rajul murder case
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पकड़े जाने के डर से एक बदमाश ने राजुल के कंधे पर पीछे की ओर से सटाकर गोली चला दी। वारदात के बाद बदमाश फरार हो गए। राजुल ने चिल्लाकर परिजनों को आवाज दी, तो बेटी मुस्कान बाहर आई। उसने देखा कि पिता जमीन पर गिरे पड़े थे। उसने बाकी परिवार को बुलाया। परिजनों को समझ नहीं आया कि राजुल को गोली लगी है या कुछ और हुआ है। फौरन परिवार उन्हें अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि राजुल के पास से उनका बैग (जिसमें दो लाख रुपये थे) मौके से बरामद हुआ है। उनका मोबाइल भी उनके पास से मिला है। बदमाशों ने उन पर हमला क्यों किया, इसकी जांच की जा रही है। परिजनों के लूटपाट के आरोप की भी छानबीन की जा रही है।
पुलिस को मामले में दो कॉल मिली थी। पहली कॉल 10.15 बजे मिली, जिसमें कारोबारी को हार्ट अटैक की बात की कही गई थी, दूसरी कॉल 11.30 बजे शांति मुकुंद अस्पताल से गोली लगने की मिली। बाइक सवार दो बदमाशों ने गुत्थम-गुत्थी होने के बाद राजुल को गोली मारी। हत्या लूटपाट के लिए हुई या उसके कुछ और कारण हैं, इसकी छानबीन की जा रही है। -वेद प्रकाश सूर्या, उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त