पुलिस की एक थ्योरी ये भी है कि परिवार को शायद जहर दे दिया गया या फांसी पर लटकाने से पहले कोई नशा दे दिया गया था।
कारणः
पुलिस के लिए अब भी ये मानना मुश्किल है कि 15 से 77 साल के आयु वर्ग वाले 11 लोगों को एक साथ आत्महत्या के लिए मना लिया गया और किसी ने भी विरोध नहीं किया। उस दिन खाना भी घर पर नहीं बना बाहर से आया था।

स्टेटसः परिवार के सभी 11 सदस्यों का विसरा सैंपल फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि पता चल सके कि उन्हें जहर तो नहीं दिया गया था। इनके परिणाम अब तक नहीं आए हैं।
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burari death case - फोटो : जी पाल
थ्योरी 5
अपने आपको मारने से पहले एक या एक से अधिक परिवार के सदस्य ने अन्य लोगों को फांसी पर लटकाया।
कारणः
जिस तरह से नारायणी देवी का शव जमीन पर पड़ा मिला था और दो सदस्यों के हाथ खुले मिले थे उससे पुलिस को ये संभावना ज्यादा लगती है।

स्टेटसः हालांकि पोस्टमार्टम में यह साफ हो गया है कि इन 11 लोगों की मौत लटकने के कारण हुई है, पुलिस इस एंगल से तालश जारी रखे हुए है।
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