delhi chipko movement
- फोटो : हिमांशु सोनी
सिर्फ दो दिन में यह अभियान काफी फैल गया है। विदेश से लोग और पर्यावरणविद् भी इसे समर्थन दे रहे हैं। इनमें ग्रीन सर्कल, दिल्ली ब्लू स्काइज, चेतना, न्यू दिल्ली व पदमश्री अपर्णा कौर, पर्यावरणविद् विक्रांत तोंगड़ और अनिल सूद समेत स्थानीय नागरिकों ने भी पार्क के पास विरोध दर्ज कराया। इस साझा अभियान में यह रणनीति बनी है कि पेड़ों को अब नहीं कटने दिया जाएगा। सभी बारी-बारी निगरानी करेंगे। नुक्कड़ नाटक, कैंडल मार्च, दौड़ प्रतियोगिता और अन्य तरीके से पेड़ों की कटाई का विरोध जारी रहेगा।