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Delhi Mundka Fire: दीवारों से टपका रहा था खौलता पानी, रह-रहकर दहक रही थी आग, पढ़ें- पुलिसकर्मी की जुबानी

Sat, 14 May 2022 08:50 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Delhi Mundka Fire - फोटो : अमर उजाला
मुंडका में तीन मंजिला इमारत में आग लगने से 27 लोगों की जलकर मौत हो गई। 29 से ज्यादा लोग लापता बताए रहे हैं। आग कितनी भीषण थी कि इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दीवारों से रात भर खौलता हुआ पानी रिस रहा था। इमारत में रह-रहकर आग दहक रही थी। दूसरे दिन भी दीवारों से खौलता हुआ पानी गिर रहा था। हालांकि रात 10.50 बजे आग पर काबू पा लिया गया था। 

मुंडका थाने में तैनात एक प्रत्यक्षदर्शी पुलिसकर्मी ने बताया कि रात में जब तलाशी अभियान शुरू किया गया तो आग धधक रही थी। पहली मंजिल पर धुंए से दम घुट रहा था। दीवारों से खौलता हुआ पानी रिस रहा था। इमारत में लोहे के गेट लगे हुए हैं। लोहे के गेट बहुत ज्यादा गरम हो गए थे। गरम होकर लाल दिखाई दे रहे थे। चारों तरफ राख के ढ़ेर व जला हुआ सामान पड़ा हुआ था। 
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Delhi Mundka Fire - फोटो : अमर उजाला
पुलिसकर्मी ने बताया कि गेट इतना संकरा था कि एक ही व्यक्ति निकल सकता है। बिल्डिंग का मुख्य दरवाजा दाईं ओर की गली से होकर जाता है। मेन गेट इतना सकरा है कि एक बार में एक ही व्यक्ति अंदर व बाहर जा सकता है। मेन गेट के अंदर घुसते हुए ही दाईं तरफ लिफ्ट थी और सामने सीढ़ियां हैं, जो ऊपर की ओर जाती हैं।
 
 
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Delhi Mundka Fire - फोटो : अमर उजाला
पुलिसकर्मी ने बताया कि पूरी इमारत पर कहीं भी फायर फाइटिंग उपकरण नहीं दिखाई दे रहे थे।

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Delhi Mundka Fire - फोटो : अमर उजाला
इमारत की छतों पर आग बुझाने के लिए लगाए जाने वाले लाल रंग के पाइप नजर नहीं आ रहे थे।
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Delhi Mundka Fire - फोटो : अमर उजाला
दमकम विभाग की गाड़ियों ने पानी की जो बौछारें की थीं वह गर्म होकर जगह-जगह दीवारों से टपक रहा था। सभी मंजिलों पर जला हुआ सामान पड़ा हुआ था। राख से भी धुंआ उठता हुआ दिखाई दे रहा था।
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क्रेन ऑपरेटर की जुबानी...

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मुंडका घटनास्थल की तस्वीर - फोटो : जी पाल
आग के दौरान क्रेन ऑपरेटर दयानंद तिवारी ने अपनी क्रेन से 50 से अधिक लोगों की जान बचाई। समाचार एजेंसी एएनआई को तिवारी ने बताया कि मैं मुंडका उद्योग नगर से आ रहा था जब मैंने इमारत में आग देखी। अपनी क्रेन की मदद से, हमने लगभग 50-55 लोगों को बचाया, जिनमें ज्यादातर महिलाएं थीं। बाद में आग इतनी भीषण हो गई कि हम दूसरों को नहीं बचा सके। बचाव अभियान के दौरान हमारे क्रेन मालिक और हेल्पर भी मौजूद थे। बहुत ही भयावह नजारा था। दमकल की गाड़ियां डेढ़ घंटे बाद पहुंचीं। 
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