दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली के करोलबाग एरिया के रिज रोड़ से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किए गए आतंकी मो. मुस्तकीम खान उर्फ अबू यूसुफ ने पूछताछ में अहम खुलासा किया है। वह आईएस में अपनी उपस्थिति ठीक से दर्ज कराना चाहता था। इसके लिए उसने तबाही का मंजर फैलाने के लिए देश की राजधानी दिल्ली को चुना था। वहीं, वह अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहता था। आईएस की रणनीति भी शुरू से यही रही है।
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isis terrorist Abu Yusuf
- फोटो : अमर उजाला
दूसरी तरफ अबू यूसुफ तबाही फैलाने के लिए जिस बाइक का इस्तेमाल करना चाहता था उस बाइक को बहुत ही सोच-समझ कर वारदात के लिए चुना था। स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि अबू यूसुफ को पाकिस्तान निवासी इंडिया के आईएस हैंडलर ने निर्देश दिए थे कि वह दिल्ली में ही बम धमाके करें, ताकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आईएस का नाम हो और आईएस में उसकी उपस्थिति ठीक से दर्ज हो सके।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला/एएनआई
उसे कहा गया था कि वह दिल्ली में तबाही का मंजर फैलाने में कामयाब हो गया तो उसे बाद में बड़े टास्क दिए जाएंगे। आईएस ने फ्रांस की राजधानी पेरिस और बांग्लादेश की राजधानी ढाका में भी इसी तरह बम धमाका करवाकर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई थी। अबू यूसुफ किसी भी कीमत पर दिल्ली में बम धमाका करना चाहता था। स्पेशल सेल के एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि अबू यूसुफ बलरामपुर स्थित अपने गांव से सीधा बस से लखनऊ गया। ये लखनऊ में न तो रूका और न ही किसी से मिला। इसके बाद वो लखनऊ से बस द्वारा दिल्ली आ गया।
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isis terrorist Abu Yusuf
- फोटो : अमर उजाला
इसके किसी साथी ने इसे बाइक दिल्ली में दी। बाइक चोरी की है और उसके इंजन व चैसिस नंबर मिटे हुए हैं। दोनों नंबर इस तरह मिटा रखे हैं कि एक भी अक्षर नहीं दिख रहा है। पुलिस ये पता कर रही है कि बाइक कहां से चोरी हुई है। दूसरी तरफ आतंकी ने पूछताछ में ये भी बताया कि उसने पटाखे बेचने वाले मोबिन से पटाखे खरीदकर ही विस्फोटक एकत्रित किया था।
सूत्रों के अनुसार यूसुफ ने कबूला है कि वह आईएसआईएस के लगातार संपर्क में बना हुआ था और संगठन ने उसे अफगानिस्तान आने को कहा था। वह जल्द ही दुबई होते हुए अफगानिस्तान जाने वाला था। वहां उसे आतंकी संगठन की गतिविधियों में शामिल होना था।