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दिल्लीः कैसे शुरू हुआ पुलिस बनाम वकील विवाद, क्या है दोनों पक्षों की मांग

Tue, 05 Nov 2019 04:28 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली पुलिस बनाम वकील - फोटो : पीटीआई
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देश की राजधानी दिल्ली की सड़कों पर मंगलवार को अपनी तरह का नजारा पहली बार देखने को मिल रहा है जहां कानून के रक्षक और कानून के जानकार एक-दूसरे के आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं। दिल्ली पुलिस के हजारों जवान आज अपने ही मुख्यालय के सामने न्याय की गुहार लगाते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि उनके साथ न्याय हो और दोषियों पर उचित कार्रवाई हो।

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पुलिस कमिश्नर के साथ ही तमाम आला अधिकारी प्रदर्शन कर रहे जवानों को समझाने की कोशिश कर चुके हैं लेकिन प्रदर्शनकारी उनकी कोई बात सुनने को तैयार नहीं हैं। आखिर ऐसा क्या हो गया है जो खाकी वर्दी और काले कोट वाले पहली बार इतनी उग्र रूप में आमने-सामने आ गए हैं। जानिए कहां से शुरू हुआ पूरा विवाद जिसे लेकर हजारों पुलिसकर्मी जो दूसरों की रक्षा करते हैं आज अपनी सुरक्षा की मांग कर रहे हैं....

कब, कहां और कैसे शुरू हुआ पुलिस और वकीलों का विवाद?

तीस हजारी कोर्ट में बवाल - फोटो : अमर उजाला
उत्तरी दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट परिसर में शनिवार(2 नवंबर) दोपहर बाद लॉकअप के बाहर कार पार्क करने पर वकीलों और पुलिस के बीच भारी बवाल हो गया। गुस्साए वकीलों ने पुलिसकर्मियों को घेरकर उनके साथ बदसलूकी शुरू कर दी।

वकीलों की भीड़ बढ़ती देख पुलिसकर्मियों ने हवा में गोली चलाई, जो एक वकील को लग गई। इससे गुस्साए वकीलों ने पुलिसकर्मियों को पीटने के साथ ही कोर्ट परिसर में खड़ी एक जिप्सी व 13 बाइकों सहित 17 वाहनों को आग के हवाले कर दिया।

पूरे मामले में एक एडीसीपी, दो एसएचओ सहित 20 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उधर, वकीलों ने अपने आठ साथियों के घायल होने की बात कही है। देर शाम तक कोर्ट परिसर में तनाव का माहौल था।

क्या है पुलिसकर्मियों की मांग?

दिल्ली पुलिस कर रही प्रदर्शन - फोटो : एएनआई
शनिवार को तीस हजारी कोर्ट में हुई हिंसक झड़प के बाद आज दिल्ली पुलिस सड़क पर अपनी मांगों को लेकर उतर गई है। इन प्रदर्शन कर रहे पुलिस के जवानों का कहना है कि वह इस समय खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। इसकी वजह बीते दो-तीन दिनों में वकीलों द्वारा पुलिसकर्मियों को कई घटनाओं में पीटा जाना है। जैसा तीस हजारी कोर्ट, साकेत कोर्ट और कड़कड़डूमा कोर्ट में हुआ।

गौरतलब है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने इस संदर्भ में भी पुलिस को आदेश दिया था कि जब तक मामले की न्यायिक जांच की रिपोर्ट न आ जाए, तब तक किसी वकील के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। यही वह मुख्य मुद्दा है जिसके कारण पुलिस वाले सड़क पर हैं।
  • पुलिसकर्मियों की मांग है कि उनकी बात को सुना जाए। 
  • उन्हें भी सुरक्षा और मानवाधिकार के काबिल समझा जाए। 
  • वर्दी के पीछे वह भी एक इंसान ही हैं जिसकी सुरक्षा होनी चाहिए। 
  • जिन वकीलों ने गलती की है उन्हें भी सजा मिले सिर्फ पुलिसवालों को क्यों सस्पेंड किया जा रहा है।
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क्या है वकीलों की मांग?

वकीलों का प्रदर्शन - फोटो : पीटीआई
  • जिन पुलिसकर्मियों ने तीस हजारी कोर्ट के बाहर फायरिंग की और वकीलों को पीटा उन्हें सस्पेंड किया जाए।
  • इसके साथ ही वकीलों की सुरक्षा के प्रबंध किए जाएं।
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