दिल्ली में एक साल पहले हुए बुराड़ी कांड के दर्द से राजधानी अभी तक उबर भी नहीं पाई, जिसमें एक ही घर से एक ही परिवार के 11 लोगों के शव एक साथ मिले थे। आज तक भी परिवार के 11 सदस्यों की मौत से पर्दा नहीं उठ पाया है। एक बार फिर से दिल्ली-एनसीआर में पूरे परिवार के खत्म होने के कई मामले सामने आए हैं। पिछले 15 दिन में चार ऐसी बड़ी वारदातें हुईं हैं, जिन्होंने दहला कर रख दिया है। ताजा मामला शुक्रवार को गाजियाबाद के मसूरी इलाके का है। आइए जानते हैं, पिछले 15 दिनों में अपनों ने कब-कब अपनों के खून से रंगे हाथ।
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महरौली हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
पहला मामला: महरौली में एक शिक्षक ने अपने ही परिवार को खत्म किया
राजधानी के महरौली में शुक्रवार देर रात(21-22 जून) एक शिक्षक ने पत्नी और तीन बच्चों को नींद की गोलियां देकर सुलाने के बाद उनकी गला रेतकर हत्या कर दी। चाकू और पत्थर काटने वाली मशीन से गला काटने के बाद आरोपी रातभर शवों के पास बैठा रहा। घटना का खुलासा होने पर आरोपी उपेंद्र कुमार शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया गया।
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मौके पर पुलिस और भारी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के मुताबिक मूलरूप से चंपारन (बिहार) निवासी शिक्षक परिवार के साथ वार्ड नंबर-2, महरौली में रहता है। वह ऊपर के कमरे में पत्नी अर्चना (35), बेटी रानिया (8), बेटा रौनक (5) और 40 दिन की बेटी रानी के साथ सोने गया था। उसकी सास ललिता देवी और भतीजी अनमोल दूसरे कमरे में सो रही थी। सुबह सास बेटी-दामाद को जगाने गई तो काफी देर तक दरवाजा खटखटाया। फिर शोच मचाने पर पड़ोसियों ने आकर दरवाजा खोला तो अंदर खून से लथपथ शव पड़े थे। शवों के पास उपेंद्र कमरे में ही मौजूद था।
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द्वारका में डबल मर्डर
- फोटो : अमर उजाला
दूसरा मामला: द्वारका के मोहन गार्डन में डबल मर्डर
द्वारका के मोहन गार्डन में शनिवार शाम (22 जून) को 7 बजे दृष्टिहीन हरि वल्लभ (51) और पत्नी शांति सिंह (47) की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। हरि वल्लभ कंझावला के सरकारी स्कूल में संगीत के शिक्षक थे। शनिवार शाम बेटी घर पहुंची तो माता-पिता को खून से लथपथ पाया। फौरन पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस कैट्स एंबुलेंस की मदद से दोनों को नजदीकी अस्पताल ले गई, जहां दोनों को मृत घोषित कर दिया गया।
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मोहन गार्डन हत्याकांड में पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
दृष्टिहीन संगीत शिक्षक और उसकी पत्नी की हत्या की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने उनके साथ घर में डेढ़ साल से रह रहे युवक और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर घर से लूटे 1.40 लाख रुपये, खून से सने कपड़े और चाकू बरामद कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया है कि वह दंपती की बेटी से शादी कर संपत्ति पर कब्जा करना चाहता था। दंपती को जब उसके शादीशुदा होने की जानकारी मिली तो उन्होंने बेटी की शादी किसी दूसरे से तय करने की कोशिश में जुट गए। जिससे परेशान होकर उसने दंपति को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
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तीसरी वारदात: वैज्ञानिक ने पत्नी और दो बच्चों की हत्या कर लगाई फांसी
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gurugram murder and suicide
- फोटो : सुदर्शन गर्ग
दिल्ली से सटे गुरुग्राम में सोमवार सुबह यह सनसनीखेज वारदात सामने आई। एक वैज्ञानिक ने अपने पूरे परिवार को मौत के घाट उतार दिया, और फिर खुद आत्महत्या कर ली। गुरुग्राम के सेक्टर-49 स्थित उप्पल साउथ एंड एस ब्लॉक के फ्लैट नंबर 299 में डॉक्टर प्रकाश सिंह(55) अपने परिवार के साथ रहते थे। उनके परिवार में पत्नी सोनू सिंह(50), बेटी अदिति(22) और बेटा आदित्य(13) थे। कोमल एक गैर सरकारी पाठशाला का संचालन करती थीं।
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gurugram murder and suicide
- फोटो : सुदर्शन गर्ग
अदिति जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय में बी-फार्मा की छात्रा थी, जोकि गुरुग्राम के बेस्टेक पार्क स्थित एक कंपनी में इंटर्नशिप कर रही थी। बेटा आदित्य डीएवी स्कूल में 9वीं कक्षा का छात्र था।
चौथी वारदात: गाजियाबाद में पत्नी और तीन बच्चों की हत्या कर की आत्महत्या
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विलाप करते हुए परिजन और मृतकों का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के न्यू शताब्दीपुरम में युवक ने तीन बेटियों और पत्नी की निर्ममता के साथ हत्या कर खुदकुशी कर ली। हथौड़े से पत्नी के सिर पर वार किए और तीनों बच्चियों के मुंह पर टेप चिपकाकर गला घोंट दिया गया। इसके बाद युवक ने अपने मुंह पर टेप चिपकाकर आत्महत्या कर ली। मृतक युवक की जेब से सुसाइड नोट मिला है। बताया गया कि युवक पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति से संबंध होने का शक करता था।
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विलाप करते हुए परिजन
- फोटो : अमर उजाला
मूलरूप से मेरठ के गांव अघैड़ा निवासी प्रदीप (37) पुत्र फेरुराम वर्तमान में न्यू शताब्दीपुरम माता-पिता, बहन, पत्नी संगीता (35) और बेटियों मनस्वी (8), यशस्वी (5) व ओजस्वी (3) के साथ रह रहा था। संगीता एम्स में स्टाफ नर्स थी। मनस्वी कक्षा तीन, यशस्वी कक्षा दो और ओजस्वी प्ले स्कूल में थी। शुक्रवार सुबह 4:30 के बाद बच्चियों के रोने की आवाज आने पर प्रदीप के पिता ने शोर मचाया। प्रदीप को दरवाजा खोलने के लिए कहा। उसने कहा कि कुछ देर रुको अभी दरवाजा खोलता हूं। कुछ ही देर में कमरे से आवाज आनी बंद हो गई। उन्होंने अंदर दरवाजा काफी देर तक बजाया, लेकिन कोई नहीं बोला।
पड़ोसियों को बुलाया और ऊपर जाकर देखा तो सभी बेड पर पड़े हुए थे। परिवार के लोगों ने पुलिस को 100 नंबर पर सूचना दी। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा तो पांचों के शव बेड पर पड़े थे। पुलिस ने बताया कि संगीता की सांसें चल रहीं थी। उसे संजय नगर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसने दम तोड़ दिया। परिजन प्रदीप व तीनों बच्चियों को डासना सीएचसी ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने सभी शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए।