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दिवाली के बाद 'बहुत खराब' हुई दिल्ली-एनसीआर की हवा, लेकिन तीन सालों में सबसे बेहतर

Mon, 28 Oct 2019 12:10 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : अमर उजाला
दिवाली के बाद जब दिल्ली-एनसीआर के लोग सोकर उठे तो उन्हें कोहरे की चादर देखने को मिली, जो इस सीजन की सबसे प्रदूषित सुबह भी रही। लेकिन इन सब में एक राहत वाली बात ये है कि बीते तीन सालों में दिवाली के बाद की ये सबसे बेहतर वायु गुणवत्ता वाली सुबह थी। इस बात की पुष्टि सरकारी आंकड़े कर रहे हैं।
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- फोटो : ani
केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता मापने वाली सेवा सफर(SAFAR) ने पहले ये अनुमान लगाया था कि सोमवार को रात एक बजे से सुबह 6 बजे के बीच दिल्ली की हवा गंभीर(सीवीयर) स्तर पर पहुंच जाएगी। इसका कारण होगा पटाखों का धुआं और पराली का धुआं।
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- फोटो : ani
इसके विपरीत दिल्ली की सोमवार की सुबह में हवा की गुणवत्ता में मामूली खराबी आई। हालांकि लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए देर रात तक पटाखे जलाए लेकिन सोमवार की सुबह दिल्ली के लिए राहत की खबर लेकर आई।

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- फोटो : ani
जहां बीती रात 11 बजे वायु गुणवत्ता का स्तर 327 रहा वहीं भोर में साढ़े तीन बजे यह 323 के स्तर पर आ गया। यही वो समय था जब हवा के गंभीर स्तर पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया था लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
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- फोटो : ani
हालांकि सोमवार की सुबह साढ़े आठ बजे वायु गुणवत्ता का स्तर 340 पहुंच गया और शहर में हल्की धुंध की चादर छा गई।
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- फोटो : ani

क्या हैं वायु गुणवत्ता के मानक

0-50- अच्छी
51-100- संतोषजनक
101-200- मध्यम
201-300- खराब
301-400- बहुत खराब
401-500- गंभीर
500 से ऊपर- गंभीर या आपातकालीन स्थिति
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- फोटो : अमर उजाला
37 में से 36 वायु गुणवत्ता के मॉनीटरों ने जो वायु गुणवत्ता दर्ज की वह बहुत खराब रही। हालांकि दिल्ली की हवा उससे सटे गाजियाबाद (375), ग्रेटर नोएडा (356), गुरुग्राम (352), और नोएडा (375) से बेहतर रही। यह बात केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड(सीपीसीबी) के आंकड़ों से साफ होती है। 

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- फोटो : ani
बीती रात दिल्ली के कई इलाकों में पटाखे जलाने के दो घंटे के समय का उल्लंघन भी हुआ। उनमें प्रमुख हैं- मालवीय नगर, लाजपत नगर, कैलाश हिल्स, बुराड़ी, जंगपुरा, शाहदरा, लक्ष्मी नगर, मयूर विहार, सरिता विहार, हरि नगर, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, हौज खास, गौतम नगर, द्वारका व अन्य।

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- फोटो : ani
नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद के निवासियों ने भी निश्चित समय से ज्यादा देर तक पटाखे बजाने की कई शिकायतें दर्ज कराईं। यही नहीं लोग रात आठ बजे से पहले ही पटाखे जलाते देखे गए। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पटाखे जलाने के लिए रात 8 से 10 का समय सुनिश्चित किया है।

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- फोटो : ani
रविवार को हवा में पीएम 10 के सूक्ष्म कणों की संख्या आनंद विहार पर 515 माइक्रोग्राम तक पहुंच गई थी। ये सूक्ष्म कण ऐसे होते हैं जिनका व्यास 10 या 10 माइक्रोन्स से कम होता है और फेफड़े में भीतर तक घुस जाते हैं।

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- फोटो : ani
बता दें कि पिछले साल दिवाली के बाद दिल्ली की वायु गुणवत्ता 600 के स्तर को पार कर गई थी, जो सुरक्षित दायरे के 12 गुने से भी ज्यादा है। वहीं 2017 में इसका स्तर 367 था जबकि 2016 में वायु गुणवत्ता 425 के स्तर पर थी।

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लोधी रोड जैसे इलाके में सोमवार सुबह(दिवाली के अगले दिन) पीएम(पार्टिकुलेट मैटर) 2.5 का स्तर 500 पहुंच गया, वहीं गाजियाबाद से सटे हापुड़ में यह 657 के स्तर पर दर्ज किया है।

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बीती रात दिल्ली में नगर निगम ने प्रदूषण रोकने के लिए फॉगिंग की। दिल्ली में दिवाली पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां भी उड़ीं।

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आज सुबह आनंद विहार इलाके में पानी का छिड़काव किया गया ताकि प्रदूषण से बचा जा सके।
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जहां दिल्ली के लोधी रोड इलाके में पीएम 2.5 500 पर दर्ज किया गया वहीं मेजर ध्यान चंद नेशनल स्टेडियम और इंडिया गेट पर पीएम 2.5 240 के स्तर पर और पीएम 10 182 के स्तर पर दर्ज किया गया जो अस्वस्थ(अनहेल्दी) माना जाता है। वहीं गाजियाबाद की हवा 'वेरी पुअर' यानी बहुत खराब स्तर पर पहुंच गई है।
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