तीस हजारी कोर्ट में बवाल
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उत्तरी दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट परिसर में शनिवार(2 नवंबर) दोपहर बाद लॉकअप के बाहर कार पार्क करने पर वकीलों और पुलिस के बीच भारी बवाल हो गया। गुस्साए वकीलों ने पुलिसकर्मियों को घेरकर उनके साथ बदसलूकी शुरू कर दी।
वकीलों की भीड़ बढ़ती देख पुलिसकर्मियों ने हवा में गोली चलाई, जो एक वकील को लग गई। इससे गुस्साए वकीलों ने पुलिसकर्मियों को पीटने के साथ ही कोर्ट परिसर में खड़ी एक जिप्सी व 13 बाइकों सहित 17 वाहनों को आग के हवाले कर दिया।
पूरे मामले में एक एडीसीपी, दो एसएचओ सहित 20 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उधर, वकीलों ने अपने आठ साथियों के घायल होने की बात कही है। देर शाम तक कोर्ट परिसर में तनाव का माहौल था।
दिल्ली पुलिस कर रही प्रदर्शन
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शनिवार को तीस हजारी कोर्ट में हुई हिंसक झड़प के बाद आज दिल्ली पुलिस सड़क पर अपनी मांगों को लेकर उतर गई है। इन प्रदर्शन कर रहे पुलिस के जवानों का कहना है कि वह इस समय खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। इसकी वजह बीते दो-तीन दिनों में वकीलों द्वारा पुलिसकर्मियों को कई घटनाओं में पीटा जाना है। जैसा तीस हजारी कोर्ट, साकेत कोर्ट और कड़कड़डूमा कोर्ट में हुआ।
गौरतलब है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने इस संदर्भ में भी पुलिस को आदेश दिया था कि जब तक मामले की न्यायिक जांच की रिपोर्ट न आ जाए, तब तक किसी वकील के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। यही वह मुख्य मुद्दा है जिसके कारण पुलिस वाले सड़क पर हैं।
- पुलिसकर्मियों की मांग है कि उनकी बात को सुना जाए।
- उन्हें भी सुरक्षा और मानवाधिकार के काबिल समझा जाए।
- वर्दी के पीछे वह भी एक इंसान ही हैं जिसकी सुरक्षा होनी चाहिए।
- जिन वकीलों ने गलती की है उन्हें भी सजा मिले सिर्फ पुलिसवालों को क्यों सस्पेंड किया जा रहा है।