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दिल्ली-एनसीआर एक गैस चैंबरः दरवाजे-खिड़कियां बंद करके रखें, फेफड़ों पर पड़ सकता है बुरा असर

Fri, 15 Jun 2018 09:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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dust storm - फोटो : Vivek Nigam/Amar Ujala
         
पिछले कुछ दिनों से धुंध के चलते गैस चैंबर बनी राजधानी में लोगों की जान पर बन आई है। पिछले दो दिन के भीतर दिल्ली के सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या कई गुना बढ़ गई है। किसी को सांस लेने में तकलीफ है तो कुछ लोगों की श्वास नली में धुंध की वजह से जख्म हो चुके हैं। कई मरीज तो छाती में दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल आ रहे हैं।
(सभी फोटो- विवेक निगम/अमर उजाला)                  
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dust storm - फोटो : Vivek Nigam/Amar Ujala
दिल्ली के मैक्स अस्पताल के डॉ. रजनीश मल्होत्रा बताते हैं कि धुंध की वजह से ओपीडी में करीब 20 प्रतिशत तक मरीजों की संख्या बढ़ी है। जो मरीज आए हैं, उनमें से 85 प्रतिशत मरीज 40 साल से अधिक उम्र के हैं। वहीं आई 7 क्लिनिक के डॉ. संजय चौधरी का मानना है कि धुंध की वजह से आंखों में संक्रमण भी बढ़ रहा है। जरूरी है लोग इस वक्त एहतियात बरतें। एम्स के हालात भी कुछ इसी तरह से हैं। यहां प्लमोनरी विभाग के डॉ करण मदान के अनुसार प्रदूषित कणों से बचाव आसान नहीं है। लोगों के फेफड़ों पर बुरा असर पड़ रहा है। फेफड़ों में कैंसर और श्वसन की बीमारियों का खतरा बढ़ा है।                   
 
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dust storm - फोटो : Vivek Nigam/Amar Ujala
सफदरजंग अस्पताल में हर दिन बढ़ रहे मरीज
सफदरजंग अस्पताल के वरिष्ठ डॉ. जुगल किशोर ने बताया कि सोमवार से बुधवार के बीच हर दिन करीब 200 से 250 के बीच अस्पताल की ओपीडी हुई है। जबकि आम दिनों में यह आंकड़ा 200 से कम ही रहता है।  उन्होंने  अस्थमा के मरीजों को सख्त हिदायत है कि वह कुछ दिनों तक  घर में ही रहें। दरवाजे-खिड़कियां बंद करके रखें। क्योंकि हवा में भारी मात्रा में मिले धूल कण घर के पर्दों, कारपेट, बिस्तर, पालतू जानवरों के बालों और कई अन्य चीजों पर जम जाते हैं। ऐसे में सांस लेने पर वह कण शरीर के अंदर जाते हैं । 
 

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dust storm - फोटो : Vivek Nigam/Amar Ujala
अस्थमा मरीजों को पड़ रहा है अटैक
 बाबू जगजीवन राम अस्पताल के डॉ. अंकित ओम बताते हैं कि अस्पताल में सांस लेने वाले मरीजों की संख्या तो बढ़ी ही है, इसके साथ ही अस्थमा के अटैक के केस भी आ गए हैं। अमूमन अस्थमा अटैक के केस सर्दियों में या फिर कभी-कभी अधिक बारिश के मौसम में आते हैं। लेकिन इस बार पिछले दो दिन में चार से पांच केस अटैक के अस्पताल में आ चुके हैं ।                   
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dust storm - फोटो : Vivek Nigam/Amar Ujala

क्या कहते हैं आंकड़ें
विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों की बात करें तो भारत में अस्थमा के कुल रोगी 15 से 20 करोड़ हैं। बदलते लाइफस्टाइल के चलते ये बीमारी बच्चों में भी फैल रही है। मौजूदा वक्त में कुल 12 प्रतिशत से अधिक बच्चे अस्थमा से पीड़ित हैं। साल 2016 में आई एक रिपोर्ट के अनुसार दुनियाभर में अस्थमा के मरीजों के कुल 10 फीसदी मामले अकेले भारत में हैं।                   

 
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dust storm - फोटो : अमर उजाला
इस तरह  कर सकते हैं बचाव
यूं तो इस धुंध से बचाव मुश्किल है। लेकिन फिर भी लोग मास्क के भरोसे न रहें। कोशिश करें कि घर या ऑफिस में अंदर ही रहें। बाहर से घर पहुंचने पर ठंडे पानी से मुंह धोएं। साथ ही गुनगुने पानी में चुटकी भर नमक डालकर गरारे भी करें। आंखों पर चश्मा जरूर होना चाहिए। अगर खुजली है तो बर्फ या ठंडे पानी से सिकाई करें। बाहर निकलते वक्त सूती कपड़ा से मुंह जरूर कवर कर लें।                   
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