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दिल्ली मेट्रो की दीवारों पर होगा इतिहास, संस्कृति की भी मिलेगी झलक

Fri, 22 Apr 2016 04:21 AM IST
सीमा शर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली
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मेट्रो आर्ट - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
दिल्ली मेट्रो एनसीआर को जोड़ने के साथ-साथ 50 स्टेशनों पर वॉल म्यूजियम के माध्यम से दिल्ली के इतिहास, साहित्य, संस्कृति, चित्रकारी, आधुनिकता संग मेक इन इंडिया की झलक भी दिखाएगी।
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मेट्रो आर्ट - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
दुनिया के किसी भी देश की मेट्रो में अभी तक इस प्रकार का वॉल म्यूजियम नहीं है। खास बात यह है कि आईटीओ में जहां विज्ञान व तकनीक के साथ मेक इन इंडिया की झलक होगी, वहीं मंडी हाउस में ऑक्सफोर्ड विनर, रोहिणी में अंग्रेजों भारत छोड़ो और एयरपोर्ट मेट्रो लाइन पर मेटल के स्टैच्यू होंगे। विशेषज्ञों के साथ दिल्ली और चंडीगढ़ के आर्ट कालेज के छात्र इसे बनाने में सहयोग कर रहे हैं।
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मेट्रो आर्ट - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
अभी तक विरासत व संस्कृति की धरोहरों से रूबरू होने के लिए म्यूजियम की ओर रुख करना पड़ता था, लेकिन अब दिल्ली मेट्रो की दीवारों पर ही यह सब देखने का मौका मिलेगा।

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मेट्रो आर्ट - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
डीएमआरसी दीवारों पर मुगलकालीन दिल्ली की विरासत, संस्कृति, साहित्यिक धरोहर के साथ आधुनिकता को उकेरने जा रही है।
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मेट्रो आर्ट - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
दीवारों पर इतिहास को उकेरने के लिए अनुभवी विशेषज्ञों के साथ-साथ कालेज के छात्र भी शामिल किए गए हैं। दिल्ली कॉलेज ऑफ आर्ट के अलावा दिल्ली पॉलिटेक्निक फॉर वुमन कॉलेज ऑफ आर्ट, कॉलेज ऑफ आर्ट चंडीगढ़ के छात्र वॉल म्यूजियम बनाने में सहयोग करेंगे।
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मेट्रो आर्ट - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
इसके अलावा नेशनल बुक ट्रस्ट, दिल्ली टूरिज्म, साहित्य अकादमी, इंडिया हैबिटेट सेंटर, मिनिस्ट्री ऑफ टेक्सटाइल भी इसमें शामिल हैं।
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मेट्रो आर्ट - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
दर्शकों ने अभी तक म्यूजियम में ही स्टैच्यू और स्कल्पचर देखे होंगे, लेकिन दिल्ली मेट्रो दुनिया की पहली मेट्रो होगी, जहां 500 मीटर लंबे ट्रैवलेटर स्टैच्यू और स्कल्पचर में यात्री दिखेंगे।

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मेट्रो आर्ट - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
समयपुर बादली से हुडा सिटी सेंटर और नई दिल्ली से इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक्सप्रेस मेट्रो लाइन में इन्हें देखने का मौका मिलेगा। हालांकि दोनों ही मेटल से तैयार होंगे। एयरपोर्ट मेट्रो लाइन में ट्रैवलेटर की तर्ज पर पांच सौ मीटर से लंबा स्टैच्यू ट्रैवलेटर होगा।

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मेट्रो आर्ट - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
दिल्ली मेट्रो में करीब तीस से अधिक देशों के उच्च पदों पर आसीन अधिकारी या राजनेता सफर कर चुके हैं। हाल ही एक विदेशी राजनेता ने विजिटर बुक में लिखा था कि दिल्ली मेट्रो पब्लिक ट्रांसपोर्ट में भारत की रफ्तार है।

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मेट्रो आर्ट - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
हालांकि सबसे बड़ी उपलब्धि सफर के साथ विरासत को सहेजने की है। स्टेशन पर विरासतों को सहेजने की योजना को दुनिया की अन्य मेट्रो को भी अपनाना चाहिए, ताकि यात्रियों को भूली-बिसरी कहानियों से रूबरू करवा सकें। अमेरिका के इस राजनेता ने अपने ट्वीट में भी मेट्रो की तारीफ की थी, जो काफी वायरल हुआ था।
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मेट्रो आर्ट - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
डीएमआरसी के मुताबिक दिल्ली मेट्रो सफर के साथ यात्रियों को दिल्ली के प्राचीन इतिहास से भी रूबरू करवाना चाहती है। शुरुआत में पचास स्टेशनों को चुना गया है। इसमें संस्कृति, पेंटिंग, आधुनिकता, मेक इन इंडिया के साथ भारत की आजादी की जंग की कहानी भी दीवारों पर उकेरी जाएगी।
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