दिल्ली गेट इलाके में शुक्रवार शाम को हुई हिंसा के दौरान वहां मौजूद मोहम्मद अकरम ने बताया कि भीड़ को देखकर वह भी वहां पहुंच गया था। जब पुलिस ने लाठीचार्ज किया, तो उसके पैरों में भी लाठियां लगीं और वह वहां से भागकर दूर चला गया। जहां से उसने देखा कि जो भी वहां रुका था, उन सबको पुलिस ने पकड़ लिया। किसी को भी कुछ कहने का मौका नहीं दिया। अकरम ने बताया कि प्रदर्शन करने के बाद लोग अपने घरों को जाने लगे, लेकिन इसी दौरान सीलमपुर की ओर से आए कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस शांति की अपील करती रही, लेकिन उन लोगों को पकड़ नहीं पाई, जिन्होंने बवाल किया था।