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प्रदर्शनकारी पुलिसवालों ने किरण बेदी ही नहीं इस अफसर को भी किया याद, घर-घर में होती थी इनकी फोटो

Wed, 06 Nov 2019 06:43 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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delhi police protest - फोटो : अमर उजाला
तीस हजारी कोर्ट में वकीलों और पुलिस के बीच हुए बवाल को लेकर वकीलों को 31 साल पहले तीस हजारी कोर्ट में हुए लाठीचार्ज की याद आ गई। उस वक्त किरण बेदी स्थानीय डीसीपी थीं। वहीं घटना के तीन दिन बाद मंगलवार को वकीलों के खिलाफ पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करने उतरे पुलिस कर्मियों ने किरण बेदी को उनकी बेबाकी के लिए याद किया।

इस बीच पुलिस कर्मियों ने ‘हमारा कमिश्नर कैसा हो, किरण बेदी जैसा हो’ जैसे नारे लगाए। हालांकि ऐसा नहीं है कि किरण बेदी ऐसी अकेली पूर्व अफसर हैं जिनके नारे प्रदर्शन के दौरान लगे बल्कि एक और पूर्व आईपीएस अफसर की याद में भी पुलिसवालों ने नारे लगाए। यह ऐसे अफसर हैं जिनकी फोटो पुलिसकर्मियों और आम लोगों तक ने अपने घरों में लगा रखी थी। जानिए क्या है पूरा मामला...

 
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deepak mishra - फोटो : अमर उजाला
सीआरपीएफ के स्पेशल डीजी पद से सेवानिवृत्त हुए तेजतर्रार दीपक मिश्रा वर्ष 2016 तक दिल्ली पुलिस में विभिन्न पदों पर रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी में उनके कार्यकाल में कई उपलब्धियां जुड़ी हुई हैं। 6 दिसंबर, 1992 को अयोध्या में विवादास्पद ढांचा ढहाए जाने के दिनों में उत्तर-पूर्वी जिले में डीसीपी रहते 16 दिन तक सीलमपुर इलाके में भीषण दंगे पर काबू पाने को उनकी सफलता में गिना जाता है।
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दिल्ली मुख्यालय पर प्रदर्शन करते पुलिसकर्मी - फोटो : amar ujala
बताया जाता है कि इस दौरान वे लगातार इलाके में ही डटे थे। उत्तर-पूर्वी जिले में पुलिसकर्मी तो दूर, आम लोगों ने भी अपने घरों में उनकी तस्वीर लगा रखी थी। हालांकि, उस मामले को लेकर बाद में राजनीतिक बवाल मचने पर साढ़े पांच माह बाद उनका तबादला कर दिया गया था। दिल्ली पुलिस में तैनाती के दौरान जब भी किसी बड़े मसले को लेकर दिल्ली में बवाल मचता और हालात बेकाबू होते थे, तब मिश्रा को याद किया जाता था।

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दिल्ली मुख्यालय पर प्रदर्शन करते पुलिसकर्मी - फोटो : amar ujala
16 दिसंबर, 2012 को चलती बस में दुष्कर्म की घटना को लेकर भी जब बड़ा जनआंदोलन हुआ और कानून व्यवस्था बिगड़नी शुरू हुई, तब गृहमंत्रालय के निर्देश पर दिल्ली के तत्कालीन विशेष आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) धर्मेंद्र कुमार को हटाकर उन्हें कानून एवं व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई। वह अकेले ऐसे आईपीएस हैं जो साढ़े तीन साल तक दिल्ली पुलिस में विशेष आयुक्त कानून एवं व्यवस्था पद पर रहे।
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दिल्ली मुख्यालय पर प्रदर्शन करते पुलिसकर्मी - फोटो : amar ujala

‘हमारा कमिश्नर कैसा हो, किरण बेदी जैसा हो’, पुलिसकर्मियों ने लगाए नारे, बेबाकी के लिए याद किया

पुलिस कर्मियों ने प्रदर्शन के दौरान किरण बेदी के फोटो लेकर उनकी खाकी वर्दी के प्रति संजीदगी को याद किया। उन्होंने कहा कि 31 साल पहले जनवरी 1988 में किरण बेदी के समय भी वकीलों की पुलिस कर्मियों के साथ भिड़ंत हुई थी। उस दौरान एक वकील को चोरी के आरोप में गिरफ्तार करके हथकड़ी पहनाकर कोर्ट में पेश किया गया था, जिसे अदालत ने बरी करके पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए थे।
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Delhi Police Protest - फोटो : AmarUjala
तब वकीलों ने देशव्यापी हड़ताल की थी और उसके बाद वकीलों ने कई पुलिस कर्मियों को निशाना बनाया। उस दौरान पुलिस कर्मियों के खिलाफ वकील एकजुट हो गए थे और हिंसक हो गए थे। उन्होंने कहा उस स्थिति में किरण बेदी डीसीपी थीं और वह अपने पुलिस कर्मियों के साथ डटीं रहीं थी। आज भी उन्हें किरण बेदी जैसे पुलिस अधिकारी की जरूरत है जो पुलिस कर्मियों के दर्द को समझ सकें। उन्होंने कहा कि उस वक्त वकीलों द्वारा पुलिस कर्मियों के प्रति बरते जा रहे आक्रामक रवैये को लेकर पुलिस कर्मियों के हाथ बांधने के ऑर्डर नहीं दिए थे। पुलिस कर्मियों ने कहा इस मामले में हुई सुनवाई के दौरान किरण बेदी को अदालत ने आरोपमुक्त कर दिया था। किरण बेदी अपनी टीम के हक के लिए पूरी तरह डटी रहीं थी।
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delhi police protest - फोटो : एएनआई
न्यायिक जांच से पुलिस डर गई है, इसलिए समीक्षा याचिका दायर करने की बात कर रही है। मामले में हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों के बावजूद पुलिस कर्मी अपनी जिम्मेदारियों को छोड़कर सड़क पर बैठ गए। पुलिस कर्मियों ने सभी संवैधानिक नियमों को ताक पर रखकर भारत को पाकिस्तान बना दिया है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया पुलिस की ओर से वकील पर चलाई गई गोली के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी। सोशल मीडिया पर वकीलों के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट से समाज में वकीलों की छवि को खराब किया जा रहा है। तमिलनाडु में पुलिस के हिंसक रवैये के चलते 250 लोगों को निलंबित किया गया था और इस मामले में भी बड़ी कार्रवाई की जाएगी। -मनन मिश्रा, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष
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