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और अब दिल्ली के मुख्य सचिव का कैंडल मार्च

Wed, 28 Feb 2018 09:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ हुई मारपीट के बाद चुनी हुई सरकार और अधिकारियों के बीच बढ़ी तल्खी खत्म होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। बुधवार को नाराज मुख्य सचिव खुद अपनी ही सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ सड़क पर उतरे। आईएएस एसोसिएशन समेत दिल्ली सरकार के दास, दानिक्स कैडर के अधिकारियों व कर्मचारियों ने दिल्ली सचिवालय से राजघाट तक कैंडल मार्च निकालकर विरोध जताया। एसोसिएशन ने एक बार फिर कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की माफी से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। शायद देश में यह पहला मौका है जब मुख्य सचिव को अपनी ही सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरना पड़ा हो। कैंडल मार्च के बाद सभी अधिकारी व कर्मचारियों ने राजघाट के गेट पर दो मिनट का मौन व्रत रखा।
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मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने कैंडल मार्च के बाद किसी भी तरह का बयान नहीं दिया। लेकिन मार्च में शामिल ज्वाइंट फोरम की सदस्य पूजा जोशी ने कहा कि हमें मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री की ओर से माफी से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। जब तक वह माफी नहीं मांगतें हैं हमारा विरोध इसी तरह जारी रहेगा। हम काम करेंगे लेकिन मुख्यमंत्री, मंत्री की बैठकों में शामिल नहीं होंगे। मार्च में शामिल अन्य अधिकारी आईएएस एस. एन. सहाय ने कहा कि हम किसी भी तरह से जनता का काम नहीं रुकने देंगे। हम पहले से ज्यादा काम करेंगे। 
बताते चलें कि केजरीवाल सरकार और अधिकारियों के बीच चल रहे विवाद के बीच मंगलवार को बजट को लेकर हुई कैबिनेट बैठक में मुख्य सचिव के शामिल होने फिर एलजी की चिट्ठी के बाद विवाद खत्म होने की उम्मीद बढ़ी थी। मगर बुधवार को आम आदमी पार्टी नेताओं की बयानबाजी और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की चिट्ठी से एक बार फिर तल्खी बढ़ गई है। 


 
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आईएएस, दास, दानिक्स कैडर एसोसिएशन के ज्वाइंट फोरम ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के उस बयान की निंदा की है जिसमें उन्होंने शिक्षा विभाग के सचिव को एक संगोष्ठी में नहीं आने पर टिप्पणी की थी। दरअसल दिल्ली में स्टेट काउंसिल फॉर एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग की दो दिवसीय संगोष्ठी मंगलवार को शुरू हुई थी। मंगलवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया उसमें पहुंचे थे। मगर शिक्षा सचिव विरोध के चलते उसमें नहीं गई। इस पर उन्होंने अधिकारियों व उनके एसोसिएशन की तुलना सास, बहु और ससुर से की थी। शिक्षा सचिव एक महिला हैं इस पर ज्वाइंट फोरम ने उपमुख्यमंत्री के इस बयान पर नाराजगी जताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। 
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