दिल्ली की जागीर कौर के वो 10 दिन जब वह जालंधर में थीं, उन्हें पता भी नहीं था कि उनके पीछे उनके पति के साथ क्या हुआ है। वह 21 फरवरी से 2 मार्च तक लगातार जालंधर से अपने पति को फोन करने की कोशिश करती रहीं लेकिन उनका हर प्रयास बेकार गया। पति का फोन न लगने पर वह बेटी देविंदर कौर को फोन लगाती थीं लेकिन उसका हर बार एक ही जवाब होता था। आगे पढ़िए कि जागीर कौर की बेटी उन्हें क्या बताती थी और अपने माता-पिता को मारने की साजिश उसने आखिर क्यों रची...