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बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर की हवा में कुछ सुधार, वायु गुणवत्ता सूचकांक अब भी 200 के पार

Thu, 15 Nov 2018 04:51 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एयर क्वालिटी इंडेक्स - फोटो : ani
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दिल्ली और आसपास के इलाकों में बुधवार रात हुई बूंदाबांदी की वजह से दिल्ली सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बहुत खराब की श्रेणी से एक पायदान खिसककर खराब श्रेणी में आ गई है।

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गुरुवार को लोधी रोड पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 के पार है। यहां पीएम 2.5 209 रहा और पीएम 10 202 पर है। इस तरह दोनों ही स्तरों पर हवा की गुणवत्ता अब भी खराब स्तर पर ही बनी हुई है।



केंद्रीय मौसम और हवा निगरानी एजेंसी सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकॉस्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के मुताबिक यह राहत बिना तापमान में गिरावट के बूंदाबांदी और पंजाब की ओर से दिल्ली की तरफ आ रही हवा की दिशा बदलने से मिली है।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर की हवा में मौजूद पर्टिकुलेट मैटर 2.5 और 10 का स्तर भी तेजी से गिरा है। हालांकि, अब भी लोगों को सचेत रहने की जरूरत है। 

सफर के मुताबिक सतह पर मंद हवा चलने और तापमान में गिरावट के कारण अगले तीन दिन में फिर प्रदूषण में बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, आबोहवा अभी बहुत खराब श्रेणी में ही रहने की उम्मीद है। वहीं, पंजाब-हरियाणा की तरफ से आने वाली प्रदूषित हवा का रुख भी दिल्ली की तरफ नहीं है ऐसे में राहत मिलनी तय है। 

पांच से दो गुना पर आया पर्टिकुलेट मैटर 

- फोटो : G pal
सीपीसीबी के केंद्रीय नियंत्रण कक्ष के मुताबिक 13 नवंबर की रात आठ बजे तक दिल्ली-एनसीआर की हवा में पर्टिकुलेट मैटर 2.5 और 10 का स्तर सामान्य से पांच गुना अधिक था। लेकिन बूंदाबांदी के कारण इसका स्तर दो गुना रह गया है।

बुधवार शाम 6 बजे तक पीएम 10 सामान्य मानक 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से करीब दो गुना अधिक 257 रिकॉर्ड किया गया। वहीं, पीएम 2.5 भी सामान्य मानक 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से करीब दो गुना अधिक 157 माइक्रोग्राम रिकॉर्ड किया गया।

हालांकि, चिकित्सकों की सलाह है कि प्रदूषण से बचने के लिए बेहतर मास्क का इस्तेमाल और रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले फलों का आहार लेना सेहत के लिए मुनासिब होगा।

एनसीआर की हालत भी सुधरी 

एनसीआर की हालत भी सुधरी 
वहीं, सीपीसीबी की ओर से मंगलवार को जारी 24 घंटे की औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली और एनसीआर शहरों का एक्यूआई बहुत खराब (301-399) के बीच बना हुआ है। दिल्ली में 4 नवंबर के बाद से अब तक का यह सबसे अधिक सुधार है। सीपीसीबी ने अब भी अपनी हेल्थ एडवाइजरी में बीमार लोगों को विशेष ख्याल रखने और सामान्य लोगों को खुले वातावरण में मेहनत वाले काम से बचने को कहा है।

पराली जलाने से हुआ गंगा का मैदानी भाग प्रभावित

दिल्ली वायु प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला
पराली जलाने से हुआ गंगा का मैदानी भाग प्रभावित 
विज्ञान एवं पर्यावरण केंद्र, नई दिल्ली के विशेषज्ञ विवेक भट्टाचार्य ने बताया कि गंगा के मैदानी भागों में आने वाले राज्यों में बीते आठ दिनों से हवा की गुणवत्ता लाल रंग यानी बहुत खराब और गंभीर श्रेणी में बनी हुई है। इसकी बड़ी वजह धान की कटाई और खेतों में बचे अवशेषों को जलाना है। अब खासतौर से उत्तर भारत और मध्य भारत के राज्यों में मौसम के बदलाव होने से कमोबेश यही स्थिति है।
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दिल्ली-एनसीआर का वायु गुणवत्ता सूचकांक

दिल्ली वायु प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली-एनसीआर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 
शहर           एक्यूआई स्थिति
               14 नवंबर     13 नवंबर   12 नवंबर   11 नवंबर  10 नवंबर     
दिल्ली         312             409          399              405       401 
फरीदाबाद     339             438         454              461        440     
गाजियाबाद   352             438         423              440        403       
नोएडा         332              426         401             445        386 
ग्रेटर नोएडा   348             411         454              436        420    

नोट : सीपीसीबी के मुताबिक 301 से 399 का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई)बहुत खराब और 400 से अधिक एक्यूआई गंभीर श्रेणी वाली वायु गुणवत्ता को दर्शाता है। लंबे समय तक ऐसी हवा के संपर्क में रहने से श्वास संबंधी व अन्य बीमारियां हो सकती हैं।
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