फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली चुनावः लोकतंत्र के महापर्व में इनके जज्बे को सलाम, शारीरिक अक्षमता भी नहीं बनी बाधक

Sun, 09 Feb 2020 06:06 AM IST
संजीव कुमार झा संतोष कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
90 साल के श्याम सुंदर अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
समय दोपहर करीब 12 बजे, जगह दिलशाद गार्डन स्थित एमसीडी स्कूल। व्हील चेयर पर बैठी अंजू गुप्ता चहक रहीं थी। तुतलाती आवाज में उसने वोट डालने की अपनी खुशी का इजहार किया। अंजू के साथ-साथ चल रहे कारोबारी राजकुमार गोयल ने बताया कि यह पहली बार नहीं है।

90 साल के श्याम सुंदर अग्रवाल चांदनी चौक के राजकीय विद्यालय से निकल रहे थे। सजी-सजाई व्हील चेयर पर बैठे। वोट देने में किसी तरह की परेशानी का सवाल करने पर उल्टा सवाल कर दिया, कैसी परेशानी? पांच साल में यही अधिकार तो अपना है। अगर आज नहीं निकले तो आगे अपनी सरकार से शिकवा-शिकायत करने से क्या फायदा?

बचपन से दिव्यांग 45 साल की अंजू सरकार चुनने के अपने अधिकार का इस्तेमाल करके ही चैन लेती हैं।दिल्ली चुनाव में मताधिकार को लेकर दिव्यांग मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह दिया। बुजुर्ग भी इस मामले में पीछे नहीं रहे। बूथ तक पहुंचने के लिए किसी ने व्हील चेयर का सहारा लिया तो कोई अपने परिजन का हाथ पकड़कर मतदान केंद्र तक पहुंचा। जज्बे के साथ वोट देने निकले दिव्यांगो की जुबान पर अपनी सरकार चुनने का जोश था। सर्द मौसम और अशक्तता मतदान करने में आड़े नहीं आई। 

सिविल लाइंस के विक्टोरिया स्कूल में व्हील चेयर से पहुंचे महावीर ने कहा कि व्हील चेयर का सहारा है ना। वोट देने में कैसी परेशानी। हां, चुनाव आयोग अगर पोस्टल बैलेट घर पहुंचा देता तो थोड़ी सहूलियत मिल जाती। 
विज्ञापन

2 of 5
विनोद नगर के अनिल कुमार - फोटो : अमर उजाला

हादसे में जख्मी होने के बावजूद डाले वोट

विनोद नगर के अनिल कुमार का सड़क दुर्घटना में शुक्रवार को पैर टूट गया। एकबारगी उनको लगा कि वह वोट नहीं दे सकेंगे। लेकिन प्लास्टर लगाकर जब डॉक्टरों ने घर जाने को कहा तो उनको राहत मिली। सुबह वह विनोद नगर के स्कूल में वोट डालने पहुंचे।

बातचीत में अनिल कुमार बोले, पांच साल बाद     मौका मिला है, अगर इसको गवां दिया तो ऐसी सरकार मिलेगी, जिसे हमने नहीं चुना। ऐसी कोई कसर कम से कम आज के दिन छोड़ना ठीक नहीं है।
विज्ञापन

3 of 5
दिल्ली की सबसे उम्रदराज मतदाता कालीतारा मंडल (110 वर्ष) ने भी वोट डाले  - फोटो : ANI

दिल्ली की सबसे उम्रदराज मतदाता कालीतारा मंडल (110 वर्ष) ने भी वोट डाले 

दिल्ली की सबसे उम्रदराज मतदाता कालीतारा मंडल (110 वर्ष) ने भी वोट डाले। अपने वोट की ताकत से नई सरकार चुनने के लिए वह खासी उत्साहित नजर आईं। वोटिंग से पहले उनका कहना था कि जब से मुझे मतदाता पहचान पत्र मिला है, तब से ही मतदान कर रही हूं।

वोटिंग करने के बाद उन्होंने सभी नागरिकों से मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की। चितरंजन पार्क निवासी कालीतारा मंडल की कहानी आपको बहुत प्रेरित करेगी। कालीतारा मंडल की उम्र 110 साल है। वह अपने मताधिकार के प्रति आज भी जागरूक है। दिल्ली में 100 वर्ष से अधिक उम्र के 147 मतदाता हैं। 

4 of 5
अक्षत कुमार - फोटो : अमर उजाला

पुलिसकर्मियों ने   दिया सहारा

अक्षत कुमार को लकवा मार दिया है। वह द्वारका के राजकीय कन्या विद्यालय में बने मतदान केंद्र में व्हील चेयर पर पहुंचे। अक्षत को देखते हुए पुलिसकर्मी आगे बढ़े और सहारा दिया। बुजुर्ग महिला आशा देवी को भी पुलिस ने सहारा देकर वोटिंग करवाई।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
12 किमी सफर कर मतदान के लिए पहुंचा दिव्यांग - फोटो : अमर उजाला

12 किमी सफर कर मतदान के लिए पहुंचा दिव्यांग

नई सरकार चुनने के लिए मतदाताओं का उत्साह और जज्बा देखने लायक था। कहीं वोट देने के लिए पूरा परिवार पहुंचा तो कई ऐसे केंद्रों पर मतदान करने के लिए एक ही परिवार के सदस्य अपनी सहूलियत के मुताबिक पहुंचे। नजफगढ़ विधानसभा क्षेत्र स्थित एक बूथ पर एक दिव्यांग मतदान के लिए 12-15 किलोमीटर की दूरी तय कर ट्राइसाइकिल से पहुंचा।

उत्तम नगर विधानसभा क्षेत्र में सुबह से ही मतदाताओं की भीड़ नजर आई। मॉडल बूथ पर पहुंचने वाले मतदाताओं को कम इंतजार करना पड़ा, जिसकी सभी ने तारीफ की। बेहतर सुविधाएं दिए जाने से अब मतदान के लिए इंतजार का वक्त कम हो गया है। बुजुर्ग और युवा भी विकास के नाम पर वोटिंग करने पहुंचे,।

हर वर्ग और उम्र के मतदाताओं का जज्बा देखने लायक था। नांगलोई निवासी अतुल ने बताया कि वह पहले नजफगढ़ में रहते थे। शिफ्ट होने के बाद वोट दने के लिए ट्राइसाइकिल से 12 किलोमीटर से अधिक दूरी तय की। उनकी माने तो एक एक वोट की भूमिका अहम है, इसलिए मतदान के लिए पहुंचे। द्वारका के डीपीएस में वोट करने पहुंचे भवेश ने कहा कि विकास करने वाली पार्टी को वोट दिया है। 


चलने में असमर्थ, फिर भी वोट डालने पहुंचे 91 वर्षीय आबिद मिर्जा

दिल्ली विधानसभा चुनाव में बुजुर्ग लोगों ने भी बढ़-चढ़कर वोट दिया। मतदान केंद्रों पर 90  साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग भी वोट डालने आए ।  ओखला निवासी 91 वर्षीय आबिद मिर्जा, जामिया नगर के एक पोलिंग बूथ पर अपने पोते के साथ वोट डालने पहुंचे। वोट देने के बाद उन्होंने बताया कि सन 1957 में हुए लोकसभा चुनावों में उन्होंने पहली बार वोट डाला था। उसके बाद से लगातार वोट डालते आ रहे हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें